शुक्रवार, 4 मई 2012

Har shbad me ik khani byan hoti hue


यमुनानगर में एक नाटक के मंचन के दौरान मंच पर प्रस्‍तुति देते कलाकार।
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MLN college me NSD ki aur se Play

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शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

सिद्धिविनायक संस्थान में रोजगार मेला आयोजित

 श्री सिद्धिविनायक  इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट सस्थान शाहपुर-बिलासपुर में एम.बी.ए. व इंजीनियरिंग  के विद्यार्थियों को बेहतर प्लेसमेंट (रोजगार) उपलब्ध कराने के लिए शाईन.कॉम के साथ  विश्वसनीय व विशाल नौकरी मेले का शुभारम्भ  राज नंदन व संस्था के सी.ई.ओ. व चैयरमेन डा0 एम. के. सहगल ने किया। डा0 सहगल ने बताया कि इस रोजगार मेंले में फयूचरोनिक्स ऑटोमेशन, ए टू सी स्किल, जे.एम.डी. ग्रुप, कैपजैमिनी, डीएलएफ ग्रुप, आई.डी. बी.आई., एच.सी.एल., अविवा ग्रुप  आदि कम्पनियों के प्रतिनिधि व मैनेजर मानव संसाधन ने विद्यार्थियों  के टेस्ट, जी.डी. व इंटरव्यू लिए। फयूचरोनिक्स ऑटोमेशन से आये प्रतिनिधि डिभारती चौधरी व रजनीश कुमार ने सर्वप्रथम प्रतिभागियों  का लिखित टेस्ट लिया जिसमें विद्यार्थियों से टेक्रीकल स्किल से संम्बन्धित सवाल जवाब किये गए। इस लिखित टेस्ट व इंटरव्यू 15 विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया।  कैपजैमिनी ग्रुप ने मोनिका, कृष्णा, नविका, नवीन, शिखा, निधि, हितेश को गुडगांव व साहिल, दिनेश, कनिका को बंगलौर आफिस के लिए चुना गया। अविवा ग्रुप से हितेश व रीतिका ने 12 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया। ए टू सी स्किल, ने लिखित टेस्ट व जी0डी0 के आधार पर 24 प्रतिभागियों को शार्टलिस्ट किया। कैपजैमिनी से वैभव महाजन, मैनेजर, जे.एम.डी. ग्रुप से राजेन्द्र शर्मा, सिनियर मैनेजर मानव संसाधन, डीएलएफ ग्रुप वरूण मेहरा, अभिमन्यु, मैनेजर, एच.सी.एल. ग्रुप से ऋषभ, मैनेजर व प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के प्रेजेन्टेशन, इंटरव्यू व जी.डी.  लिये।  उससे पहले उन्होने प्रतिभागियों को अपनी कम्पनी के बारे में विस्तुत जानकारी दी। संस्था के सी.ई.ओ. व चैयरमेन डा0 एम. के. सहगल ने बताया कि  संस्थान का उददेश्य विद्यार्थियों को  सही, बेहतर और अच्छे रोजगार दिलाना है ताकि विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सके। । 
डा0 सहगल ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के समय में लीडरशिप का गुण, लगन, परिश्रम और साथियों से मिलजुल कर काम करने वाले हमेशा कामयाब रहते है जो इस गुण का अपनाता है व कभी नाकामयाब नही होता। संस्था की महानिदेशक डा0 रजनी सहगल ने विद्यार्थियों को कहा कि संस्थान इस प्रकार के देश विदेश में अन्तराष्ट्रीय स्तर प्रसिद्ध कम्पनियों के प्रतिनिधियों को समय-समय पर बुलाया जा रहा है। एक अच्छा रिज्यूमे आपके नौकरी पाने के मौके को भुनाने में बहुत हद तक जरूरी है और आप अपने आप को किस तरह से व्यक्त करते है। रोजगार मेंले का आयोजन आपने आप में श्री सिद्धिविनायक संस्था द्वारा विद्यार्थियों को नौकरी दिलाने के लिए किए गये प्रयासो व गुणवत्ता से ओत-प्रोत राष्ट्रीय स्तर का स्तर दिखाता है। बिहार से पंकज, पंचकूला से दिप्ती व नितिका, रूडकी से नेहा, हरिद्वार से अंकिता और चण्डीगढ, दिल्ली, हिसार से आये प्रतिभागियों ने बताया कि सिद्धिविनायक संस्थान द्वारा किया गया विशाल नौकरी मेले में उन्हे यकीन है कि वे अपनी काबलियत के भरासों विभिन्न कम्पनियों से आये प्रतिनिधियों को संतुष्ट कर नौकरी पाने में सफल रहेगें। संस्थान के विद्यार्थियों के अलावा विभिन्न राज्यों व जिलों से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने इस नौकरी मेले में भाग लिया। प्रोफेसर अजय सिडाना, प्रोफेसर आर.सी. शर्मा, प्रोफेसर विपिन चोपडा एस.एस. राणा रजिस्टार, प्रदीप शर्मा आदि ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कल अविवा, बाएनरी  सेमैटिक्स, आइडिया फांउडेशन, रेडा एलकैमी आदि कम्पनियों के प्रतिनिधि प्रतिभागियों का इंटरव्यू लेंगे।

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गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

सीडीएल कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन

रक्तदान शिविर चौ० देवी लाल कालेज ऑफ आयुर्वेदा एंव हस्पताल जगाधरी तथा भारत विकास परिषद जगाधरी द्वारा सयुंक्त रूप से किया गया। इस रक्त शिविर का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन पंडित राम स्वरूप शर्मा तथा डा० वी० के० शर्मा , सी०एम०ओ० यमुनानगर द्वारा द्वीप प्रज्जवलित कर किया गया । इस शिविर मे लगभग 161 व्यक्तियों ने रक्त दान किया। इस रक्तदान शिविर में न केवल चौ० देवी लाल कालेज ऑक्त आयुर्वेदा एंव हस्पताल अपितु अन्य संस्थान बी०एड०, जे० बी०टी०, एम०बी०ए० के विद्यार्थियों एंव कर्मचारियों ने पुरा सहयोग दिया । इस रक्त दान शिविर में कालेज के मुख्य सचिव श्री० राजेन्द्र शर्मा  ने सभी कर्मचारियों एंव विद्यार्थियों कों रक्तदान के प्रेरित किया । उन्होने कहा कि रक्तदान के द्वारा ही एक मानव द्वारा दूसरे मानव का जीवन बचाया जा सकता है । रक्तदान करने से वयक्ति को आत्म सतोंष की प्राप्ति होती है । इस अवसर पर संस्थान के वाईस प्रैसिडैन्ट डा० महेश शर्मा , प्रधानाचार्य रविन्द्र गुप्ता, प्रशासक विरेन्द्र कौशल, दमन शर्मा, चिकित्साल्याध्यक्ष डा० ऋषिराज वशिष्ठ , संदीप शर्मा  तथा भारत विकास परिषद्  के प्रधान अशोक गर्ग , सरंक्षक डा० सतीश बंसल जी  तथा अन्य सदस्य  उपस्थित थे ।

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गणपति ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंस में वार्षिकोत्सव ‘उत्कर्ष-२०१२’

गणपति ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंस में पांचवे दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘उत्कर्ष-२०१२’ का शुभारंभ मु2य अतिथि माननीय अमेर सिंह ठाकुर, सीनियर प्रिंसीपल इंफोसिस ने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गणपति वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। आज प्रमुख टै1िनकल प्रतियोगिताओं में टै1िनकल पेपर प्रस्तुतिकरण, प्रोजे1ट डेमोंस्ट्रेशंस, डीबेट, सॉ3टवेयर डवैल्पमैंट, ग्रुप डिस्कशन, डिबगिंग सी, ए1सटै6पोर तथा फाईन आर्ट प्रतियोगिताओं में मेंहदी, रंगोली, फेस पेंटींग, टी-शर्ट पेंटींग, पोस्टर मेकिंग, नेल आर्ट, टैटू मेकिंग इत्यादि में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 
मु2य अतिथि अमेर सिंह ठाकुर ने कहा कि मेहनत की हुई हर क्षेत्र में रंग लाती है तकनिकी क्षेत्र में खोज की अपार संभावनांए हैं। मौजूदा सिस्टम में शिक्षा और उद्योग में भारी खाई है जिसे पाटने के लिये 1वालिटी एजूकेशन की आवश्यकता है। भारत में तैयार किये जा रहे ८० प्रतिशत इंजिनियर उद्योग के लिए उपयु1त नहीं हैं। यह आंकडा चिंताजनक है जिससे तकनीकि शिक्षा से जुडे उद्यमी ही दूर कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करने के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिस भी क्षेत्र में आप जाना चाहते हैं उससे संबंधित संपूर्ण जानकारी आपको अर्जित करनी चाहिए।
गणपति ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशंस के चेयरमैन चतरसिंह कश्यप ने मु2य अतिथि अमेर सिंह ठाकुर व विभिन्न संस्थानों से आए अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आहवान किया कि उन्हें प्रतियोगिता चाहे राष्ट्रीय स्तर पर हो या अंतराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना चाहिए ताकि उनमें छिपी हुई प्रतिभा का निखार हो। संस्थान के महासचिव सुभाष गौड ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया व संस्थान की मु2य गतिविधियों से उपस्थित जनों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को नए-नए विचारों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और विद्यार्थी अपनी कला में निखार ला सकते हैं और दूर-दराज के संस्थान से आए हुए विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठाकर विशेषता प्राप्त कर सकते हैं।
गणपति इंस्टीच्यूट ऑफ टै1नोलॉजी एंड मैनेजमैंट, कंप्यूटर सांईस एंड इंजिनियरिंग की छात्राओं महक व नीतिका ने ग्रुप डॉंस करके सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। श्री गणेश पोलीटै1िनक के इलै1िट्रकल इंजिनियरिंग के विद्यार्थी सज्जल ने सोलो सॉंग व विकास ने सोलो डांस प्रस्तुत किया। संजीव, सन्नी एंड टीम ने भांगडा प्रस्तुतिकरण से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। गणपति इंस्टीच्यूट ऑफ टै1नोलॉजी एंड मैनेजमैंट के डायरे1टर-प्रिंसीपल डा. ए.पी.सिंह ने उपस्थित सभी को गणपति शिक्षण संस्थान की उपल4िधयों के बारे में अवगत करवाया।  वार्षिकोत्सव ‘उत्कर्ष-२०१२’ के कन्वीनर प्रो. जगमोहन ऑबराय ने इस उत्सव को सफलतापूर्वक आयोजन के लिये कॉ-कन्वीनर प्रो.नरेंद्र राणा, प्रो.समीर शर्मा, प्रो.गुरबीर सिंह इत्यादि के सहयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि कल होने वाली प्रतियोगिताओं में टै1िनकल में जरनल 1वीज और कल्चरल में ग्रुप डॉंस, गायन प्रतियोगिता, मिमिकरी, सोलो डॉंस, सोलो गायन, कोरियोग्राफी, स्किट, वन ए1ट प्ले व फैशन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाऐगा। गणपति पोलीटै1िनक प्रिंसीपल प्रो.विकास धवन ने अंत में सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर संस्थान की मैनेजमैंट कमेटी के सदस्य नरेंद्र बिन्द्रा, मुनीष बिन्द्रा, नरेंद्र पुरी, विनोद पुरी, बी.बी.शास्त्री, संजय कश्यप, डायरे1टर डवैल्पमैंट प्रो.जगमोहन ऑबराय, डायरे1टर फाईनांस प्रो.सचिन गंभीर, गणपति इंस्टीच्यूट ऑफ एजूकेशन फॉर गल्र्स की प्रिंसीपल डा. उपमा शर्मा, प्रो.अजमेर सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो.नरेद्र राणा, प्रो.समीर शर्मा, प्रो. गुरबीर सिंह, रजिस्ट्रार सुरेन्द्र पॉल इत्यादि उपस्थित रहे। 





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हिंदू गर्ल्‍ज कॉलेज में विदाई समारोह



 हिंदू गर्ल्‍ज कॉलेज प्रांगण में एमए इंग्लिश और एमए सोस: की प्रथम वर्ष की छात्राओं ने द्वितीय वर्ष की छात्राओं को विदाई दी। कॉलेज प्राचार्या श्रीमती उज्‍ज्‍वल शर्मा ने बच्‍चों के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना करते हुए उन्‍हें आशीर्वाद दिया। 


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फिंगर प्रिंट टेस्ट से जान सकते हैं कैरियर

पर्सनैलिटी जन्मजात होती है, उसे विकसित तो किया जा सकता है, लेकिन बदला नहीं जा सकता। स्टूडेंट्स को चाहिए कि वे अपनी रूची के मुताबिक ही कैरियर का चयन करें, ताकि बुलंदियों को छू सकें। उक्त शब्द डीएवी गल्र्स कालेज में वाणिज्य व प्लेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में मैजिक ऑफ फिंगर टिप्स विषय पर आयोजित वर्कशाप के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ मल्टीपल इंटेलीजेंस टेस्ट हांगकांग की हरियाणा शाखा के डायरेक्टर रविंद्र पाल सिंह ने कहे। अध्यक्षता वाणिज्य विभागाध्यक्षा डा. सुरेंद्र कौर ने की।

रविंद्र पाल सिंह ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक भारत में हर साल १४००० हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स सुसाइड कर लेते हैं। ८० प्रतिशत स्टूडेंट्स अंडर स्ट्रेस रहते हैं। इन सभी चीजों के लिए काफी हद तक पेरेंट्स जिम्मेदार हैं। क्योंकि अभिभावकों द्वारा बच्चों पर पढ़ाई व कैरियर को चुनने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि हर बच्चे में अलग तरह की इंटेलीजेंस होती है, जिसमें वर्ड स्मार्ट, रीजनिंग स्मार्ट, पिक्चर स्मार्ट, बॉडी स्मार्ट, यूजिकल स्मार्ट, पीयूपल स्मार्ट, सेल्फ स्मार्ट व नेचर स्मार्ट शामिल है। इन सबका संबंध दिमाग के साथ होता है। इंटेलीजेंस के आधार पर ही कैरियर का चुनाव किया जाना चाहिए। डा. हार्वड गॉनर की थ्यूरी के मुताबिक फिंगर प्रिंट के जरिए किसी भी व्यक्ति की पर्सनैलिटी के बारे में बताया जा सकता है, ताकि वह उसके हिसाब से कैरियर का चयन कर सकें। स्नातक के उपरांत ९९ प्रतिशत विद्यार्थी कैरियर का चुनाव सही प्रकार से नहीं कर पाते। अकसर देखा जाता है कि अधिकांश विद्यार्थी दोस्तों या फिर परिवार के लोगों के मुताबिक कैरियर का चुनाव करते हैं। जबकि वे अपनी आंतरिक पर्सनैलिटी को सही प्रकार से नहीं पहचान पाते। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के बाद ही पर्सनैलिटी का पता चल सकता है। पर्सनैलिटी को पहचानने के लिए दोनों हाथों की उंगलियों का फिंगर प्रिंट लिया जाता है, जिसे लैब में डी टेस्ट के बाद परिणाम पर पहुंचा जा सकता है।
चार प्रकार की होती है पर्सनैलिटी-
रविंद्र पाल ने बताया कि पर्सनैलिटी चार प्रकार की होती है। जिसमें डव, मोर, उल्लू व बाज शामिल है। उन्होंने बताया कि डव पर्सनैलिटी के लोग ज्यादा मेहनती व फ्रैंडली नेचर के होते हैं। जबकि मोर पर्सनैलिटी के लोगों को बातें करना ज्यादा अच्छा लगता है और वे रिस्क लेने से नहीं घबराते। उल्लू पर्सनैलिटी के लोगों में मैथेमेटिकल व तर्कसिद्धता होती है। जबकि बाज पर्सनैलिटी के लोग दूसरों पर हावी होने का प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि पर्सनैलिटी को इंप्रूव तो किया जा सकता है, लेकिन बदला नहीं जा सकता। यह रिसर्च के जरिए प्रमाणित हो चुका है।
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जीएन खालसा कॉलेज में वार्षिक उत्सव का आयोजन

गुरु नानक खालसा कॉलेज के जन संचार एवं मीडिया प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा वार्षिक उत्सव "अनहद " का आयोजन किया गया . 
उत्सव की शुरुवात कार्यक्रम की मुख्य अतिथि  कॉलेज प्राचार्य डॉ. वीरेंदर कौर ने दीप जला कर की . उत्सव की अध्यक्षता कॉलेज के उप प्राचार्य प्रो. अमरजीत सिंह  ने की. उत्सव का विधिवत आरम्भ कॉलेज गान  " देहि शिवा वर मोहे ईह शुभ कर्मन ते कबहू न डरु " से हुआ . मौके पर विभाग अध्यक्ष डॉ. उदय भान सिंह ने मुख्य अतिथि का अनहद उत्सव में पहुँचने पर आभार प्रकट किया और कहा की कॉलेज प्रबंध समिति, प्रशासन और सम्पूर्ण कॉलेज परिवार की ओर से विभाग को पूरा सहयोग मिलता है ताकि कॉलेज के मीडिया विद्यार्थी न केवल सैधांतिक ज्ञान प्राप्त कर सकें बल्कि प्रक्टिकल जानकारी भी प्रभाव पूर्ण ढंग से पा सकें. डॉ. सिंह ने विभाग की उपलब्धिओं की जानकारी देते हुए बताया की तीन - चार सालों के अंदर ही विभाग ने कॉलेज, सामाज और विद्यार्थिओं के प्रति निष्ठा पूर्वक कार्य करते हुए अपनी उपस्थिति को प्रमाणित एवं सार्थक बनाया है. 
इसके साथ साथ विभाग से निकले विद्यार्थी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और चैनलों में महतवपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे है. इसके साथ साथ बहुत सारे मीडिया विद्यार्थी उच्चतर शिक्षा के लिए देश के अनेक मीडिया शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं. अनहद उत्सव जैसे शानदार आयोजन करने के लिए विभाग के विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. वीरेंदर कौर  ने कहा की मीडिया का काम बहुत ज्यादा मेहनत और ध्यान से  करने वाला होता है इसलिए मीडिया विद्यार्थी इस तरफ गंभीरता से ध्यान दें. इसके साथ साथ अपने जीवन में अनुशासन को खास महत्व दें क्योकि आप कितना भी अच्छा काम कर लें मगर अनुशासित नही हैं तो आप का प्रभाव फीका हो जायेगा. उन्होंने जोर  दे कर कहा  कि आज मीडिया के क्षेत्र में नौकरियों कि भरमार है मगर शर्त ये है कि इस क्षेत्र में आने वाले मीडिया तकनीक, ज्ञान व  समर्पण में निपूर्ण हो , तभी वह इस क्षेत्र में जा कर सफल हो सकतें है.
मौके पर विद्यार्थियों ने मन को छू लेने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. पेपर डांस के विजयेता रामरतन और नेहा रहे जबकि पोस्टर टिकली में ब्रिज मोहन ने बाजी मारी. इसी प्रकार अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित  किया गया. कार्यक्रम के दौरान बीएऍमसी फ़ाइनल कि मंदीप कौर और ब्रिज मोहन को मिस और मिस्टर का खिताब दिया गया जबकि मोनिका और सुमित को मिस और मिस्टर इव से नवाजा गया. इस अवसर पर सभी ने एक दूजे को स्नेह भरे उपहार दे कर बधाई और भावी जीवन के लिए शुभ कामनाएं दी. इस अवसर पर हितेष भारद्वाज , वंदना धीमान और विभिन्न विभागों के प्रमुख और  राष्ट गान के साथ उत्सव का सामपन हुआ.
 - Dr. Uday Bhan Singh
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गुरुवार, 12 अप्रैल 2012

डीएवी गर्ल्‍स कालेज में सीनियर्स के लिए विदाई समारोह

-पारूल ढिंगरा बनी मिस फेयरवेल-
-सवि मग्गो को मिला मिस ऑलराउंडर का खिताब-
-ढोल जगीरों दा ....पर जमकर लगे ठुमके-


डीएवी गल्र्स कालेज में वीरवार को सीनियर्स के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी थीम महफिल मुटियारां दी रही। इस दौरान छात्राओं ने पंजाबी गीतों पर जमकर ठुमके लगाएं। 
समारोह में पारूल ढिंगरा को मिस फेयरवेल तथा अंकिता को मिस ईव के खिताब से नवाजा गया। जबकि बीए मॉस कम्यूनिकेशन अंतिम वर्ष की छात्रा सवि मग्गो को मिस ऑलराउंडर का खिताब मिला। कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया तथा सीनियर्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डा. सुषमा आर्य ने कहा कि छात्राओं ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर तथा पदक जीतकर डीएवी गल्र्स कालेज का नाम भारत ही नहीं, अपितु, विश्व स्तर पर चमकाया है। जिन छात्राओं ने कालेज में तीन साल या फिर पांच साल तक पढ़ाई की है, उनके सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया है। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और परीक्षा में अच्छे मॉक्र्स प्राप्त करने का आशीर्वाद दिया। विदाई समारोह के दौरान प्रीति ने डोला रे डोला गीत पर डांस कर समां बांध दिया। वहीं शीतल ने मेरा झुमका उठाके लाया यार वे, आजा नच ले गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर पंडाल में माधुरी दीक्षित के डांस की यादों को ताजा कर दिया।


 कैटवॉक में सवि मग्गो, कृति शर्मा, रीना, सर्वजीत कौर, पारूल ढिंगरा, रूचि, हर्षा, स्मिता, आकांक्षा, विदुषी, अंकुर सहित २५ से ज्यादा छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने लक २० एट कुड़ी दा, ढोल जगीरों दा, मुंदरी बनाई फिरे, ओ ओ हनी सिंह, मिक्स भंगड़ा सहित अन्य पंजाबी गीतों पर छात्राओं ने गिद्दा प्रस्तुत कर माहौल में पंजाबियत घोल दी। मिस फेयरवेल, मिस ईव, मिस ऑल राउंडर व अन्य का चयन करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई गई। 






अंत में पारूल ढिंगरा को मिस फेयरवेल, अंकिता को मिस ईव, सवि को मिस ऑल राउंडर, हर्षा को मिस थीम, आकांक्षा को मिस ब्यूटीफुल स्माइल, विदुषी को मिस टैलेंटिड, अंकुर कांबोज को मिस पंचुवल के खिताब से नवाजा गया। टीचर्स के लिए आयोजित म्यूजिकल चेयर रेस में कॉमर्स विभाग की प्राध्यापिका मीनू गुलाटी विजेता रहीं। निर्णायक मंडल में डोली लांबा, नेहा सहगल, मीनू गुलाटी व पसमीन शामिल रहीं। 


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मंगलवार, 10 अप्रैल 2012

यमुनानगर में हुये ब्लॉगर सम्मेलन की अखबारों में धूम

गत रविवार को यमुनानगर में हुये चिट्ठाकार सम्मेलन की आज के समाचार-पत्रों में धूम रही। आइये नजर डालते हैं इस कार्यक्रम सम्बन्धी कुछ प्रमुख अखबारों की कतरनों पर।

दैनिक जागरण

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पंजाब केसरी

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दैनिक भास्कर

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अमर उजाला

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» अलग से समाचार देखें (यूनिकोड में)

हरिभूमि

» समाचार वाला पूरा पन्ना (बायीं तरफ Rohtak पर क्लिक कर पेज नं॰  12 पर जायें, पन्ने पर नीचे दायीं तरफ देखें)

दैनिक ट्रिब्‍यून

» दैनिक ट्रिब्‍यून के पेज नं0 4 पर न्‍यूज 
  
पूरा समाचार यमुनानगर-हलचल पर यहाँ पढ़ा जा सकता है।

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यमुनानगर में हुआ इंटरनेट हिंदी लेखक सम्मेलन

हमारे हाथ में इंटरनेट पर हिंदी रूपी ऐसी तलवार है जिससे हम बहुत कुछ कर सकते हैं लेकिन वास्तव में हम उससे घास ही खोद रहे हैं। उक्त बात ब्लॉगर  मिलन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यमुनानगर की प्रवासी साहित्यकार डॉ. कविता वाचक्नवी ने कही।

यमुनानगर में संपन्न हुए ब्लॉगर सम्मेलन में हिन्दी चिट्ठाकार (ब्लॉगर) एकत्रित हुये। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लंदन से पधारी साहित्यकार डॉ. कविता वाचक्नवी हिन्दी भारत नामक ब्लॉग की संचालिका हैं जिस पर हिन्दी भाषा, साहित्य एवं समसामयिक विषयों पर अपने विचार लिखती हैं और स्त्रीविमर्श की मुखर लेखिका हैं।

ब्लॉगिंग के द्वारा हिन्दी साहित्य के प्रसार के बारे में विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉगिंग अभिव्यक्ति का बेहतरीन माध्यम है। यहाँ पर हम खुद लेखक और खुद ही प्रकाशक हैं इसलिए विचारों की अभिव्यक्ति के बीच कोई बाधक नहीं है। सबसे बड़ी बात कि हमें बिना कुछ खर्च किए एक बड़ा पाठक वर्ग मिल जाता है। उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए इसके कंप्यूटरीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। आज की युवा पीढ़ी के लिए उन्होंने हिंदी की पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन पर  विशेष बल दिया। उन्होने कहा कि सरकार को कंप्यूटर के क्षेत्र में हिंदी समर्थन को अनिवार्य बनाना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि हिंदी उत्थान की दिशा में विदेशों में भारत की अपेक्षा अधिक काम हो रहा है क्योंकि वे हिंदी की मार्किट पर कब्जा जमाना चाहते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित  चिट्ठाकार गणित अध्यापक श्रीश बेंजवाल हिन्दी कम्प्यूटिंग विशेषज्ञ हैं तथा हिन्दी में ई-पण्डित नामक लोकप्रिय टैक्नोलॉजी ब्लॉग चलाते हैं। वे यमुनानगर के पहले हिन्दी ब्लॉगर हैं। डॉ॰ प्रवीण चोपड़ा रेलवे में चिकित्सक हैं तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सम्बन्धी ब्लॉग सेहतनामा और मीडिया डाक्टर चलाते हैं। दर्शनलाल बवेजा विज्ञान अध्यापक हैं, विज्ञान लेखन में सक्रिय हैं तथा विज्ञान गतिविधियाँ नामक ब्लॉग चलाते हैं। रविन्द्र पुंज ग्राफिक्स डिजाइनर हैं तथा यमुनानगर हलचल नामक न्यूज ब्लॉग और आरकेपुंज नामक ब्लॉग चलाते हैं। हिन्दी अध्यापक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उमेश प्रताप वत्स कवि एवं कथाकार हैं तथा उमेश का अखाड़ा नामक ब्लॉग लिखते हैं।

कार्यक्रम में हिन्दी ब्लॉगिंग के स्वरूप तथा प्रचार-प्रसार के बारे में विचार विमर्श हुआ। प्रवीण चोपड़ा तथा दर्शनलाल बवेजा ने विज्ञान एवं स्वास्थ्य ब्लॉगिंग सम्बंधी अपने अनुभव साझा किये। रविन्द्र पुंज ने ब्लॉग को पत्रकारिता के माध्यम के तौर पर प्रयोग करने सम्बंधी जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन उमेश प्रताप वत्स ने अपनी कविता से किया। यमुनानगर के हिन्दी ब्लॉगरों का प्रयास है कि इंटरनेट पर हिन्दी भाषा लोकप्रिय हो और अधिक से अधिक यमुनानगर वासी इससे जुड़ें।
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गौरतलब है कि ब्लॉग एक डायरी शैली की वेबसाइट होती है तथा ब्लॉग लिखने वाला ब्लॉगर कहलाता है। हिन्दी में ब्लॉग को चिट्ठा तथा ब्लॉगर को चिट्ठाकार कहा जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाय तो इंटरनेट को लेखन के माध्यम के तौर पर प्रयोग करने वाला ब्लॉगर कहलाता है।
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मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

तकनीक और जानकरी से अपने आप को योग्‍य और कुशल बनाएं - योगेंद्र

"मीडिया क्षेत्र में कार्यरत सभी लोगो को बदलते वक्त की तकनीक के  मुताबिक अपने आप को ढालने की जरुरत है ताकि वह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल रोजाना के कार्यों में  करते हुए वह बेहतर  परिणाम दे सकें . चाहे वह क्षेत्र फिल्म , कैमरा , फोटोग्राफी , एडिटिंग या अन्य क्षेत्र ही  क्यों न हो. हर जगह रोज बदलती तकनीक ने अपना कमाल दिखाना  शुरू कर दिया है, इसलिए मीडिया के विद्यार्थियों को भी कहिये वह अपने क्षेत्र की नयी तकनीक और जानकरी हासिल कर के अपने आप को पूरी तरह से योग्य और कुशल  बनाये ताकि उनका निष्पादन , गुणवत्ता पूर्ण साबित  हो सके . " 
यह बात दूरदर्शन के सेवा निवृत चीफ प्रोडूसर और देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों के मुख्य मीडिया प्रिशिक्षक श्री योगेंदर नाथ जौहरी ने गुरु नानक खालसा कॉलेज के जनसंचार एवं मीडिया प्रोदोयोगिकी विभाग के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मीडिया वर्कशॉप के समापन अवसर पर मीडिया विद्यार्थियों  को संबोधित करते हुए कहे . श्री जौहरी ने कहा की सच्चा विद्यार्थी वही है  जो जरुरत की बातों को मन  लगा कर सीखे और अपना ज्ञान बढ़ा सके ताकि उस ज्ञान और अनुभव के  आधार पर विद्यार्थी अपने जीवन का मजबूती से निर्माण कर सके . वर्क शॉप के अंतिम दिन श्री जौहरी ने मीडिया विद्यार्थियों  को कैमरों के संचालन की बारीकियों और अन्य पहलुओ पर विस्तार से जानकारी दी. इस से पूर्व इस वर्कशॉप की शुरवात देश के जाने माने विडियो और फोटोग्राफर डी मेंक्कुंन ने की. मौके पर उन्होंने मीडिया विद्यार्थियों को विडियोग्राफी  और फोटोग्राफी की महत्वपूर्ण  और बारीक़ जानकारी देते हुए कहा की एक ईमानदार और लगनशील विडियोग्राफर  और फोटोग्राफर एक मृतप्राय विषयवस्तु में जान फूंक सकता है. उन्होंने कहा की एक जीवंत फोटोग्राफी के लिए वक्त की कोई सीमा नही होती. उन्होंने डिसकवरी, हिस्टरी और नेशनल जेओग्राफी जैसे  चैनलों  का उदाहरण  देते हुए  बताया की इन चैनलों  में दिखाए जाने वाले दुर्लभ दृश्य एक फोटोग्राफर, विडियोग्राफर कितनी मेहनत के साथ कवर करता होगा इसकी कल्पना हम सहज ही कर सकते हैं .ऐसी ही मेहनत  एक फोटोग्राफर को आकाश  की तामाम बुलंदियों तक पंहुचा  कर उसे बेश कीमती बना देती है.वर्कशॉप में उन्होंने विद्यार्थियों को हाथों हाथ प्रशिक्षण भी दिया.
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इस वर्कशॉप में दूरदर्शन के सेवा निवृत इलेक्ट्रोनिक मीडिया एडिटर और 'भारतीय सिनेमा का विकास' विषय पर बहु र्चित वृत्तचित्र बनाने वाले राजेन्द्र  कुमार  सूद ने मीडिया विद्यार्थियों को एडिटिंग की विधा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पहले एडिटिंग का मतलब केवल लिपी या आलेखों की कांट- छांट करना और सूधार करना माना जाता था. मगर अब संपादन की  अवधारणा  इलेक्ट्रोनिक मीडिया और चैनलों  के कारण बदल गई है . अब संपादन का मतलब है अवांछित चित्रों और आवाजों को मिटाना और प्रभाव पूर्ण  चित्रों और दृश्यों के संयोजन से पूरी मीडिया सामग्री को अर्थ पूर्ण बनाने से है ताकि विषय वस्तु का उद्देश्य और सन्देश सार्थक हो सके . श्री सूद ने मौके पर ही आवाज और प्रकाश के प्रयोगों व प्रभावों के बारे में भी ढ़ेर सारी जानकारी दी. इस वर्क शॉप के अंतिम दिन कॉलेज  प्राचार्य डॉ. वीरेंदर कौर ने सभी विद्वानों का स्वागत किया और इलेक्ट्रोनिक मीडिया से सम्बंदित तामाम जानकारियां देने के लिए कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान सरदार भूपेंदर सिंह जौहर और पूरे कॉलेज परिवार की और से आभार प्रकट किया. डॉ.  कौर ने  यह  भी बताया  कि इस प्रकार के उपयोगिता पूर्ण कर्यशालयों का आयोजन बहुत जल्द और भी किया जायेगा ताकि मीडिया विद्यार्थी मीडिया क्षेत्र में उपयोग हो रही तकनीकों और कौशलों में पारंगत हो कर अपने पैरों पर खड़े हो सके और देश के नव निर्माण में अपना योगदान दे सकें. उन्होने मौके पर यह भी बताया की बहुत  जल्द विश्व विद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से 'मीडिया मैनेजमेंट' नामक सौ प्रतिशत रोज़गार उन्मुख पाठ्यक्रम की शुरवात की जा रही है. ताकि मीडिया में रूचि रखने वाले विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम को  पूरा कर के अपना योगदान दे सकें.  प्राचार्य ने समापन सत्र में अतिथि विद्वानों को स्मृति चित्र दे कर सम्मानित किया. राष्ट्र-गान जन गन मन के साथ इस तीन दिवसीय मीडिया वर्कशॉप का समापन हुआ.
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 २,  अप्रैल  २०१२, Dr. Uday Bhan Singh
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निजी स्कूलों में एबीसीडी सीखना हुआ महंगा

अभिभावकों से फीस, यूनिफार्म व किताबों के नाम पर हो रही वसुली

निजी स्कूलों में नन्हें बच्चों के लिए एबीसीडी सीखना एमए की पढ़ाई से ज्यादा महंगा हो गया है। निजी स्कूल संचालक प्री नर्सरी में दाखिले के नाम पर अभिभावकों से 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक फीस वसुल कर रहे हैं। इसमें यूनिफार्म, किताब तथा अन्य फंड शमिल नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि जब तक स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग द्वारा शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक उनकी मनमानी यूं ही जारी रहेगी। 
यमुनानगर जिले में 250 से ज्यादा निजी स्कूल हैं, जिनमें इन दिनों प्री नर्सरी के दाखिले हो रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए एक स्कूल से दूसरे स्कूल में चक्कर काट रहे हैं। निजी स्कूल संचालक प्री नर्सरी में दाखिले के नाम पर अभिभावकों से 10 हजार से लेकर 50 हजार तक वसुल कर रहे हैं। जबकि एमए की एक साल की पढ़ाई करने में भी 5 से 8 हजार रुपए खर्च आता है। इससे साफ जाहिर है कि निजी स्कूलों में एबीसीडी सीखना एमए की पढ़ाई करने से कितना महंगा हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर एक निजी स्कूल के संचालक ने बताया कि उनके यहां प्री नर्सरी में दाखिले के लिए 20 हजार रुपए लिए जाते हैं। जबकि यूनिफार्म व किताबों का खर्च अलग से हैं। इसके सिक्योरिटी फंड, बिल्डिंग फंड व अन्य फंड का पैसा भी अलग से लिया जाता है। उन्होंने बताया कि दाखिला होने के बाद अगर कोई बच्चा स्कूल छोडक़र दूसरे स्कूल में जाना चाहता है, तो फीस रिफंड करने का प्रावधान नहीं है। 
डे्रस व किताबों के नाम पर लूट-
अभिभावक सुरेश कुमार, अनीता, सुषमा, नीति कौर व अश्वनी का कहना है कि निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से बच्चों की डे्रस व किताबों के नाम पर मोटी रकम वसुल रहे हैं। बच्चों की दो डे्रसिज की एवज में जहां 2000 रुपए लिए जा रहे हैं, वहीं किताबों के नाम पर 1500 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक वसुले जा रहे हैं। इतना ही नहीं निजी स्कूल संचालक अभिभावकों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें थमा रहे हैं। जबकि शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूल संचालकों को हिदायत दी हुई है कि वे बच्चों को एनसीआरटी की ही किताबें पढऩे के लिए दें। 
नहीं की जाती सिक्योरिटी वापिस-
निजी स्कूल संचालक दाखिले के समय बच्चों से जो सिक्योरिटी लेते हैं,उसे बाद में वापिस नहीं किया जाता। अभिभावक विकास कुमार,विनोद कुमार व अजय कुमार ने बताया कि बच्चे के दाखिले के समय 1000 से लेकर 2000 रुपए तक सिक्योरिटी ली जा रही है। इतना ही नहीं जिस कक्षा में 30 से 40 बच्चें होने चाहिए, उसमें 60 से 70 बच्चें बिठाए जा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों को स्कूलों में कैसे पढ़ाया जा रहा है। 
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निजी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हुए हैं कि वे अपने यहां प्राइवेट पब्लिशर्स के स्थान पर एनसीआरटी की ही किताबें पढ़ाए। जिन स्कूल संचालकों ने अपने यहां पर प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें बेची हैं, उनकी लिस्ट मंगवाई जा रही है। ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सकें - जगजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी, यमुनानगर। 
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हवन यज्ञ से किया सत्र का शुभारं

जगाधरी। एसडी पब्लिक स्कूल में नए सत्र का शुभारंभ हवन यज्ञ से हुआ। जिसमें विद्यार्थियों ने पूर्णाहुति डाली। स्कूल प्रिंसिपल ऊषा शर्मा व मुख्याध्यापिका अनु धवन ने यज्ञ का श्री गणेश किया। पंडित ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ की अग्नि प्रज्ज्वलित की। 
स्कूल प्रिंसिपल ऊषा शर्मा ने कहा कि यज्ञ हमारी संस्कृति का परिचायक है। इससे जहां वातावरण शुद्ध होता है,वहीं मनुष्य में सात्विक प्रवृतियां जागृत होती है। यज्ञ से हमें श्रेष्ठ कार्य करने की शक्ति तथा उत्साह प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्ता होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे कार्य की शुरूआत हवन यज्ञ से की जानी चाहिए, ताकि पूरा साल विद्यार्थियों में सुख समृद्धि बरकरार रहे। मौके पर प्रबंधन समिति सदस्य व सभी टीचर्स उपस्थित रहे। 

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अंतर्रांष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल का भव्य आगाज


फिल्म देखने का नजरिया बदलेगा अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल: कुलपति
भ्रष्टाचार के खात्में के लिए फिल्मों में सामाजिक संवेदनशीलता जरूरी: शाह 
इमानदारी के साथ काम करें मंजिल जरूर मिलेगी: सीमा बिश्वास
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डॉ डीडीएस संधु ने कहा है कि सिनेमा किसी भी समाज में लोगों का नजरिया बदलनें की क्षमता रखता है। इसलिए कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रांगण में हो रहे इस अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म उत्सव के आयोजन से लोगों का सिनेमा देखने का नजरिया बदलेगा और हरियाणा में एक नई तरह की फिल्म संस्कृति का विकास होगा। वे मंगलवार को विश्वविद्यालय के आर के सदन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय मीडिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फैस्टीवल के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व कुलपति लै जनरल डीडीएस संधु जाने माने फिल्म निर्देशक कुंदन शाह, अभिनेत्री सीमा बिश्वास ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। 

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डीडीएस संधु ने कहा कि मीडिय़ा समाज को प्रभावित करता है और सिनेमा मीडिया का एक महत्वपूर्ण अंग है इसीलिए लोगों में सिनेमा को देखने का नया नजरिया पैदा करने के लिए केयू ने इस अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म उत्सव का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित इस फिल्म उत्सव से हरियाणा के लोगों में सिनेमा को देखने का एक अलग नजरिया पैदा होगा जिससे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में भविष्य में हरियाणा का योगदान साफ देखा जा सकेगा।  विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित मीडिया फिल्म समारोह की श्रृंखला आने वाले समय में भी देखने को मिलेगी और इसके लिए उनके स्तर पर जो भी संभव प्रयास होगे वह वे करेंगे। 
         उन्होंने कहा कि सिनेमा और टीवी को एक ही मंच पर रखना चाहिए इन्हें हम अलग-अलग नहीं कर सकते 1योंकि ये एक दूसरे के पूरक हैं। टेलीविजन सिनेमा से ४० गुणा बड़ा है।  सिनेमा सीधे-सीधे हमारे समाज को प्रभावित करता है ऐसे में इसकी नैतिक जि6मेवारी और अधिक बढ़ जाती है और सिनेमा जगत से जुड़े लोगों को चाहिए कि वे अच्छी फिल्मों के माध्यम से समाज निर्माण में अपनी भूमिका से न्याय करें। 
         मशहूर फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक कुंदन शाह ने कहा कि फिल्म निर्माण में आज हमारा देश अग्रणी है। हमारे देश में प्रतिवर्ष १००० से अधिक फिल्मों का निर्माण हो रहा है जिसका कारोबार २००० करोड़ से भी अधिक है।  उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद भी हमारी फिल्मों में वो गुणवता दिखाई नहीं देती जिसकी समाज उससे अपेक्षा रखता है। फिल्म निर्देशक शाह के अनुसार आज किसी भी क्षेत्र में सच बोलना बड़ा मुश्किल हो गया है खासकर मीडिया के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों की नैतिक जि6मेदारी है और हम इसको निभाने से पीछे नहीं हट सकते।  श्री शाह के अनुसार हम सब बिमार समाज में जी रहे हैं जिसकी दवा के रूप में मीडिया व सिनेमा को एक साथ होना होगा। 
         २००० संगीत नाटक अकादमिक अवार्ड से सुशोभित एवं अदाकारा सीमा बिश्वास ने कहा कि हरियाणा की पहचान उनकी नजरों में कुछ और थी लेकिन यहां आकर पता चला कि हरियाणा के लोग अपने मेहमानों का स्वागत कैसे करते हैं। 
         उन्होंने कहा कि हरियाणा की युवा पीढी में वो जज्बा है जो हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है। फिल्म उद्योग में भी हरियाणा के युवाओं के लिए काफी संभावनाएं हैं और मुझे आशा है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा में एक ऐसी फिल्म संस्कृति का विकास होगा जो देश के सिनेमा इतिहास के लिए मिशाल बनेगी। 
स्वीडन से पहुंचे सिनेमा विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर एच ड4ल्यू वैस्लर ने हिन्दी में अपने भाषण की शुरूआत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय सिनेमा को पसंद किया जा रहा है। जर्मनी, इंगलैंड सहित कई अन्य युरोपिय देशों में भारतीय सिनेमा को पसंद करने वालों की सं2या निरंतर बढ रही है। भारतीय सिनेमा के प्रभाव के कारण ही हॉलीवुड की फिल्में भारत में कई कई भाषाओं में डब कर रिलीज की जा रही हैं।  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फिल्मों के प्रसंशकों ने फिल्म कल्ब व फिल्म मैगजीन जैसी संस्थाएं बन रही हैं जो निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा के विकास का आइना है। उन्होंने इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को बधाई दी।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर राजबीर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल का आयोजन विश्वविद्यालय व संस्थान के लिए गर्व का विषय है। मीडिया फिल्म समारोह का उददेश्य हरियाणा में फिल्म संस्कृति को बढावा देना है।  फिल्म उद्योग में अपार संभावनाएं हैं लेकिन हरियाणा अभी इस क्षेत्र में काफी पीछे है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के आयोजन से युवाओं को एक नई दिशा मिलेगी और वे एक नए क्षेत्र में अपने लिए संभावनाएं खोज सकेंगे। विश्वविद्यालय के लिए यह एक ऐतिहासिक ल6हा है जब सीमा विश्वास, फिल्म निर्देशक कुंदन शाह सहित कई बड़ी हस्तियां विश्वविद्यालय के समारोह में शामिल हो रही हैं जो वास्तव में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
फिल्म फैस्टीवल के निदेशक अजीत राय ने इस मौके पर अंतराष्ट्रीय मीडिया फिल्म फैस्टीवल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि अगले पांच दिनों में विश्वविद्यालय के इस महोत्सव में २५ से अधिक अंतराष्ट्रीय स्तर की फिल्में दिखाई जाएंगी और पांच सौ से अधिक विद्यार्थी इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने इस समारोह के भव्य आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डॉ डीडीएस संधु व संस्थान के निदेशक प्रो राजबीर सिंह को बधाई दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के डीन एकेडमी अफेयर डॉ गिरिश चौपड़ा, जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रो ब्रिजेश साहनी, युवा एवं सांस्कृतिक कल्याण विभाग के निदेशक अनुप लाठर, विभिन्न विभागों के चेयरमैन सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
कुलपति ने किया प्रर्दशनी का उदघाटन
         कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति लै जनरल डीडीएस संधु ने भारतीय फिल्मों में संगीत के गौरवशाली इतिहास को बयां करती प्रदर्शनी का उदघाटन किया।
         इस प्रदर्शनी में भारतीय संगीत के ऐतिहासिक सफर को पोस्टरों के माध्यम से बड़े सुंदर अंदाज में बयां किया गया है।
         नेशनल फिल्म आरकाइव ऑफ इंडिया के सौजन्य से आयोजित की गई यह प्रदर्शनी दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केन्द्र है।

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सोमवार, 2 अप्रैल 2012

गुरू नानक खालसा कालेज ने कब्‍जाया तीसरा स्‍थान

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फर्स्‍ट एड ट्रेनिंग का बैच होगा शुरू

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ठेकों के सामने विरोध प्रदर्शन

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read more "ठेकों के सामने विरोध प्रदर्शन"

न्‍यायिक हिरासत में भेजा

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»õÚUÌÜÕ ãñU ç·¤ …æÆUÜæÙæ ÂäçÜâ Ùð æä¼üÕÙ çÙßæâè â䁿çߢý çâ¢ãU ©UÈü¤ çÅU^U ·¤æð 28 ç¼â¢ÕÚU 2005 ·¤æð ׿ÚUÂèÅU ß …ææÙ âð ׿ÚUÙð ·¤è Ï×·¤è ¼ðÙð ·ð¤ ¢¥æÚUæð ×ð´ ç»ÚUÌæÚU ç·¤Øæ ÍæÐ ¥¼æÜÌ Ùð ¥æÚUæðÂè ·¤æð …æ×æÙÌ ÂÚU çÚUãUæ ·¤ÚU ç¼Øæ Íæ ×»ÚU Âðàæè ·ð¤ ¼õÚUæÙ ¥æÚUæðÂè ¥¼æÜÌ ×ð´ Âðàæ ÙãUè´ ãä¥æÐ ç…æâ ÂÚU ·¤æÚüUßæ§üU ·¤ÚUÌð ãUä° ¥¼æÜÌ Ùð ¥æÚUæðÂè ·¤æð 23 ÙߢÕÚU 2011 ·¤æð Ö»õǸUæ ƒæôçáÌ ·¤ÚU ç¼Øæ ÍæÐ ¥æÚUæðÂè ÌÖè âð ȤÚUæÚU ¿Ü ÚUãUæ ÍæÐ
read more "न्‍यायिक हिरासत में भेजा"

पशु तस्‍कर गिरफ्तार

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ÂäçÜâ âå˜ææð´ âð ç×Üè …ææÙ·¤æÚUè ·ð¤ ¥ÙäâæÚU àæãUÚU …æ»æÏÚUè ÂäçÜâ ·¤æð âå¿Ùæ ç×Üè Íè ç·¤ ·ä¤ÀU ÂàæäÌS·¤ÚU ×ßðçàæØæð´ ·¤æð ×çã¢U¼ýæ ç·¤¥Â ×ð´ ÖÚU·¤ÚU ¥¢ÕæÜæ-…æ»æÏÚUè ׿»ü âð ÌS·¤ÚUè ·ð¤ çܰ ØåÂè Üð·¤ÚU …ææ ÚUãðU ãñ´UÐ âå¿Ùæ ç×ÜÌð ãUè ÂäçÜâ Ùð …æ»æÏÚUè Õâ SÅñ´UÇU ·ð¤ Ù…æ¼è·¤ Ùæ·¤æ ܻ淤ÚU ßæãUÙæð´ ·¤è …ææ¢¿ ·¤ÚU àæäM¤ ·¤ÚU ¼èÐ ·ä¤ÀU ¼ðÚU Õæ¼ ¥æÚUæðÂè ÂàæäÌS·¤ÚU ×ßðçàæØæð´ ·¤æð ×çãU¢ýæ ç·¤¥Â ×¢ð ÖÚU·¤ÚU ×õ·ð¤ ÂÚU ÂãäU¢¿ »°Ð ÂäçÜâ Ùð …æÕ ßæãUÙ ·¤æð ÚUô·¤·¤ÚU ¿ñ·¤ ç·¤Øæ Ìæð ©Uâ×𢠿æÚU õ´âð¢ ß °·¤ ·¤ÅUǸUæ Æå¢Uâ-Æå¢Uâ ·¤ÚU ÖÚÔU ãäU° ‰æðÐ ÂäçÜâ Ùð ×ßðçàæØô´ ·¤æð ×äQ¤ ·¤ÚUßæ·¤ÚU ¥æÚUæðÂè ÂàæäÌS·¤ÚUæð´ ·¤æð ç»ÚUÌæÚU ·¤ÚU çÜØæÐ ÂåÀUÌæÀU ·ð¤ ¼õÚUæÙ ¥æÚUæðÂè ÂàæäÌS·¤ÚUæð´ ·¤è ÂãU¿æÙ ç¿Ü·¤æÙæ çÙßæâè ׿ðãU×¼ ×æç…æ¼ ß âãUæÚUÙÂäÚU çÙßæâè ׿ðãU×¼ â·¤èÚU ·ð¤ M¤Â ×ð´ ãä§üÐ ÂäçÜâ Ùð ¥æÚUæðÂè ÂàæäÌS·¤ÚUæð´ ·¤æð ¥¼æÜÌ ×ð´ Âðàæ ·¤ÚU ç¼ØæÐ
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एक्‍सीडेंट

»æ¢ß ×ä·¤æÚU×ÂäÚU ·ð¤ Ù…æ¼è·¤ âæð×ßæÚ ¼æðÂãUÚU ãäU§üU ·¤æÚ ß ×æðÅUÚUâæ§Uç·¤Ü ·¤è çÖ¢ÇUÌ ×ð´ °·¤ ×çãUÜæ ·¤è ×õÌ ãUæð »§üU …æÕç·¤ ׿ðÅUÚUâæ§Uç·¤Ü ÂÚU âßæÚU °·¤ ¥‹Ø ×çãUÜæ â×ðÌ ¼æð Üæð» ƒææØÜ ãUæð »°Ð ƒææØÜæð´ ·¤æð §UÜæ…æ ·ð¤ çܰ …æ»æÏÚUè ·ð¤ çâçßÜ ¥SÂÌæÜ ×ð´ ÖÚUÌè ·¤ÚUßæØæ »ØæÐ ÂäçÜâ Ùð àæß ·¤æð ·¤Ž…ô ×ð´ Üð·¤ÚU ÂæðSÅU׿ÅüU× ·ð¤ Õæ¼ ÂçÚU…æÙæð´ ·¤ô âõ´Â ç¼ØæÐ ÂäçÜâ Ùð ¥æÚUæðÂè ·¤æÚU ¿æÜ·¤ ·ð¤ çæÜæÈ¤ ׿×Üæ ¼…æü ·¤ÚU çÜØæ ãñUÐ
ÂäçÜâ âå˜ææð´ âð ç×Üè …ææÙ·¤æÚUè ·ð¤ ¥ÙäâæÚU »æ¢ß »æðÜÙè çÙßæâè âÈ¤æ·¤Ì ¥Üè ¥ÂÙè 26 ßáèüØ Â%è ãUâèÙæ ß ×æ¢ ·ð¤ âæÍ âæð×ßæÚU ¼ôÂãUÚU ׿ðÅUÚUâæ§Uç·¤Ü ÂÚU âßæÚU ãUæð·¤ÚU ç·¤âè ·¤æ× âð …æ»æÏÚUè …ææ ÚUãðU ‰æðÐ ÚUæSÌð ×ð´ »æ¢ß ×ä·¤æÚU×ÂäÚU ·ð¤ Ù…æ¼è·¤ ÂèÀðU âð ¥æ ÚUãUè ׿M¤çÌ ·¤æÚU Ùð ׿ðÅUÚUâæ§Uç·¤Ü ·¤æð ÅUP¤ÚU ׿ÚU ¼èÐ ç…æââð ãUâèÙæ ·¤è ×õ·ð¤ ÂÚU ãUè ×õÌ ãUæð »§üUÐ ×ôÅUÚUâæ§Uç·¤Ü ÂÚU âßæÚU âÈ¤æ·¤Ì ¥Üè ß ©Uâ·¤è ׿¢ »¢ÖèÚU M¤Â âð ƒææØÜ ãUæð »°Ð ¥æÚUæðÂè ·¤æÚU ¿æÜ·¤ ×õ·ð¤ âð ȤÚUæÚU ãUæð »ØæÐ Üæð»æð´ Ùð ƒææØÜæð´ ·¤æð ÌäÚ¢UÌ §UÜæ…æ ·ð¤ çܰ ¥SÂÌæÜ ×ð´ ¼æçæÜ ·¤ÚUßæØæÐ âå¿Ùæ ç×ÜÌð ãUè ÂäçÜâ Ùð ×õ·ð¤ ÂÚU Âãä¢U¿·¤ÚU àæß ·¤æð ·¤Ž…ô ×ð´ Üð·¤ÚU ÂæðSÅU׿ÅüU× ·ð¤ Õæ¼ ÂçÚU…æÙæð´ ·¤æð âõ´Â ç¼ØæÐ ÂäçÜâ Ùð ¥™ææÌ ¥æÚUæðÂè ·¤æÚU ¿æÜ·¤ ·ð¤ çæÜæÈ¤ ׿×Üæ ¼…æü ·¤ÚU çÜØæ ãñUÐ
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मंदिर श्री लाल द्वारा में नौंवी नगर शोभायात्रा

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×¢ç¼ÚU ·¤×ðÅUè ·ð¤ ÂýÏæÙ Â凿ü¿¢¼ ×ðãUÌæ ß ×ãUæâç¿ß âäÚU…æèÌ ×ðãUÌæ Ùð ÕÌæØæ ç·¤ âÌ»äM¤ ÕæÕæ ÜæÜ ¼ØæÜ …æè ×ãUæÚUæ…æ ŠØæÙÂäÚU ßæÜæð´ ·ð¤ 657ßð´ …æ‹×ç¼ß⠷𤠥ßâÚU ÂÚU âæÌ ¥ÂýñÜ ·¤æð àææðÖæØæ˜ææ çÙ·¤æÜè …ææ°»è …ææð ç·¤ ·ñ¤ÙæÜ ÚñUSÅU ãU檤â âð àæäM¤ ãUæð»è ÌÍæ ÚÔUÜßð SÅðUàæÙ, ¥»ýâðÙ ¿õ·¤, ȤÃßæÚUæ ¿õ·¤, ŒØæÚUæ ¿õ·¤ âð ãUæðÌð ãäU° ×¢ç¼ÚU Âý梻‡æ ×𴠥淤ÚU â¢Âóæ ãUæð»èÐ àææðÖæØæ˜ææ ·¤è ¥»äßæ§üU ŸæèŠØæÙÂäÚU »gUè ·ð¤ 15ßð´ ×ã¢UÌ ÚUæ×â䢼ÚU ¼æâ …æè ×ãUæÚUæ…æ ·¤ÚÔ´U»ðÐ
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read more "मंदिर श्री लाल द्वारा में नौंवी नगर शोभायात्रा"

मुकंदलाल पब्लिक स्‍कूल में नए सत्र का शुभारंभ

×ä·¢¤¼ÜæÜ ÂçŽÜ·¤ S·å¤Ü ×ð´ âæð×ßæÚU ·¤æð Ù° â˜æ ·ð¤ àæäÖæÚ¢UÖ ¥ßâÚU ÂÚU »‡æÂçÌ ß âÚUSßÌè Âå…æÙ ç·¤Øæ »ØæÐ §Uâ ¼õÚUæÙ çßlæçÍüØæð´ ß SÅUæÈ¤ â¼SØæð´ Ùð ãUßÙ-Ø™æ ×ð´ ¥æãUäçÌØæ¢ Öè ÇUæÜèÐ
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मीडिया प्रशिक्षक योगेंद्र नाथ जौहरी यमुनानगर में

¼åÚU¼àæüÙ ·ð¤ âðßæ çÙßëÌ ¿èȤ ÂýôÇKåUâÚU ¥æñÚU ¼ðàæ ·ð¤ Âý×ä¹ ×èçÇUØæ â´SÍæÙô´ ·ð¤ ×䁨 ×èçÇUØæ Âýçàæÿæ·¤ Øô»ð¢¼ýÚ ÙæÍ ÁæñãUÚUè Ùð ·¤ãUæ ç·¤ ×èçÇUØæ ÿô˜æ ×ð´ ·¤æØüÚUÌ âÖè Üô»ô´ ·¤ô Õ¼ÜÌð ßQ¤ ·¤è Ì·¤Ùè·¤ ·ð¤ ×äÌæçÕ·¤ ¥ÂÙð ¥æÂ ·¤ô ÉUæÜÙð ·¤è ÁM¤ÚUÌ ãñ, Ìæç·¤ ßãU ¥æÏäçÙ·¤ Ì·¤Ùè·¤ ·¤æ §USÌð×æÜ ÚUôÁæÙæ ·ð¤ ·¤æØôZ ×ð´ ·¤æØü ·¤ÚUÌð ãäU° ÕðãUÌÚU ÂçÚU‡ææ× ¼ð´Ð ¿æãðU ßãU ÿô˜æ çȤË×, ·ñ¤×ÚUæ, ȤôÅUô»ýæÈ¤è, °çÇUçÅ´U» Øæ ¥‹Ø ÿô˜æ ãUè €Øô´ Ù ãUô¢Ð
…æõãUÚUè âæð×ßæÚU ·¤æð »äM¤ ÙæÙ·¤ ¹æÜâæ ·¤æòÜðÁ ·ð¤ ÁÙâ´¿æÚU °ß´ ×èçÇUØæ Âýôlôç»·¤è çßÖæ» mUæÚUæ ¥æØôçÁÌ ÌèÙ ç¼ßâèØ ×èçÇUØæ ß·ü¤àææò ·ð¤ â׿ÂÙ ¥ßâÚU ÂÚU â¢ÕæðçÏÌ ·¤ÚU ÚUãðU ‰æðÐ ©U‹ãUô´Ùð ·¤ãUæ ç·¤ â“ææ çßlæÍèü ßãUè ãñU Áô ÁM¤ÚUÌ ·¤è ÕæÌô´ ·¤ô ×٠ܻ淤ÚU âè¹ð ¥æñÚU ¥ÂÙæ ™ææÙ ÕÉU¸æ â·ð¤ Ìæç·¤ ©Uâ ™ææÙ ¥æñÚU ¥ÙäÖß ·ð¤ ¥æÏæÚU ÂÚU çßlæÍèü ¥ÂÙð ÁèßÙ ·¤æ ×ÁÕåÌè âð çÙ׿ü‡æ ·¤ÚU â·ð¤Ð
·¤æØü·ý¤× ·¤è àæäM¤¥æÌ ÁæÙð-׿Ùð ßèçÇUØô ¥æñÚU ȤôÅUô»ýæÈ¤è ÇUè ×ðP䤴٠Ùð ·¤èÐ ©U‹ãUæð´Ùð ÕÌæØæ ç·¤ ȤôÅUô»ýæÈ¤ÚU °·¤ ×ëÌÂýæØ çßáØßSÌä ×ð´ ÁæÙ Èå´¤·¤ â·¤Ìæ ãñÐ ©U‹ãUô´Ùð ·¤ãUæ ç·¤ °·¤ Áèß¢Ì È¤ôÅUô»ýæÈ¤è ·ð¤ çܰ ßQ¤ ·¤è ·¤ô§üU âè׿ ÙãUè´ ãUôÌèÐ ©U‹ãUô´Ùð çÇUâ·¤ßÚUè, çãUSÅUÚUè ¥æñÚU ÙðàæÙÜ Áð¥ô»ýæÈ¤è Áñâð ¿ñÙÜô´ ·¤æ ©U¼æãUÚU‡æ ¼ðÌð ãäU° ÕÌæØæ ç·¤ §UÙ ¿ñÙÜô´ ×ð´ ç¼¹æ° ÁæÙð ßæÜð ¼äÜüÖ ¼ëàØ °·¤ ȤôÅUô»ýæÈ¤ÚU, ßèçÇUØô»ýæÈ¤ÚU ç·¤ÌÙè ×ðãUÙÌ ·ð¤ âæÍ ·¤ßÚU ·¤ÚUÌæ ãUô»æÐ
¼åÚU¼àæüÙ âð âðßæ çÙßëÌ §UÜñ€ÅþUôçÙ·¤ ×èçÇUØæ âñ´ÅUÚU ¥æñÚU ÖæÚUÌèØ çâÙð׿ ·¤æ çß·¤æâ çßáØ ÂÚU ÕãäUç¿üÌ ßëÌç¿Ì ÕÙæÙð ßæÜð ÚUæÁð‹¼ý ·ä¤×æÚU âå¼ Ùð ×èçÇUØæ çßlæçÍüØô´ ·¤ô °çÇUçÅ´U» ·¤è çßlæ ·ð¤ ÕæÚÔU ×ð´ çßSÌæÚU âð ÁæÙ·¤æÚUè ¼èÐ ©U‹ãUô´Ùð ÕÌæØæ ç·¤ ÂãUÜð °çÇUçÅ´U» ·¤æ ×ÌÜÕ ·ð¤ßÜ çÜçÂ Øæ ¥æÜð¹ô´ ·¤è ·¤æ´ÅU-ÀUæ´ÅU ·¤ÚUÙæ ¥æñÚU âäÏæÚU ·¤ÚUÙæ ×æÙæ ÁæÌæ Íæ ×»ÚU ¥Õ â´Âæ¼Ù ·¤è ¥ßÏæÚU‡ææ §UÜñ€ÅþUôçÙ·¤ ×èçÇUØæ ¥æñÚU ¿ñÙÜæ´ð ·ð¤ ·¤æÚU‡æ Õ¼Ü »§üU ãñUÐ
·¤æòÜðÁ ·¤è Âýæ¿æØü ÇUæò.çßÚÔ´Uý ·¤æñÚU Ùð âÖè ¥çÌçÍØæð´ ·¤æ ¥æÖæÚU …æÌæØæ ÌÍæ S×ëçÌ ç¿‹ãU ¼ð·¤ÚU â×æçÙÌ ç·¤ØæÐ
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गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ

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