शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013
शनिवार, 13 अप्रैल 2013
मध्यावधि चुनावों की घोषणा कभी भी : रामबिलास शर्मा
मध्यावधि चुनावों की घोषणा कभी भी : रामबिलास शर्मा
Posted On April - 12 - 2013
यमुनानगर, 12 अप्रैल (हप्र)। देश में मध्यावधि चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है और घोषणा होते ही राज्य की सभी दसों लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जायेगी। हजकां-भाजपा गठबंधन के बैनर तले यह चुनाव लड़ा जायेगा। यह जानकारी हरियाणा भाजपा अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने यमुनानगर के बस स्टैंड के पास उनके स्वागत में उमड़े जनसमूह को संबोधित करने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि गठबंधन चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि राज्य की सभी दसों सीटों पर हजकां-भाजपा गठबंधन का कब्जा होगा। श्री शर्मा ने यह भी दावा किया कि राज्य में भी कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती आरंभ हो चुकी है और इसी के डर के चलते ही अब निगम कार्पोरेशनों के चेयरमैनों की नियुक्ति की गई है और मंत्रीमंडल के फेरबदल की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अनेक मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन उन्हें सलाखों के पीछे बंद करने की बजाय सरकार उन्हें बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सरकार बनने पर दोषियों को सलाखों के पीछे बंद किया जायेगा।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों को तो अब रात को भी नरेंद्र मोदी एवं सुषमा स्वराज नजर आते हैं। नगर निगम चुनाव बारे पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी यह चुनाव अपने चिन्ह पर लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि गठबंधन चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि राज्य की सभी दसों सीटों पर हजकां-भाजपा गठबंधन का कब्जा होगा। श्री शर्मा ने यह भी दावा किया कि राज्य में भी कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती आरंभ हो चुकी है और इसी के डर के चलते ही अब निगम कार्पोरेशनों के चेयरमैनों की नियुक्ति की गई है और मंत्रीमंडल के फेरबदल की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अनेक मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन उन्हें सलाखों के पीछे बंद करने की बजाय सरकार उन्हें बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सरकार बनने पर दोषियों को सलाखों के पीछे बंद किया जायेगा।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेसियों को तो अब रात को भी नरेंद्र मोदी एवं सुषमा स्वराज नजर आते हैं। नगर निगम चुनाव बारे पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी यह चुनाव अपने चिन्ह पर लड़ेगी।
रसीदों में हेराफेरी कर लाखों रुपये हड़पे
रसीदों में हेराफेरी कर लाखों रुपये हड़पे
यमुनानगर, 12 अप्रैल (हप्र)। रसीदों में कथित हेराफेरी कर बिजली कर्मचारियों ने लाखों रुपये हड़प लिए। दोषी पाए जाने पर पुलिस ने कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अमानत में ख्यानत करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। मामले में अभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम सब डिविजन (आइटीआई) सर्कल के एसडीओ राजेंद्र कुमार ने फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें सूचना मिली थी कि सब डिविजन कार्यालय में जमा हो रहे बिलों की रसीदों में हेराफेरी करके कुछ कर्मचारी विभाग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सूचना के आधार पर बिलों की रसीदों की जांच की गई तो उनमें आठ लाख 66 हजार 353 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। जांच करने पर कार्यालय में तैनात संबंधित कर्मचारियों बलविंद्र सिंह, पवन कुमार व गौरव द्वारा रसीदों में हेराफेरी करके पैसे हड़पने का दोषी पाया गया। जिसके बाद उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।
फर्कपुर पुलिस ने एसडीओ राजेंद्र कुमार की शिकायत पर उक्त तीनों बिजली कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अमानत में ख्यानत करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य काबू : पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए पांच ट्रैक्टरों सहित सात वाहन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान को अभी गोपनीय रखा गया है।
पुलिस प्रवक्ता तेजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मितेश जैन के आदेशानुसार कुछ दिन पहले जिले में वाहन चोरी की वारदातों के आरोपियों को पकडऩे के लिए वाहन चोरी निरोधक दस्ता (एवीटी सैल) को आरोपियों को पकडऩे की जिम्मेदारी दी गई थी। जिस पर वाहन चोरी निरोधक दस्ता ने सूचना के आधार पर पुख्ता सबूत मिलने पर देर शाम वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को पकडऩे में सफलता मिली।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से पुलिस ने अभी तक चोरी किए गए पांच ट्रैक्टर व दो मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
फर्कपुर पुलिस ने एसडीओ राजेंद्र कुमार की शिकायत पर उक्त तीनों बिजली कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अमानत में ख्यानत करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्य काबू : पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए पांच ट्रैक्टरों सहित सात वाहन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान को अभी गोपनीय रखा गया है।
पुलिस प्रवक्ता तेजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मितेश जैन के आदेशानुसार कुछ दिन पहले जिले में वाहन चोरी की वारदातों के आरोपियों को पकडऩे के लिए वाहन चोरी निरोधक दस्ता (एवीटी सैल) को आरोपियों को पकडऩे की जिम्मेदारी दी गई थी। जिस पर वाहन चोरी निरोधक दस्ता ने सूचना के आधार पर पुख्ता सबूत मिलने पर देर शाम वाहन चोर गिरोह के तीन सदस्यों को पकडऩे में सफलता मिली।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से पुलिस ने अभी तक चोरी किए गए पांच ट्रैक्टर व दो मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं। आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
बुधवार, 10 अप्रैल 2013
यमुनानगर में नामधारियों के गुरुद्वारे में तनाव
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर में गुरुद्वारे के बाहर गेट पर तैनात पुलिस बल व अधिकारी और लोगों के बीच घिरे हुए नामधारी संप्रदाय के गुरु ठाकुर दलीप सिंंह। -हप्र
यमुनानगर, 9 अप्रैल । यमुनानगर के नामधारी गुरुद्वारे में गद्दी को लेकर विवाद अब काफी तूल पकड़ता जा रहा है और पंजाब से आए एक संत के गुरुद्वारे में जाने से बढ़े विवाद में थप्पड़ मुक्के चलने के बाद तनाव बढ़ता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है। अगर जिला के आला अधिकारी समय रहते वहां नहीं पहुंचते तो एक बड़ी अनहोनी होने की लोगों को आशंका थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नामधारी गुरुद्वारे में गद्दी के स्थान व जायदाद को लेकर दो गुट बने हुए हैं। यहां पर विरोध का सामना कर रहे पंजाब से आये नामधारियों के गुरु ठाकुर दलीप सिंह को सुरक्षा प्रदान करने के बाद मामला शांत हुआ। इस संबंध में डीएसपी यमुनानगर अशोक सभ्रवाल ने बताया कि विश्वकर्मा मोहल्ले में स्थित नामधारी गुरुद्वारे में ही एक गुट ऐसा उभर चुका है, जो गुरुद्वारे की गद्दी व जायदाद हथियाने के लिए पंजाब के लुधियाना से आने वाले नामधारी ठाकुर दलीप सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। यह मुद्दा देखते ही देखते शहर में फैल गया और जब तनाव बढ़ गया तो वहां पर एसडीएम राजनारायण कौशिक व डीएसपी बिजेंद्र सिंह आदि वहां पहुंचे व नामधारी ठाकुर दलीप सिंह को सुरक्षा के लिए घेरे में ले लिया।भीड में से बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। नामधारी संप्रदाय के गुरु ठाकुर दलीप सिंह को मीडिया से भी दूर रखा गया। उन्होंने जाते-जाते केवल यही कहा कि इस समय जो प्रशासन चाहता हैं, वही उचित है। पुलिस ने फिलहाल किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नामधारी गुरुद्वारे में गद्दी के स्थान व जायदाद को लेकर दो गुट बने हुए हैं। यहां पर विरोध का सामना कर रहे पंजाब से आये नामधारियों के गुरु ठाकुर दलीप सिंह को सुरक्षा प्रदान करने के बाद मामला शांत हुआ। इस संबंध में डीएसपी यमुनानगर अशोक सभ्रवाल ने बताया कि विश्वकर्मा मोहल्ले में स्थित नामधारी गुरुद्वारे में ही एक गुट ऐसा उभर चुका है, जो गुरुद्वारे की गद्दी व जायदाद हथियाने के लिए पंजाब के लुधियाना से आने वाले नामधारी ठाकुर दलीप सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। यह मुद्दा देखते ही देखते शहर में फैल गया और जब तनाव बढ़ गया तो वहां पर एसडीएम राजनारायण कौशिक व डीएसपी बिजेंद्र सिंह आदि वहां पहुंचे व नामधारी ठाकुर दलीप सिंह को सुरक्षा के लिए घेरे में ले लिया।भीड में से बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। नामधारी संप्रदाय के गुरु ठाकुर दलीप सिंह को मीडिया से भी दूर रखा गया। उन्होंने जाते-जाते केवल यही कहा कि इस समय जो प्रशासन चाहता हैं, वही उचित है। पुलिस ने फिलहाल किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
मंगलवार, 9 अप्रैल 2013
‘महिलाएं खुद जागें और औरों को भी जगाएं’
‘महिलाएं खुद जागें और औरों को भी जगाएं’
Posted On April - 9 - 2013
गुरु नानक खॉलसा कॉलेज मेंं आयोजित कार्यक्रम मेेंं सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सचिव जयवीर सिंह का अभिनंदन करते हुए कॉलेज प्राचार्या डॉ. विरेन्द्र कौर। -हप्र
यमुनानगर, 8 अप्रैल (हप्र)। जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के सामाजिक सरोकार इकाई (सीएसआर) तथा गुरु नानक खालसा कॉलेज के महिला प्रकोष्ठ की ओर से पिछले एक माह से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को समर्पित कार्यक्रमों का विधिवत् रूप से समापन हो गया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सचिव जयवीर सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु नानक खालसा शिक्षण संस्थाओं की अभिभाविका एवं प्रथम महिला खेम कौर जौहर ने की। विद्वान अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के विधि विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन गुप्ता उपस्थित थी। कॉलेज के गान और द्वीप प्रज्वलित करके हुए इस समारोह के दौरान महिला की दुर्दशा, दिशा, स्थिति और समाधान पर दो लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया जिसे देखकर सभी भाव विह्वल हो गए।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेन्द्र कौर ने मुख्य अतिथि, विद्वान अतिथि व अन्य का अभिनंदन करते हुए कॉलेज की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि कॉलेज का महिला प्रकोष्ठ कॉलेज की छात्राओं को कानूनी साक्षरता और सेवाएं उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है ताकि छात्राएं पढऩे-लिखने के साथ-साथ सशक्त, समर्थ और स्वाभिमानी बन सके। मौके पर कॉलेज की महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. दलजीत कौर ने मुख्य अतिथि, विद्वान अतिथि का परिचय करवाते हुए प्रकोष्ठ की गतिविधियों से सभी को रूबरू करवाया।
सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्रधिकरण के सचिव श्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब महिलाएं खुद जागें और औरों को भी जगाएं अन्यथा 16 दिसम्बर वाले भयानक क्रूरतम और जघन्य अपराध होते रहेंगे। न कानून कुछ कर सकेंगे और हम और आप इसलिए अच्छा है कि हम स्वयं ही जागें और अपनी जिंदगी, समाज और राष्ट्र से अज्ञानता का अंधेरा समाप्त करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि वह जहां अपने बच्चों को महिलाओं का मान-सम्मान करने के संस्कार दें वही लड़कियों को आत्मनिर्भर और आत्म सुरक्षा के बारे में जानकारी दें ताकि परिवारिक भेदभाव समाप्त हो सके। जमना ऑटो इंडस्ट्रीज की सामाजिक सरोकार इकाई की प्रभारी सुश्री संयम मराठा ने महिला सशक्तीकरण एवं महिला कानून व अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। श्रीमती खेम कौर जौहर ने सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्रधिकरण के सचिव जयवीर सिंह और प्रोफेसर सुमन गुप्ता को तथा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेन्द्र कौर ने सुश्री संयम मराठा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेन्द्र कौर ने मुख्य अतिथि, विद्वान अतिथि व अन्य का अभिनंदन करते हुए कॉलेज की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि कॉलेज का महिला प्रकोष्ठ कॉलेज की छात्राओं को कानूनी साक्षरता और सेवाएं उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है ताकि छात्राएं पढऩे-लिखने के साथ-साथ सशक्त, समर्थ और स्वाभिमानी बन सके। मौके पर कॉलेज की महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. दलजीत कौर ने मुख्य अतिथि, विद्वान अतिथि का परिचय करवाते हुए प्रकोष्ठ की गतिविधियों से सभी को रूबरू करवाया।
सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्रधिकरण के सचिव श्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब महिलाएं खुद जागें और औरों को भी जगाएं अन्यथा 16 दिसम्बर वाले भयानक क्रूरतम और जघन्य अपराध होते रहेंगे। न कानून कुछ कर सकेंगे और हम और आप इसलिए अच्छा है कि हम स्वयं ही जागें और अपनी जिंदगी, समाज और राष्ट्र से अज्ञानता का अंधेरा समाप्त करें। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि वह जहां अपने बच्चों को महिलाओं का मान-सम्मान करने के संस्कार दें वही लड़कियों को आत्मनिर्भर और आत्म सुरक्षा के बारे में जानकारी दें ताकि परिवारिक भेदभाव समाप्त हो सके। जमना ऑटो इंडस्ट्रीज की सामाजिक सरोकार इकाई की प्रभारी सुश्री संयम मराठा ने महिला सशक्तीकरण एवं महिला कानून व अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। श्रीमती खेम कौर जौहर ने सीजेएम एवं जिला कानूनी सेवाएं प्रधिकरण के सचिव जयवीर सिंह और प्रोफेसर सुमन गुप्ता को तथा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेन्द्र कौर ने सुश्री संयम मराठा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
बुधवार, 3 अप्रैल 2013
‘रणवीर हुड्डा के नाम से खुलेगा टेक्रालोजी संस्थान’
‘रणवीर हुड्डा के नाम से खुलेगा टेक्रालोजी संस्थान’
Posted On April - 2 - 2013
यमुनानगर के मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करते हरियाणा तकनीकी विभाग के प्रिंसीपल सेके्रटरी एवं आयुक्त धनपत सिंह। - हप्र
यमुनानगर, 2 अप्रैल (हप्र)। हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता एवं स्वतंत्रता सेनानी रणबीर सिंह हुड्डा के नाम से यमुनानगर में अति शीघ्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्रोलॉजी खोला जाएगा, जिसको लेकर जमीन फाईनल कर दी गई है। उक्त जानकारी हरियाणा तकनीकि विभाग के प्रिंसीपल सैके्रटरी एवं आयुक्त धनपत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि आने वाला युग तकनीकि शिक्षाओं पर आधारित है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 643 तकनीकि, पोलिटैक्निक, मैनेजमेंट एवं एमबीए के संस्थान कार्यरत हैं, जिनमें 60 केवल यमुनानगर में हैं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर तकनीकि शिक्षा को लेकर प्रदेश भर में अग्रिम श्रेणी में गिना जाता है और अब जल्द ही यहां इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खुलने से जिलावासियों को और लाभ होगा। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से तकनीकि शिक्षा के क्षेत्र में जुडऩे का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में युवाओं को व्यापक विकल्प प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक सरकारी तकनीकि संस्थान खोला जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस शिक्षा को प्राप्त कर लाभ उठा सके। इससे पहले मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में धनपत सिंह ने बच्चों को डिग्रियां वितरित की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन किसी भी युवा के जीवन में अति महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन वह अपनी शिक्षा पूर्ण कर किसी रोजगार की तलाश में जीवन के अन्य चरण में प्रवेश करता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षण संस्थान के चेयरमैन अशोक कुमार ने मुख्यातिथि का धन्यवाद करते हुए नये डिग्री धारकों को बधाई दी। समारोह में 715 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने के अलावा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर मैरिट लिस्ट में आने वाले पुनीत पसरीचा, दीपिका, गुरकरण कौर, प्रीति साहनी, प्रीति, विदूषी तरेजा, गरिमा रवाल, कमलप्रीत कौर, कृतिका गोयल को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के सदस्य डा. केएल जौहर, नंदलाल गर्ग, डा. अनिल अग्रवाल, मनीषा खन्ना मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि आने वाला युग तकनीकि शिक्षाओं पर आधारित है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 643 तकनीकि, पोलिटैक्निक, मैनेजमेंट एवं एमबीए के संस्थान कार्यरत हैं, जिनमें 60 केवल यमुनानगर में हैं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर तकनीकि शिक्षा को लेकर प्रदेश भर में अग्रिम श्रेणी में गिना जाता है और अब जल्द ही यहां इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खुलने से जिलावासियों को और लाभ होगा। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से तकनीकि शिक्षा के क्षेत्र में जुडऩे का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में युवाओं को व्यापक विकल्प प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक सरकारी तकनीकि संस्थान खोला जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस शिक्षा को प्राप्त कर लाभ उठा सके। इससे पहले मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में धनपत सिंह ने बच्चों को डिग्रियां वितरित की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन किसी भी युवा के जीवन में अति महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन वह अपनी शिक्षा पूर्ण कर किसी रोजगार की तलाश में जीवन के अन्य चरण में प्रवेश करता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षण संस्थान के चेयरमैन अशोक कुमार ने मुख्यातिथि का धन्यवाद करते हुए नये डिग्री धारकों को बधाई दी। समारोह में 715 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने के अलावा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर मैरिट लिस्ट में आने वाले पुनीत पसरीचा, दीपिका, गुरकरण कौर, प्रीति साहनी, प्रीति, विदूषी तरेजा, गरिमा रवाल, कमलप्रीत कौर, कृतिका गोयल को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के सदस्य डा. केएल जौहर, नंदलाल गर्ग, डा. अनिल अग्रवाल, मनीषा खन्ना मुख्य रूप से उपस्थित थे।
ज्ञापन देने बंद, अब उतरेंगे सड़कों पर : दिलबाग सिंह
ज्ञापन देने बंद, अब उतरेंगे सड़कों पर : दिलबाग सिंह
Posted On April - 3 - 2013
यमुनानगर जिला सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त से सड़कों की समस्याओं को लेकर बातचीत करते यमुनानगर एवं रादौर के विधायक। छाया : हप्र
यमुनानगर, 2 अप्रैल (हप्र)। विपक्षी विधायक अब उपायुक्त व अन्य अधिकारियों के पास जनता की समस्याओं को हल करवाने के लिए नहीं जाएंगे बल्कि संघर्ष का रास्ता अपना कर खुद बैठेंगे और न प्रशासन को बैठने देंगे। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। यह कहना है यमुनानगर से इनेलो विधायक दिलबाग सिंह का, जो अतिरिक्त उपायुक्त को समस्याओं संबंधित ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं विधायक डा. बीएल सैनी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, पूर्व विधायक रामजी लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि न तो विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है और न ही जिला प्रशासन विकास कार्यों को करवा रहा है। जिस कारण जिले की जनता का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि बार-बार उपायुक्त से समय लेने के बावजूद उपायुक्त कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह ज्ञापन देने बंद कर लोगों के सहयोग से सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी को सौंपे ज्ञापन में विधायक ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों की हालत इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार होने से आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों में उपस्थित पार्षदों ने नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है और लगभग हर वार्ड में कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी ने प्रदर्शकारियों को आश्वासन दिया कि सड़क और सफाई व्यवस्था जल्द ही सुधर जाएगी।इस अवसर पर दुर्गा प्रसाद मिश्रा, बीके मेहता, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, दलमीरा राम सैनी, सुरेश शर्मा, गुरप्रीत चावला मुख्य रूप से उपस्थित थे।
ज्ञापन देने बंद, अब उतरेंगे सड़कों पर : दिलबाग सिंह
Posted On April - 3 - 2013
यमुनानगर जिला सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त से सड़कों की समस्याओं को लेकर बातचीत करते यमुनानगर एवं रादौर के विधायक। छाया : हप्र
यमुनानगर, 2 अप्रैल (हप्र)। विपक्षी विधायक अब उपायुक्त व अन्य अधिकारियों के पास जनता की समस्याओं को हल करवाने के लिए नहीं जाएंगे बल्कि संघर्ष का रास्ता अपना कर खुद बैठेंगे और न प्रशासन को बैठने देंगे। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। यह कहना है यमुनानगर से इनेलो विधायक दिलबाग सिंह का, जो अतिरिक्त उपायुक्त को समस्याओं संबंधित ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं विधायक डा. बीएल सैनी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, पूर्व विधायक रामजी लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि न तो विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है और न ही जिला प्रशासन विकास कार्यों को करवा रहा है। जिस कारण जिले की जनता का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि बार-बार उपायुक्त से समय लेने के बावजूद उपायुक्त कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह ज्ञापन देने बंद कर लोगों के सहयोग से सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी को सौंपे ज्ञापन में विधायक ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों की हालत इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार होने से आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों में उपस्थित पार्षदों ने नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है और लगभग हर वार्ड में कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी ने प्रदर्शकारियों को आश्वासन दिया कि सड़क और सफाई व्यवस्था जल्द ही सुधर जाएगी।इस अवसर पर दुर्गा प्रसाद मिश्रा, बीके मेहता, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, दलमीरा राम सैनी, सुरेश शर्मा, गुरप्रीत चावला मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि न तो विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है और न ही जिला प्रशासन विकास कार्यों को करवा रहा है। जिस कारण जिले की जनता का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि बार-बार उपायुक्त से समय लेने के बावजूद उपायुक्त कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह ज्ञापन देने बंद कर लोगों के सहयोग से सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी को सौंपे ज्ञापन में विधायक ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों की हालत इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार होने से आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों में उपस्थित पार्षदों ने नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है और लगभग हर वार्ड में कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी ने प्रदर्शकारियों को आश्वासन दिया कि सड़क और सफाई व्यवस्था जल्द ही सुधर जाएगी।इस अवसर पर दुर्गा प्रसाद मिश्रा, बीके मेहता, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, दलमीरा राम सैनी, सुरेश शर्मा, गुरप्रीत चावला मुख्य रूप से उपस्थित थे।
शनिवार, 30 मार्च 2013
सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत
सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत
Posted On March - 30 - 2013
यमुनानगर, 29 मार्र्च (हप्र)। अलग-अलग हादसों में एक महिला सहित तीन की मौत हो गई। जानकारी अनुसार खिजराबाद निवासी कुंती देवी अपने पति के साथ बाइक से सवार होकर यमुनानगर दवाई लेने के लिए आई हुई थी। जैसे ही वह बीएसएनएल एक्सचेंज के नजदीक पहुंचे, तो पास से गुजर रहे नगर कीर्तन के एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे पत्नी ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गई व पति दूसरी ओर गिर गया। पति तो बाल-बाल बच गया, लेकिन महिला की टायर के नीचे आने से मौत हो गई। राहगीरों की मदद से ट्रक चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। देखते ही देखते रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।
वहीं, अंबाला-जगाधरी हाईवे मार्ग पर स्थित चावला पेट्रोल पंप के सामने सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी अनुसार सुध निवासी रघुबीर वीरवार को किसी काम से गया था। शाम के समय वापस घर लौट रहा था। रास्ते में अंबाला मार्ग पर चावला पेट्रोल पंप के नजदीक अज्ञात बाइक चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह नीचे गिर गया। हादसे में रघुबीर की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। जेब से मिले दस्तावेजों पर पुलिस ने शिनाख्त की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया। जहां से पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
उधर, गांव रामपुर कंबोयान में वन विभाग की नर्सरी के सामने देर रात सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सीएचसी बिलासपुर ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी अनुसार रामपुर जट्टान निवासी ऋषिपाल आदर्श विद्या मंदिर रामपुर जट्टान में अध्यापक था। बृहस्पतिवार रात वह अपनी बाइक पर बाजार से घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान जब वह रामपुर कंबोयान के निकट वन विभाग की नर्सरी के सामने पहुंचा, तो उसकी बाइक ट्राली के पीछे टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, चालक ट्रैक्टर ट्राली मौके पर छोड़ कर फरार हो गया।
वहीं, अंबाला-जगाधरी हाईवे मार्ग पर स्थित चावला पेट्रोल पंप के सामने सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी अनुसार सुध निवासी रघुबीर वीरवार को किसी काम से गया था। शाम के समय वापस घर लौट रहा था। रास्ते में अंबाला मार्ग पर चावला पेट्रोल पंप के नजदीक अज्ञात बाइक चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह नीचे गिर गया। हादसे में रघुबीर की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। जेब से मिले दस्तावेजों पर पुलिस ने शिनाख्त की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया। जहां से पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
उधर, गांव रामपुर कंबोयान में वन विभाग की नर्सरी के सामने देर रात सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सीएचसी बिलासपुर ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी अनुसार रामपुर जट्टान निवासी ऋषिपाल आदर्श विद्या मंदिर रामपुर जट्टान में अध्यापक था। बृहस्पतिवार रात वह अपनी बाइक पर बाजार से घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान जब वह रामपुर कंबोयान के निकट वन विभाग की नर्सरी के सामने पहुंचा, तो उसकी बाइक ट्राली के पीछे टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, चालक ट्रैक्टर ट्राली मौके पर छोड़ कर फरार हो गया।
अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या
अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या
Posted On March - 30 - 2013
यमुनानग। हरियाणा के यमुनानगर के गांव मानकपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की अवैध संबंधों के शक में कुल्हाडी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हत्या आरोपी पति अभी फरार बताया गया है।
पुलिस व ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जगाधरी पांवटा साहिब हाईवे पर स्थित गांव मानकपुर निवासी कर्मचंद अकसर शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। कर्मचंद को शक था कि उसकी पत्नी निर्मला चरित्रहीन है और उसके किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध हैं। जब दोनों के बीच आपस में इस शक को लेकर झगड़ा काफी बढऩे लगा तो वह अपने मायके में जाकर रहने लगी। लेकिन कर्मचंद के दिमाग में अपनी पत्नी के प्रति नफरत बढ़ गई। इस बीच उसकी पत्नी यह सोचकर अपने मायके सेे वापस आ गई कि अब कर्मचंद में कुछ सुधार आ गया होगा। लेकिन शुक्रवार सुबह जब निर्मला घर से बाहर खेतों में शौच के लिए गई तो कर्मचंद भी कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे चला गया। सुनसान जगह देखकर कर्मचंद ने कुल्हाड़ी से उस पर इतने वार किए कि उसकी तुरंत मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी दुष्चरित्र नहीं थी। जब वह हत्या कर रहा था तो उसने उसे देख लिया और मौके से तुरंत फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही यमुनानगर से आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे व घटनास्थल की जांच की।
डीएसपी अशोक सभरवाल का कहना है कि कर्मचंद ने अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से सात वार किए हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर कुल्हाड़ी मिल गई है। वह उसे वहीं फेंक कर चला गया था। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का खुलासा कर्मचंद की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा। उसे गिर तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस व ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जगाधरी पांवटा साहिब हाईवे पर स्थित गांव मानकपुर निवासी कर्मचंद अकसर शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। कर्मचंद को शक था कि उसकी पत्नी निर्मला चरित्रहीन है और उसके किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध हैं। जब दोनों के बीच आपस में इस शक को लेकर झगड़ा काफी बढऩे लगा तो वह अपने मायके में जाकर रहने लगी। लेकिन कर्मचंद के दिमाग में अपनी पत्नी के प्रति नफरत बढ़ गई। इस बीच उसकी पत्नी यह सोचकर अपने मायके सेे वापस आ गई कि अब कर्मचंद में कुछ सुधार आ गया होगा। लेकिन शुक्रवार सुबह जब निर्मला घर से बाहर खेतों में शौच के लिए गई तो कर्मचंद भी कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे चला गया। सुनसान जगह देखकर कर्मचंद ने कुल्हाड़ी से उस पर इतने वार किए कि उसकी तुरंत मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी दुष्चरित्र नहीं थी। जब वह हत्या कर रहा था तो उसने उसे देख लिया और मौके से तुरंत फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही यमुनानगर से आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे व घटनास्थल की जांच की।
डीएसपी अशोक सभरवाल का कहना है कि कर्मचंद ने अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से सात वार किए हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर कुल्हाड़ी मिल गई है। वह उसे वहीं फेंक कर चला गया था। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का खुलासा कर्मचंद की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा। उसे गिर तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शुक्रवार, 29 मार्च 2013
शुक्रवार, 22 मार्च 2013
मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा
मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा
Posted On March - 21 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर के गांव मंडौली में संजय दत्त को सुप्रीमकोर्ट द्वारा सजा सुनाए के बाद मायूस बैठे चाचा-चाची। -हप्र
यमुनानगर, 21 मार्च। मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त उर्फ मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा सुनाए जाने पर उनके पैतृक गांव मंडौली में दिन भर चूल्हा नहीं जला। फैसला सुनाए जाने से पहले ग्रामीणों ने मंदिरों और मस्जिद में जाकर उनकी रिहाई की दुआएं मांगी। लेकिन ग्रामीणों की दुआएं भी काम नहीं आई और उन्हें सजा हो गई। जिसके बाद मंडौली गमजदा हो गया। संजय दत्त के चाचा-चाची का कहना है कि यह सजा संजय दत्त को नहीं बल्कि पूरे दत्त परिवार को मिली है, जिससे उभर पाना बहुत मुश्किल है।
बृहस्पतिवार सुबह होते ही मंडौली के ग्रामीण अपने प्रिय अभिनेता एवं नेता स्वर्गीय सुनील दत्त उर्फ बल्लु फौजी के लाडले बेटे की अदालत से रिहाई के लिए मंदिरों व मस्जिदों में जाकर दुआ मांगने लगे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी दुआ रंग लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोपहर होते ही अदालत से जैसे ही मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा का आदेश हुआ तो मंडौली गांव में मातम छा गया। लोगों के घरों के चूल्हों में सुलग रही आग शांत हो गई और ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी छा गई। ग्रामीण तुरंत मुन्ना भाई के मंडौली में रह रहे चाचा सोमदत्त के घर की और सांत्वना देने दौड़े। सांत्वना देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शूगर की मरीज एवं पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे चाचा सोमदत्त की जुबान मन की पीड़ा बयान करने के लिए भी उनका साथ नहीं दे रही थी और चाची का तो कहना था कि यह दत्त परिवार के लिए सबसे दुख की घड़ी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले चाचा सोमदत्त गांव के ही मंदिर में थे और चाची घर में ही बने मंदिर में हाथ जोड़कर भगवान से संजय दत्त के लिए राहत की प्रार्थना कर रही थी। लेकिन जैसे ही टीवी पर फैसला आया दोनों निराशा के अंधकार में डूब गये।
संजय दत्त के चाचा सोमदत्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों को देखते हुए मुन्ना भाई को सजा में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुजुर्गों के लाडले और युवाओं के सबल एवं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पिता बलराज उर्फ बल्लु फौजी (सुनील दत्त) का परिवार देश के बंटवारे के बाद मंडौली में आकर बसा था। इस गांव में सरकार ने सुनील दत्त के परिवार को 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी। मंडौली में बस जाने के बाद सुनील दत्त ने सेना की नौकरी छोड़ दी और आकाशवाणी सिलोन में बतौर उद्घोषक की नौकरी कर ली। लेकिन कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई खींच ले गई। वर्ष 1955 में संजय दत्त के पिता स्व. सुनील दत्त को पहली बार रेलवे प्लेटफार्म नामक फिल्म में काम मिला। इसके बाद बॉलीवुड में वह बेताज बादशाह बन गए। उन्होंने मुंबई जाने के बाद फिल्म अभिनेत्री नरगिस से शादी कर ली और संतान के रूप में संजय दत्त और प्रिया दत्त का जन्म हुआ। इसके बाद संजय दत्त के भी बॉलीवुड में छा जाने के बाद मंडौली गांव को देश भर में पहचान मिल गई। सुनील दत्त ने बालीवुड में पहचान बनाये जाने के बावजूद यमुनानगर को नहीं छोड़ा और वह बार-बार यहां आते रहते थे।
मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा
Posted On March - 21 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर के गांव मंडौली में संजय दत्त को सुप्रीमकोर्ट द्वारा सजा सुनाए के बाद मायूस बैठे चाचा-चाची। -हप्र
यमुनानगर, 21 मार्च। मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त उर्फ मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा सुनाए जाने पर उनके पैतृक गांव मंडौली में दिन भर चूल्हा नहीं जला। फैसला सुनाए जाने से पहले ग्रामीणों ने मंदिरों और मस्जिद में जाकर उनकी रिहाई की दुआएं मांगी। लेकिन ग्रामीणों की दुआएं भी काम नहीं आई और उन्हें सजा हो गई। जिसके बाद मंडौली गमजदा हो गया। संजय दत्त के चाचा-चाची का कहना है कि यह सजा संजय दत्त को नहीं बल्कि पूरे दत्त परिवार को मिली है, जिससे उभर पाना बहुत मुश्किल है।
बृहस्पतिवार सुबह होते ही मंडौली के ग्रामीण अपने प्रिय अभिनेता एवं नेता स्वर्गीय सुनील दत्त उर्फ बल्लु फौजी के लाडले बेटे की अदालत से रिहाई के लिए मंदिरों व मस्जिदों में जाकर दुआ मांगने लगे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी दुआ रंग लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोपहर होते ही अदालत से जैसे ही मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा का आदेश हुआ तो मंडौली गांव में मातम छा गया। लोगों के घरों के चूल्हों में सुलग रही आग शांत हो गई और ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी छा गई। ग्रामीण तुरंत मुन्ना भाई के मंडौली में रह रहे चाचा सोमदत्त के घर की और सांत्वना देने दौड़े। सांत्वना देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शूगर की मरीज एवं पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे चाचा सोमदत्त की जुबान मन की पीड़ा बयान करने के लिए भी उनका साथ नहीं दे रही थी और चाची का तो कहना था कि यह दत्त परिवार के लिए सबसे दुख की घड़ी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले चाचा सोमदत्त गांव के ही मंदिर में थे और चाची घर में ही बने मंदिर में हाथ जोड़कर भगवान से संजय दत्त के लिए राहत की प्रार्थना कर रही थी। लेकिन जैसे ही टीवी पर फैसला आया दोनों निराशा के अंधकार में डूब गये।
संजय दत्त के चाचा सोमदत्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों को देखते हुए मुन्ना भाई को सजा में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुजुर्गों के लाडले और युवाओं के सबल एवं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पिता बलराज उर्फ बल्लु फौजी (सुनील दत्त) का परिवार देश के बंटवारे के बाद मंडौली में आकर बसा था। इस गांव में सरकार ने सुनील दत्त के परिवार को 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी। मंडौली में बस जाने के बाद सुनील दत्त ने सेना की नौकरी छोड़ दी और आकाशवाणी सिलोन में बतौर उद्घोषक की नौकरी कर ली। लेकिन कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई खींच ले गई। वर्ष 1955 में संजय दत्त के पिता स्व. सुनील दत्त को पहली बार रेलवे प्लेटफार्म नामक फिल्म में काम मिला। इसके बाद बॉलीवुड में वह बेताज बादशाह बन गए। उन्होंने मुंबई जाने के बाद फिल्म अभिनेत्री नरगिस से शादी कर ली और संतान के रूप में संजय दत्त और प्रिया दत्त का जन्म हुआ। इसके बाद संजय दत्त के भी बॉलीवुड में छा जाने के बाद मंडौली गांव को देश भर में पहचान मिल गई। सुनील दत्त ने बालीवुड में पहचान बनाये जाने के बावजूद यमुनानगर को नहीं छोड़ा और वह बार-बार यहां आते रहते थे।
बृहस्पतिवार सुबह होते ही मंडौली के ग्रामीण अपने प्रिय अभिनेता एवं नेता स्वर्गीय सुनील दत्त उर्फ बल्लु फौजी के लाडले बेटे की अदालत से रिहाई के लिए मंदिरों व मस्जिदों में जाकर दुआ मांगने लगे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी दुआ रंग लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोपहर होते ही अदालत से जैसे ही मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा का आदेश हुआ तो मंडौली गांव में मातम छा गया। लोगों के घरों के चूल्हों में सुलग रही आग शांत हो गई और ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी छा गई। ग्रामीण तुरंत मुन्ना भाई के मंडौली में रह रहे चाचा सोमदत्त के घर की और सांत्वना देने दौड़े। सांत्वना देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शूगर की मरीज एवं पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे चाचा सोमदत्त की जुबान मन की पीड़ा बयान करने के लिए भी उनका साथ नहीं दे रही थी और चाची का तो कहना था कि यह दत्त परिवार के लिए सबसे दुख की घड़ी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले चाचा सोमदत्त गांव के ही मंदिर में थे और चाची घर में ही बने मंदिर में हाथ जोड़कर भगवान से संजय दत्त के लिए राहत की प्रार्थना कर रही थी। लेकिन जैसे ही टीवी पर फैसला आया दोनों निराशा के अंधकार में डूब गये।
संजय दत्त के चाचा सोमदत्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों को देखते हुए मुन्ना भाई को सजा में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुजुर्गों के लाडले और युवाओं के सबल एवं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पिता बलराज उर्फ बल्लु फौजी (सुनील दत्त) का परिवार देश के बंटवारे के बाद मंडौली में आकर बसा था। इस गांव में सरकार ने सुनील दत्त के परिवार को 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी। मंडौली में बस जाने के बाद सुनील दत्त ने सेना की नौकरी छोड़ दी और आकाशवाणी सिलोन में बतौर उद्घोषक की नौकरी कर ली। लेकिन कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई खींच ले गई। वर्ष 1955 में संजय दत्त के पिता स्व. सुनील दत्त को पहली बार रेलवे प्लेटफार्म नामक फिल्म में काम मिला। इसके बाद बॉलीवुड में वह बेताज बादशाह बन गए। उन्होंने मुंबई जाने के बाद फिल्म अभिनेत्री नरगिस से शादी कर ली और संतान के रूप में संजय दत्त और प्रिया दत्त का जन्म हुआ। इसके बाद संजय दत्त के भी बॉलीवुड में छा जाने के बाद मंडौली गांव को देश भर में पहचान मिल गई। सुनील दत्त ने बालीवुड में पहचान बनाये जाने के बावजूद यमुनानगर को नहीं छोड़ा और वह बार-बार यहां आते रहते थे।
गुरुवार, 21 मार्च 2013
मुख्यमंत्री को शहर की हालत बतानी पड़ी महंगी
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 20 मार्च। कहावत है सरकार के अगाड़ी और घोड़े के पिछाड़ी नहीं जाना चाहिए, लेकिन यही जुर्रत यमुनानगर निवासी एक आम आदमी सुरेश कुमार सैनी कर बैठा और अब यमुनानगर शहर में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डïा को पत्र लिखने के एवज में उसे लेने के देने पड़ रहे हैं। पुलिस ने पूरे परिवार को मुकदमों में फंसा दिया है। भादंसं की धारा 186, 294, 332 व 353 के तहत दर्ज मामले में चार नाबालिग बच्चे-बच्चियां भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मानव अधिकार आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है। उधर, डीएसपी फूल कुमार का कहना है कि सुरेश सैनी अपने खिलाफ दर्ज मामले को रफा-दफा करवाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ऐसी शिकायतें कर रहा है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सुरेश कुमार सैनी द्वारा मानव अधिकार आयोग को लिखी शिकायत में कहा है कि उसने 31 जनवरी, 2012 व 11 फरवरी 2012 में प्रदेश के सीएम को यमुनानगर जिला में बढ़ रहे अपराधों के संबंध में अखबारों की कटिंग लगाकर जानकारी भेजी थी। मुख्यमंत्री ने पुलिस से जवाब मांगा तो डीएसपी मुख्यालय ने जांच के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजनी थी। लेकिन इस शिकायत पर सुरेश कुमार सैनी से पुलिस प्रशासन बुरी तरह से खफा हो गया। सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। लगे हाथ उसे धमकी दी गयी कि सीएम को पुलिस की शिकायत उसे महंगी पड़ेगी। जिस इंस्पेक्टर की सुरेश कुमार सैनी ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी, उसी को संबंधित थाने में लगा दिया और यहीं से उसने सुरेश कुमार सैनी की ‘क्लास लगानीÓ शुरू कर दी। आरोप है कि कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा कर जांच को रफा दफा करके दबा दिया गया। इसके बाद इस परिवार पर पुलिस का कहर टूटना शुरू हो गया। रात को 11 बजे पुलिस की दस गाडिय़ों में कथित तौर पर पुलिस उसके घर पहुंची और सुरेश कुमार सैनी को पुलिस थाने में लाकर उसकी डीएसपी और इंस्पेक्टर द्वारा जमकर पिटाई की गई। पुलिस थाने में उसका मुंह पानी में डुबोकर उसे बुरी तरह से टार्चर किया गया। कानों पर थप्पड़ मुक्के मारने से सुरेश कुमार सैनी को सुनना बंद हो गया। अब वह गरीबी के कारण उपचार नहीं करवा सकता। सुरेश कुमार सैनी का कहना है कि वह कांग्रेस पार्टी का कार्यकत्र्ता है। उसे नहीं मालूम था कि मुख्यमंत्री को कानून-व्यवस्था की सही जानकारी देने पर उसे इतनी बड़ी सजा मिलेगी।
सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे व उसकी लड़कियों पर गांजा, चरस, अफीम व आम्र्स एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां मिल रहीं हैं। इन धमकियों को देने में पुलिस का एक मुखबिर भी शामिल है जो अकसर पुलिस थाने में ही बैठा रहता है। अब मानव अधिकार आयोग ने 6 मार्च को हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किए कि सुरेश कुमार परिवार पर दर्ज मामले की जांच किसी दूसरे जिले के अधिकारी से करवाई जाए। मानव अधिकार आयोग के आदेश के बाद बुधवार को डीएसपी कैथल ने यमुनानगर आकर मामले की जांच की है। सुरेश कुमार सैनी का परिवार इतना दहशत में है कि उसे अपने बयान दर्ज करवाने के लिए जब पुलिस थाने में बुलाया गया तो उसे कहा कि पुलिस की जगह छोड़कर किसी भी सार्वजनिक जगह पर बयान देने को तैयार हूं। इसके बाद डीएसपी कैथल ने उसके यहां जाकर ही बयान दर्ज किए हैं। मानव अधिकार आयोग ने 28 मार्च को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
उधर, डीएसपी फूल कुमार ने बताया कि सुरेश सैनी ने अमन चैन खराब होने व अपराध की घटनाओं में वृद्धि की शिकायत दी थी। जिस पर जब उसे बातचीत के लिए बुलाया गया तो उसने कहा कि मैंने तो समाचार पत्रों की कटिंग को देखकर यह शिकायत की है। इसके बाद इस शिकायत की जांच कर रिपोर्ट दे दी गई थी। बाद में सुरेश ने फोन कर शिकायत देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस कर्मचारी जब उसके घर गये तो घर के लोग पुलिस कर्मियों पर टूट पड़े। उक्त लोगों ने न केवल पुलिस कर्मचारी की वर्दी फाड़ दी बल्कि मारपीट भी की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। यही मामला उक्त परिवार के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसकी सुरेश व उसके परिजनों ने अदालत से जमानत करवा ली थी। अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता अकसर शराब पीकर मोहल्ले में शांति भंग करता है और इसकी कई बार शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं।
यमुनानगर, 20 मार्च। कहावत है सरकार के अगाड़ी और घोड़े के पिछाड़ी नहीं जाना चाहिए, लेकिन यही जुर्रत यमुनानगर निवासी एक आम आदमी सुरेश कुमार सैनी कर बैठा और अब यमुनानगर शहर में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डïा को पत्र लिखने के एवज में उसे लेने के देने पड़ रहे हैं। पुलिस ने पूरे परिवार को मुकदमों में फंसा दिया है। भादंसं की धारा 186, 294, 332 व 353 के तहत दर्ज मामले में चार नाबालिग बच्चे-बच्चियां भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मानव अधिकार आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है। उधर, डीएसपी फूल कुमार का कहना है कि सुरेश सैनी अपने खिलाफ दर्ज मामले को रफा-दफा करवाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ऐसी शिकायतें कर रहा है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सुरेश कुमार सैनी द्वारा मानव अधिकार आयोग को लिखी शिकायत में कहा है कि उसने 31 जनवरी, 2012 व 11 फरवरी 2012 में प्रदेश के सीएम को यमुनानगर जिला में बढ़ रहे अपराधों के संबंध में अखबारों की कटिंग लगाकर जानकारी भेजी थी। मुख्यमंत्री ने पुलिस से जवाब मांगा तो डीएसपी मुख्यालय ने जांच के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजनी थी। लेकिन इस शिकायत पर सुरेश कुमार सैनी से पुलिस प्रशासन बुरी तरह से खफा हो गया। सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। लगे हाथ उसे धमकी दी गयी कि सीएम को पुलिस की शिकायत उसे महंगी पड़ेगी। जिस इंस्पेक्टर की सुरेश कुमार सैनी ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी, उसी को संबंधित थाने में लगा दिया और यहीं से उसने सुरेश कुमार सैनी की ‘क्लास लगानीÓ शुरू कर दी। आरोप है कि कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा कर जांच को रफा दफा करके दबा दिया गया। इसके बाद इस परिवार पर पुलिस का कहर टूटना शुरू हो गया। रात को 11 बजे पुलिस की दस गाडिय़ों में कथित तौर पर पुलिस उसके घर पहुंची और सुरेश कुमार सैनी को पुलिस थाने में लाकर उसकी डीएसपी और इंस्पेक्टर द्वारा जमकर पिटाई की गई। पुलिस थाने में उसका मुंह पानी में डुबोकर उसे बुरी तरह से टार्चर किया गया। कानों पर थप्पड़ मुक्के मारने से सुरेश कुमार सैनी को सुनना बंद हो गया। अब वह गरीबी के कारण उपचार नहीं करवा सकता। सुरेश कुमार सैनी का कहना है कि वह कांग्रेस पार्टी का कार्यकत्र्ता है। उसे नहीं मालूम था कि मुख्यमंत्री को कानून-व्यवस्था की सही जानकारी देने पर उसे इतनी बड़ी सजा मिलेगी।
सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे व उसकी लड़कियों पर गांजा, चरस, अफीम व आम्र्स एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां मिल रहीं हैं। इन धमकियों को देने में पुलिस का एक मुखबिर भी शामिल है जो अकसर पुलिस थाने में ही बैठा रहता है। अब मानव अधिकार आयोग ने 6 मार्च को हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किए कि सुरेश कुमार परिवार पर दर्ज मामले की जांच किसी दूसरे जिले के अधिकारी से करवाई जाए। मानव अधिकार आयोग के आदेश के बाद बुधवार को डीएसपी कैथल ने यमुनानगर आकर मामले की जांच की है। सुरेश कुमार सैनी का परिवार इतना दहशत में है कि उसे अपने बयान दर्ज करवाने के लिए जब पुलिस थाने में बुलाया गया तो उसे कहा कि पुलिस की जगह छोड़कर किसी भी सार्वजनिक जगह पर बयान देने को तैयार हूं। इसके बाद डीएसपी कैथल ने उसके यहां जाकर ही बयान दर्ज किए हैं। मानव अधिकार आयोग ने 28 मार्च को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
उधर, डीएसपी फूल कुमार ने बताया कि सुरेश सैनी ने अमन चैन खराब होने व अपराध की घटनाओं में वृद्धि की शिकायत दी थी। जिस पर जब उसे बातचीत के लिए बुलाया गया तो उसने कहा कि मैंने तो समाचार पत्रों की कटिंग को देखकर यह शिकायत की है। इसके बाद इस शिकायत की जांच कर रिपोर्ट दे दी गई थी। बाद में सुरेश ने फोन कर शिकायत देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस कर्मचारी जब उसके घर गये तो घर के लोग पुलिस कर्मियों पर टूट पड़े। उक्त लोगों ने न केवल पुलिस कर्मचारी की वर्दी फाड़ दी बल्कि मारपीट भी की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। यही मामला उक्त परिवार के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसकी सुरेश व उसके परिजनों ने अदालत से जमानत करवा ली थी। अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता अकसर शराब पीकर मोहल्ले में शांति भंग करता है और इसकी कई बार शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं।
रविवार, 17 मार्च 2013
कभी भी हो सकते हैं लोकसभा के मध्यावधि चुनाव : रामबिलास
यमुनानगर के कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रामबिलास शर्मा। -हप्र
यमुनानगर, 16 मार्च (हप्र)। लोकसभा के मध्यावधि चुनाव कभी भी हो सकते हैं, जिसके लिए राज्य में भाजपा-हजकां गठबंधन पूरी तरह तैयार है। यह कहना है प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रामबिलास शर्मा का, जो कैनाल रेस्ट हाऊस यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा-हजकां का गठबंधन अटूट है और इसके टूटने संबंधी झूठी अफवाहें विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही हैं। विपक्षी दल गठबंधन की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। यूपीए सरकार को इटली इंडिया कंपनी की संज्ञा देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि देश में जो भी घोटाले हो रहे हैं सभी के संबंध इटली के साथ हैं। अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इटली के राजदूत को भारत छोडऩे पर रोक लगा दी है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ साथ इटली भी भारत का दुश्मन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार भारत का अपमान किया जा रहा है लेकिन यूपीए सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कभी पाकिस्तान सरकार द्वारा भारतीय शहीदों के सिर काट दिये जाते हैं और कभी सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया जाता है। वर्तमान सरकार इसका मुंह तोड़ जवाब देने की बजाय पाकिस्तान प्रधानमंत्री का भोज कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रवाई शहीदों का अपमान है।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी में सभी वर्गों को पूरा सम्मान दिया गया है और महिलाओं को तो तीस प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी गठन के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं को जरूर स्थान दिया जाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता में शामिल लोगों का संरक्षक शामिल है। यही कारण है कि अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि रोहतक व झज्जर के ही मुख्यमंत्री हैं। यही कारण है कि राज्य के अन्य जिलों में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगाई गई है।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक कंवरपाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमा शर्मा, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, रोजी मलिक, घनश्याम दास, राकेश त्यागी, रामेश्वर चौहान, अर्जुन पंडित, कर्णदेव कांबोज, मदन चौहान, राजेश सपरा, पवन बिट्टू, विनोद मरवाह, भूपिंद्र चौहान, संगीता सिंगल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ साथ इटली भी भारत का दुश्मन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार भारत का अपमान किया जा रहा है लेकिन यूपीए सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कभी पाकिस्तान सरकार द्वारा भारतीय शहीदों के सिर काट दिये जाते हैं और कभी सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया जाता है। वर्तमान सरकार इसका मुंह तोड़ जवाब देने की बजाय पाकिस्तान प्रधानमंत्री का भोज कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रवाई शहीदों का अपमान है।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी में सभी वर्गों को पूरा सम्मान दिया गया है और महिलाओं को तो तीस प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी गठन के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं को जरूर स्थान दिया जाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता में शामिल लोगों का संरक्षक शामिल है। यही कारण है कि अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि रोहतक व झज्जर के ही मुख्यमंत्री हैं। यही कारण है कि राज्य के अन्य जिलों में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगाई गई है।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक कंवरपाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमा शर्मा, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, रोजी मलिक, घनश्याम दास, राकेश त्यागी, रामेश्वर चौहान, अर्जुन पंडित, कर्णदेव कांबोज, मदन चौहान, राजेश सपरा, पवन बिट्टू, विनोद मरवाह, भूपिंद्र चौहान, संगीता सिंगल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
शुक्रवार, 15 मार्च 2013
यमुना नदी जल का मुद्दा,
Posted On March - 13 - 2013
यमुना नदी जल का मुद्दा
यमुनानगर/ छछरौली,13 मार्च (हप्र/निस)। हरियाणा के यमुनानगर में यमुना नदी पर जलाशय बनाए जाने से नदी में बारहों महीने अच्छी मात्रा में पानी बह सकता है। यमुना जल पर आधारित प्रस्तावित बांधों किशाऊ तथा रेणुका डैम बनने से न केवल लगातार गिरते जल स्तर में सुधार आएगा, बल्कि सस्ती बिजली भी प्राप्त होगी। केंद्र की मंजूरी के बावजूद उपरोक्त बांध परियोजनाओं का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। यमुना बचाओ आन्दोलनकारियों की मांग है कि हथनीकुंड बैराज से 10 हजार क्यूसिक पानी यमुना में छोड़ा जाए, जबकि पांच राज्यों में जल वितरण के उपरांत नदी में पानी शेष बचता ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कामन पूल से न्यूनतम 160 क्यूसिक पानी नदी में छोड़ा जाता है। 1995 में पांच राज्यों हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के बीच यमुना जल पर समझौता हो जाने के बाद एक बार फिर नदी जल का मुद्दा गर्मा गया है। एक ओर जहां बृजवासी यमुना नदी में रेगुलर पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं, वहीं पानी की कमी को लेकर नदी जल के साझेदार राज्य एक दूसरे पर कम पानी देने के आरोप लगाते रहे हैं। यमुना में लगातार पानी की उपलब्धता घट रही है। बरसों से लटकी पड़ी यमुना जल पर आधारित बिजली परियोजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाने से पावर लास तो है ही, दूसरी तरफ यमुनानदी पर कोई डैम नहीं बनाए जाने के कारण नदी की धारा भी अब दम तोडऩे लगी है। मानसून सीजन को छोड़ शेष दिनों यमुना नदी का जल बहाव सिमट कर 5 हजार क्यूसिक से भी नीचे पहुंच जाता है। लगातार घटता जल बहाव चिंता का विषय बन गया है।
यमुना पर बने जलाशय पहाडिय़ों पर अच्छी बरसात से जल बहाव अचानक बढ़ जाता है। नदी पर कोई जलाशय नहीं होने के कारण बरसाती पानी बेकार चला जाता है। जलाशय बनने से काफी हद तक पानी को रोका जा सकेगा, जिससे नदी में निश्चित मात्रा में पानी बहेगा। रेगुलर पानी मिलने से सरपल्स पानी को नदी में छोड़ा जा सकेगा।
यमुना पर बने जलाशय पहाडिय़ों पर अच्छी बरसात से जल बहाव अचानक बढ़ जाता है। नदी पर कोई जलाशय नहीं होने के कारण बरसाती पानी बेकार चला जाता है। जलाशय बनने से काफी हद तक पानी को रोका जा सकेगा, जिससे नदी में निश्चित मात्रा में पानी बहेगा। रेगुलर पानी मिलने से सरपल्स पानी को नदी में छोड़ा जा सकेगा।
मंगलवार, 12 मार्च 2013
हथनीकुंड बैराज पर तीन हिस्सों में बंटता है यमुना का जल
यमुनानगर में यमुना नदी में पड़े डिस्पोजल, बोतलें और कचरा। -सुरेंद्र मेहता
यमुनानगर, 11 मार्र्च। यमुना शुद्धिकरण योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किये जाने के बावजूद आज भी यमुना का दूषित करने का क्रम जारी है। यमुना को दूषित होने से बचाने के लिए जहां वृंदावन से दिल्ली तक अभियान चलाकर संतों ने आवाज उठाई है वहीं हरियाणा विधानसभा के कई विधायक भी यमुना को प्रदूषित करने के कारणों का पता लगाकर विधानसभा अध्यक्ष को अवगत भी करवा चुके हैं। इस सबके बावजूद आज भी एक दर्जन से ज्यादा ऐसे स्थान हैं, जहां से फैक्ट्रियों का जहरीला पानी एवं शहर का गंदा पानी सीधे यमुना में डाला जा रहा है।
कालिंदी पर्वतमालाओं से निकल कर प्रयाग तक के तेरह सौ सत्तर किमी लंबे सफर पर निकली यमुना नदी अब अपना जीवन बचाने के लिए संघर्षरत है, क्योंकि इसकी जलधारा को जहां हथनीकुंड बैराज ने संकुचित करके रख दिया है, वहीं इसके निर्मल जल को फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी ने दूषित कर दिया है। विकास के उन्माद में धरती के सबसे बुद्धिमान प्राणी मानव ने ही इसके प्रवाह पर ग्रहण लगा दिया है, जिससे यमुना किनारे बसे करोड़ों-करोड़ों जन मानस की आस्था पर कुठाराघात होने लगा है।
अंग्रेजी हकूमत ने पहाड़ी क्षेत्रों के जल पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 1873 में यमुना नदी पर ताजेवाला हैड बनाया गया था। इस दौरान बारिश के दिनों को छोड़कर वर्ष के शेष दिनों में यमुना की जलधारा अपने पूरे अस्तित्व के साथ प्रयाग तक बहती रहती थी। लेकिन समय बदला और वर्ष 1995 में ताजेवाला हैड की जर्जर हालत को देखते हुए इसे कंडम घोषित कर दिया गया। जिसके बाद हिमाचल, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा ने यमुना नदी के जल पर अपना-अपना हक जताना शुरू कर दिया। इन राज्यों की हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए वर्ष 1996 में यमुना जल के बंटवारे को लेकर हथनीकुंड बैराज का निर्माण करने पर समझौता हुआ। यही वजह है कि इस फैसले के होने के बाद के दिन से ही यमुना के अस्तित्व पर संकट मंडरा गया।
शहर का सीवरेज और कूड़ा सीधे पश्चिमी यमना नहर (डब्ल्यूजेसी) में बहाया जा रहा है, यहां तक कि मरे पशुओं को भी नदी व नहर किनारे डाला जा रहा है जिससे यह नदी में तैरते आम देखे जा सकते हैं। यही पानी फिल्टर करके दिल्ली में पीने के लिए प्रयुक्त हो रहा है। वर्ष 2012 जून-जुलाई में हरियाणा विधानसभा की पब्लिक एकाउंट्स कमेटी (पीएसी) की टीम ने यमुनानगर का दौरा कर डब्ल्यूजेसी में गंदगी और सीवरेज डालने के लिए अधिकारियों को लताड़ लगाई थी। इसके बाद कुछ समय के लिए कूड़ा यमुना किनारे से उठा दिया गया, लेकिन सीवरेज का पानी ज्यों का त्यों डाला जा रहा है। शहर की औद्योगिक इकाइयों का गंदा व जहरीला पानी यमुना नहर में जाने से रोकने के लिए अदालती आदेश के बाद 13.71 करोड़ की लागत से 23 किलोमीटर लंबी डिच ड्रेन बनाई गई थी। इसमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयों पेपर मिल (बिल्ट), स्टार्च मिल, हरियाणा डिस्टिलरी व सरस्वती शूगर मिल सहित अन्य इकाइयों का पानी डाला जाना था, लेकिन वर्ष 2009 में बनते ही डिच ड्रेन टूट गई। इसके बाद यह औद्योगिक कचरा बेरोकटोक डब्ल्यूजेसी में जाने लगा।
कालिंदी पर्वतमालाओं से निकल कर प्रयाग तक के तेरह सौ सत्तर किमी लंबे सफर पर निकली यमुना नदी अब अपना जीवन बचाने के लिए संघर्षरत है, क्योंकि इसकी जलधारा को जहां हथनीकुंड बैराज ने संकुचित करके रख दिया है, वहीं इसके निर्मल जल को फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी ने दूषित कर दिया है। विकास के उन्माद में धरती के सबसे बुद्धिमान प्राणी मानव ने ही इसके प्रवाह पर ग्रहण लगा दिया है, जिससे यमुना किनारे बसे करोड़ों-करोड़ों जन मानस की आस्था पर कुठाराघात होने लगा है।
अंग्रेजी हकूमत ने पहाड़ी क्षेत्रों के जल पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 1873 में यमुना नदी पर ताजेवाला हैड बनाया गया था। इस दौरान बारिश के दिनों को छोड़कर वर्ष के शेष दिनों में यमुना की जलधारा अपने पूरे अस्तित्व के साथ प्रयाग तक बहती रहती थी। लेकिन समय बदला और वर्ष 1995 में ताजेवाला हैड की जर्जर हालत को देखते हुए इसे कंडम घोषित कर दिया गया। जिसके बाद हिमाचल, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा ने यमुना नदी के जल पर अपना-अपना हक जताना शुरू कर दिया। इन राज्यों की हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए वर्ष 1996 में यमुना जल के बंटवारे को लेकर हथनीकुंड बैराज का निर्माण करने पर समझौता हुआ। यही वजह है कि इस फैसले के होने के बाद के दिन से ही यमुना के अस्तित्व पर संकट मंडरा गया।
शहर का सीवरेज और कूड़ा सीधे पश्चिमी यमना नहर (डब्ल्यूजेसी) में बहाया जा रहा है, यहां तक कि मरे पशुओं को भी नदी व नहर किनारे डाला जा रहा है जिससे यह नदी में तैरते आम देखे जा सकते हैं। यही पानी फिल्टर करके दिल्ली में पीने के लिए प्रयुक्त हो रहा है। वर्ष 2012 जून-जुलाई में हरियाणा विधानसभा की पब्लिक एकाउंट्स कमेटी (पीएसी) की टीम ने यमुनानगर का दौरा कर डब्ल्यूजेसी में गंदगी और सीवरेज डालने के लिए अधिकारियों को लताड़ लगाई थी। इसके बाद कुछ समय के लिए कूड़ा यमुना किनारे से उठा दिया गया, लेकिन सीवरेज का पानी ज्यों का त्यों डाला जा रहा है। शहर की औद्योगिक इकाइयों का गंदा व जहरीला पानी यमुना नहर में जाने से रोकने के लिए अदालती आदेश के बाद 13.71 करोड़ की लागत से 23 किलोमीटर लंबी डिच ड्रेन बनाई गई थी। इसमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयों पेपर मिल (बिल्ट), स्टार्च मिल, हरियाणा डिस्टिलरी व सरस्वती शूगर मिल सहित अन्य इकाइयों का पानी डाला जाना था, लेकिन वर्ष 2009 में बनते ही डिच ड्रेन टूट गई। इसके बाद यह औद्योगिक कचरा बेरोकटोक डब्ल्यूजेसी में जाने लगा।
शनिवार, 9 मार्च 2013
प्रदेश में खोले जायेंगे चार महिला थाने
प्रदेश में खोले जायेंगे चार महिला थाने
यमुनानगर के जिला सचिवालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते क्राइम अंगेस्ट वूमन के एडीजीपी के साल्वराज। छाया : सुरेंद्र मेहता
सुरेंद्र मेहता/
यमुनानगर, 8 मार्च। हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जहां महिला हैल्पलाईन, महिला पीसीआर की व्यवस्था की गयी है, वहीं महिला कांस्टेबलों की भर्ती व चार महिला थाने खोलने की भी योजना है। यह कहना है वुमेन अगेंस्ट क्राइम के एडीजीपी के साल्वराज का। जो यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि राज्य में बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं बल्कि ऐसी घटनाओं को और कम करने को लेकर प्रयास जारी हैं। बलात्कार की घटनाओं को लेकर खासकर जहां सख्ती बरती जा रही है, वहीं गांव व कालोनियों में पुलिस कर्मचारी व अधिकारी आम जनमानस को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा महिला हैल्पलाईन की व्यवस्था की गयी है और महिला पीसीआर भी गश्त करती रहती है। महिला थानों की भी शुरुआत की गयी है और जल्द ही चार नये महिला थाने गुडग़ांव, पंचकूला, फरीदाबाद एवं बहादुरगढ़ में खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में महिला पुलिस साढ़े 6 प्रतिशत है जिसे दस प्रतिशत करने के प्रयास जारी हैं। महिला कांस्टेबलों की भर्ती को लेकर अनुमति मिल गयी है और जल्द ही यह भर्ती की जायेगी। उन्होंने बताया कि बलात्कार के मामलों की जांच ज्यादा से ज्यादा 30 दिन और हत्या के मामलों की जांच 15 दिन के बीच पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। ताकि जल्द से जल्द पीडि़त को न्याय मिल सके।
इससे पूर्व लघु सचिवालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक में पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के मामले में पुलिस अधिकारी ढील न बरतें, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। श्री साल्वराज ने बताया कि उन्होंने 15 अक्तूबर को कार्य संभाला है। महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध को देखते हुए वुमेन अंगेस्ट क्राइम विभाग बनाया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में वह प्रदेश के सभी जिलों में दौरा कर पुलिस फोर्स को जानकारी दे रहे हैं।
यमुनानगर, 8 मार्च। हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जहां महिला हैल्पलाईन, महिला पीसीआर की व्यवस्था की गयी है, वहीं महिला कांस्टेबलों की भर्ती व चार महिला थाने खोलने की भी योजना है। यह कहना है वुमेन अगेंस्ट क्राइम के एडीजीपी के साल्वराज का। जो यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि राज्य में बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं बल्कि ऐसी घटनाओं को और कम करने को लेकर प्रयास जारी हैं। बलात्कार की घटनाओं को लेकर खासकर जहां सख्ती बरती जा रही है, वहीं गांव व कालोनियों में पुलिस कर्मचारी व अधिकारी आम जनमानस को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा महिला हैल्पलाईन की व्यवस्था की गयी है और महिला पीसीआर भी गश्त करती रहती है। महिला थानों की भी शुरुआत की गयी है और जल्द ही चार नये महिला थाने गुडग़ांव, पंचकूला, फरीदाबाद एवं बहादुरगढ़ में खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में महिला पुलिस साढ़े 6 प्रतिशत है जिसे दस प्रतिशत करने के प्रयास जारी हैं। महिला कांस्टेबलों की भर्ती को लेकर अनुमति मिल गयी है और जल्द ही यह भर्ती की जायेगी। उन्होंने बताया कि बलात्कार के मामलों की जांच ज्यादा से ज्यादा 30 दिन और हत्या के मामलों की जांच 15 दिन के बीच पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। ताकि जल्द से जल्द पीडि़त को न्याय मिल सके।
इससे पूर्व लघु सचिवालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक में पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के मामले में पुलिस अधिकारी ढील न बरतें, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। श्री साल्वराज ने बताया कि उन्होंने 15 अक्तूबर को कार्य संभाला है। महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध को देखते हुए वुमेन अंगेस्ट क्राइम विभाग बनाया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में वह प्रदेश के सभी जिलों में दौरा कर पुलिस फोर्स को जानकारी दे रहे हैं।
शुक्रवार, 8 मार्च 2013
महिला दिवस विशेष
छोटे शहर-गांव की लड़कियों के बड़े कारनामे
Posted On March - 7 - 2013
सुरेंद्र मेहत
यमुनानगर, 7 मार्च। यमुनानगर की बच्चियों से लेकर विवाहिताओं द्वारा अपने हुनर एवं आत्मविश्वास के चलते देश ही नहीं अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने का काम किया है। इसमें चाहे कर्णम मल्लेश्वरी हों जिसने ओलंपिक में भारतीय परचम लहराया था, वहीं शैना अग्रवाल ने आईएएस परीक्षा में देश भर में प्रथम स्थान हासिल किया। इनका कहना है कि यमुनानगर जैसे छोटे शहर में अगर और सुविधाएं मुहैया करवाई जाए तो निश्चित तौर पर यहां की लड़कियां शिक्षा, खेलों के अलावा सामाजिक गतिविधियों में भी अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर उल्लेखनीय स्थान हासिल कर सकती हैं।
यमुनानगर के कांसापुर जैसे ग्रामीण इलाके में रहने वाली मोनिका शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। हाथ-पैर खराब होने के बावजूद वह मुंह से लिखकर स्नातक तक की परीक्षा पास कर चुकी है। मोनिका शर्मा जब 8 वर्ष की थी तब उसके दोनों हाथ व पांव किसी बीमारी के चलते काम करना छोड़ गए थे। मोनिका ने इससे हार नहीं मानी और इसे चुनौती मानते हुए इसका सामना किया। स्कूली पढ़ाई हो या कालेज की बोर्ड व विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में मोनिका ने सदा ही अव्वल नंबर पर बाजी मारी है। मुंह में कलम दबाकर शानदार लिखाई लिखते हुए बिना किसी सहायक के ग्रेजुएशन करने वाली मोनिका इन दिनों पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी में जुटी है। मोनिका जैसी लड़कियां दूसरों के लिए भी प्रेरणा है।
यमुनानगर के कांसापुर जैसे ग्रामीण इलाके में रहने वाली मोनिका शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। हाथ-पैर खराब होने के बावजूद वह मुंह से लिखकर स्नातक तक की परीक्षा पास कर चुकी है। मोनिका शर्मा जब 8 वर्ष की थी तब उसके दोनों हाथ व पांव किसी बीमारी के चलते काम करना छोड़ गए थे। मोनिका ने इससे हार नहीं मानी और इसे चुनौती मानते हुए इसका सामना किया। स्कूली पढ़ाई हो या कालेज की बोर्ड व विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में मोनिका ने सदा ही अव्वल नंबर पर बाजी मारी है। मुंह में कलम दबाकर शानदार लिखाई लिखते हुए बिना किसी सहायक के ग्रेजुएशन करने वाली मोनिका इन दिनों पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी में जुटी है। मोनिका जैसी लड़कियां दूसरों के लिए भी प्रेरणा है।
यमुनानगर की पुत्रवधु कर्णम मल्लेश्वरी ने तो ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल कर शहर का नाम पूरे अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने वर्ष 2000 में आयोजित सिडनी ओलंपिक में उस समय देश का परचम लहराया जब कोई पुरुष खिलाड़ी भी देश के लिए कोई मेडल न ला सका था। मलेश्वरी की इस उपलब्धि से जहां भारत पदक तालिका की सूची से बाहर होने से बच गया वहीं जिले के साथ-साथ प्रदेश व देश के लिए भी यह गौरव की बात थी कि उनकी एक महिला खिलाड़ी ने ओलंपिक में भारत की लाज रख ली। मलेश्वरी ने यह पदक उन परिस्थितियों में जीता जब इस प्रतियोगिता से पहले उसे कोई विशेष सुविधा प्रदान नही की गई थी। उन्होंने अपने घर का फर्श तोड़कर वहां जी तोड़ अभ्यास किया, जिसका परिणाम कांस्य पदक के रूप में भारत को मिला।
कर्णम मल्लेश्वरी की तरह ही यमुनानगर के गांव फतेहपुर की लड़कियां आजकल कुश्ती में अपने जौहर दिखा रही हैं। इस गांव की साया व सिमरण ने तो राष्टï्रीय स्तर की स्कूल प्रतियोगिता में स्वर्ण एवं रजत पदक हासिल किया बल्कि अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में भारतीय पताका लहराना है। इस गांव की 4 अन्य लड़कियां भी कुश्ती में ही राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं।
यमुनानगर की पुत्रवधु समीरा जोकि दो वर्षों तक बतौर एयर होस्टेस एयर इंडिया के साथ जुड़ी रही और शादी के बाद अधिवक्ता के रूप में भी कुछ समय तक कार्य किया। इस दौरान वे जिला बार एसोसिएशन की सचिव भी बनी। बाद में उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग कंपनी में बतौर कार्यकारी निदेशक कार्य संभाला। समीरा आज ओरियंटल इंजीनियरिंग का कार्य देख रही है। इसके अतिरिक्त समाज सेवा भी में भी समीरा का जवाब नही। न जाने कितनी सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर वे समाज की सेवा कर रही है। उनका कहना है कि यह सब परिवार के सहयोग से ही संभव हो सकता है जो उन्हें अपने पिता के यहां भी मिला और अपने पति के यहां भी।
कर्णम मल्लेश्वरी की तरह ही यमुनानगर के गांव फतेहपुर की लड़कियां आजकल कुश्ती में अपने जौहर दिखा रही हैं। इस गांव की साया व सिमरण ने तो राष्टï्रीय स्तर की स्कूल प्रतियोगिता में स्वर्ण एवं रजत पदक हासिल किया बल्कि अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में भारतीय पताका लहराना है। इस गांव की 4 अन्य लड़कियां भी कुश्ती में ही राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं।
यमुनानगर की पुत्रवधु समीरा जोकि दो वर्षों तक बतौर एयर होस्टेस एयर इंडिया के साथ जुड़ी रही और शादी के बाद अधिवक्ता के रूप में भी कुछ समय तक कार्य किया। इस दौरान वे जिला बार एसोसिएशन की सचिव भी बनी। बाद में उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग कंपनी में बतौर कार्यकारी निदेशक कार्य संभाला। समीरा आज ओरियंटल इंजीनियरिंग का कार्य देख रही है। इसके अतिरिक्त समाज सेवा भी में भी समीरा का जवाब नही। न जाने कितनी सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर वे समाज की सेवा कर रही है। उनका कहना है कि यह सब परिवार के सहयोग से ही संभव हो सकता है जो उन्हें अपने पिता के यहां भी मिला और अपने पति के यहां भी।
आईएएस की परीक्षाओं में देश भर प्रथम स्थान हासिल कर जिले व प्रदेश का नाम रोशन करने वाली शैना अग्रवाल भी यमुनानगर की ही रहने वाली है। इससे पूर्व भी शैना ने मेडिकल के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए जहां एम.बी.बी.एस की परीक्षाओं में भी प्रथम स्थान हासिल किया था वहीं पी.एम.टी. की परीक्षाओं में भी देश में प्रथम स्थान हासिल कर के जिले का गौरव बढ़ाया था। शैना जैसी बेटी पर किसे नाज नहीं होगा आज पूरा शहर ही नहीं बल्कि पूरा देश की इस उपलब्धि पर उसे सलाम करता है। शैना का कहना है कि वह जहां भी नियुक्त होगी अपने काम को ईमानदारी व निष्ठा के साथ अंजाम तक पहुंचाएगी।
इसके अलावा महिला फैशन डिजाइनर मीतू सलूजा भी आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख और डिजाइन प्रकाशित होते रहते है। अपने प्रोफेशन के अलावा मीतू विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। आज कल वह खादी के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाए हुए है। उनका कहना है कि महिला दिवस पर महिलाओं को हर क्षेत्र में जागरूक करने का संकल्प लिया जाना चाहिए।
सड़क के किनारे झोपड़ी में रहकर विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाएं बनाने में कल्पना व छाया भी किसी से पीछे नहीं है। धूप हो या बरसात यह महिलाएं अपने बच्चों का लालन-पालन करने के लिए कार्य करती रहती हैं।
इसके अलावा महिला फैशन डिजाइनर मीतू सलूजा भी आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख और डिजाइन प्रकाशित होते रहते है। अपने प्रोफेशन के अलावा मीतू विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। आज कल वह खादी के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाए हुए है। उनका कहना है कि महिला दिवस पर महिलाओं को हर क्षेत्र में जागरूक करने का संकल्प लिया जाना चाहिए।
सड़क के किनारे झोपड़ी में रहकर विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमाएं बनाने में कल्पना व छाया भी किसी से पीछे नहीं है। धूप हो या बरसात यह महिलाएं अपने बच्चों का लालन-पालन करने के लिए कार्य करती रहती हैं।
बुधवार, 6 मार्च 2013
श्री ज्योर्तिलिंग सिद्ध पीठ पातालेश्वर महादेव धाम में होगा महाशिवत्रि पर्व
श्री ज्योर्तिलिंग सिद्ध पीठ पातालेश्वर महादेव धाम बुडिय़ा, जिला यमुनानगर में महाशिवरत्रि पर्व 9 से 11 मार्च तक मनाया जायेगा। 9 मार्च को शोभा यात्रा एवं नगर संकीर्तण होगा। श्री अनुज वत्स जी अपने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को निहाल करेंगे। 10 मार्च सुबह 4 बजे कलश पूजन के बाद जलधारा प्रारंभ एवं 5 बजे भजन गंगा आरंभ होगी। भजन गंगा में विनोद राजन एंड पार्टी और सर्व धर्म भजनों में श्री सत्य सांई सेवा समिति यमुनानगर द्वारा भजनों का गुणगान किया जायेगा। 11 मार्च को शिव गुणगान होगा जिसमें सुप्रसिद्ध भजन गायिका रूपम शर्मा शिव जी का गुणगान करेंगे। 1982 को धाम पर जगत गुरू शंकराचार्य श्री निरंजनदेव पुरी जी का आगमन हुआ था और उन्होंने ही यहां स्थित शिवलिंग को ज्योतिर्लिंग की संज्ञा दी थी।
शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013
जन्मदिवस एवं बसंत पंचमी महोत्सव मनाया गया।
श्री लाल द्वारा मंदिर यमुनानगर में आज श्री १००८ महंत श्री द्वारका दास जी महाराज ब्रह्मलीन तेरहवीं गद्दी दरबार श्री ध्यानपुर वालों का जन्मदिवस एवं बसंत पंचमी महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नाचगाकर जन्मोत्सव मनाया।
हवन यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें अक्षिता एवं रोहित शर्मा तथा श्रीमती नेहा एवं मुकेश कश्यप मुख्य यजमान थे। प्रसिद्ध भजनोपदेशक श्री राम जी दास एंड पार्टी सहित कई भजन मंडलियों ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर महाराज की प्रतिमा पर तिलक लगाकर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
जन्मदिवस के अवसर पर स्वामी राम जी दास ने गुरू महिमा का व्याख्यान करते हुए कहा कि गुरू के बिना मानव जीवन का महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरू ही भगवान और मानव के बीच की कड़ी है। इसलिए हर इंसान को गुरू जरूर धारन करना चाहिए और उसके बताये रास्ते पर चलकर अपना जीवन धन्य बनाना चाहिए। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मंदिर कमेटी प्रधान पूर्णचंद मेहता व महासचिव सुरजीत मेहता ने बताया कि सतगुरू बावा लाल दयाल जी महाराज की ध्यानपुर गद्दी पर इस समय १५वें गुरू श्री राम सुंदर दास जी महाराज विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि श्री ध्यानपुर गद्दी पर स्थित बावली में स्नान मात्र से संतान की प्राप्ति होती है।
मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013
श्री लालद्वारा मंदिर में जन्मोत्सव समारोह का हुआ आयोजन
सतगुरू बावा लाल दयाल जी महाराज का ६५८वां जन्मोत्सव मन्दिर श्री लाल द्वारा में हर्षोल्लास से मनाया गया। यमुनानगर व जगाधरी सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने समागम में भाग लिया।
मुख्य यजमान श्रीमती तराना एवं सुमित धीमान की देखरेख में समागम का आरंभ हवन यज्ञ व ध्वजारोहण से हुआ। पंडित गोपाल शर्मा व उनकी टीम ने विधिविधान से यज्ञ संपूर्ण करवाया। तत्पश्चात संकीर्तन व दूज उत्सव हुआ। उत्सव में प्रसिद्ध भजनीक श्रीमती रूपम शर्मा एंड पार्टी सहित कई महिला संकीर्तण मंडलियों ने अपने भजनों के माध्यम से गुरूओं का गुणगान किया। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था, वे भजनों पर नाच-गाकर गुरू महाराज का जन्म दिवस मना रहे थे।
मुख्य यजमान श्रीमती तराना एवं सुमित धीमान की देखरेख में समागम का आरंभ हवन यज्ञ व ध्वजारोहण से हुआ। पंडित गोपाल शर्मा व उनकी टीम ने विधिविधान से यज्ञ संपूर्ण करवाया। तत्पश्चात संकीर्तन व दूज उत्सव हुआ। उत्सव में प्रसिद्ध भजनीक श्रीमती रूपम शर्मा एंड पार्टी सहित कई महिला संकीर्तण मंडलियों ने अपने भजनों के माध्यम से गुरूओं का गुणगान किया। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था, वे भजनों पर नाच-गाकर गुरू महाराज का जन्म दिवस मना रहे थे।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मंदिर कमेटी महासचिव सुरजीत मेहता ने बताया कि सतगुरू बावा लाल दयाल जी महाराज का जन्म लाहौर के समीप कसूर में संवत १४१२ को हुआ था। मात्र १८ वर्ष की आयु में महाराज अध्यात्म की ओर मुड़ गये थे। श्री चैतन्य स्वामी जी की शरण में जाने के बाद उन्होंने धर्म प्रचार प्रारंभ किया। सतगुरू बावा लाल जी महाराज ने धर्म का इतनाप्रचार किया कि भारत में ही नहीं अपितु पाकिस्तान, नेपाल, अफगानिस्तान में भी आज गद्दियां हैं। जहां श्रद्धालु माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं पूरी कर रहे हैं। श्री मेहता ने बताया कि यमुनानगर जिले में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नाम दीक्षा ली हुई है। यहां बने लालद्वारा मंदिर में २२ देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिव परिवार व हनुमान जी का मंदिर अलग से बनाया गया है। समागम के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान पूर्णचंद मेहता, लाला दयाल चंद गोयल, पूर्ण महेंद्र चोपड़ा, सोनू, मोनू, सुरेंद्र मेहता, देवेंद्र मेहता, विपिन कोहली, खरैती लाल, विक्की मेहता मुख्य रूप से उपस्थित थे ।
सोमवार, 11 फ़रवरी 2013
श्री लालद्वारा मंदिर यमुनानगर में 12 से 14 फरवरी तक आयोजित होगा समागम
श्री लालद्वारा मंदिर यमुनानगर में 12 से 14 फरवरी तक आयोजित होने वाले समागम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समागम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। श्री लालद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पूर्ण चंद मेहता व महासचिव सुरजीत मेहता ने बताया कि सतगुरू बावा लाल दयाल जी सहाय के 658वें जन्मोत्सव को लेकर यह समागम आयोजित किया जा रहा है।
12 फरवरी को सतगुरू बावा लाल दयाल जी महाराज का 658वा जन्मोत्सव वार्षिक दूज के रूप में मनाया जायेगा। समारोह के अंतर्गत आयोजित हवन यज्ञ व ध्वजारोहन की रस्म श्रीमती तराना व सुमित धीमान द्वारा अदा की जायेगी। इसके बाद लाल संकीर्तन व दूध उत्सव होगा जिसमें प्रसिद्ध भजनीक श्रीमती रूपम शर्मा एवं पार्टी व श्री राम जी दास राधे राधे सर्व सांझा श्री राधा संकीर्तन मंडली समेत अनेकों भजन मंडलियां अपने भजनों से श्रद्धालुओं को निहाल करेंगी। 14 फरवरी को तेहरवीं गद्दी नशीन ब्रह्मïलीन श्री 1008 महंत श्री द्वारका दास जी महाराज का जन्मोत्सव एवं बसंत पंचमी समारोह का आयोजन मंदिर प्रांगण में होगा। हवन यज्ञ में श्रीमती अक्षिता एवं रोहित शर्मा तथा श्रीमती नेहा एवं मुकेश कश्यप मुख्य यजमान होंगे। इसके बाद बसंत उत्सव होगा। जिसमें अनेकों भजनोंपदेशक व महिला संकीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। 12 एवं 14 फरवरी को ब्रह्मï भोज व भंडारों का आयोजन होगा। इस अवसर पर लाला दयाल चंद गोयल, राकेश कोहली, नरेंद्र ऑबराय, खरैती लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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