शुक्रवार, 14 मार्च 2014
गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014
बुधवार, 12 फ़रवरी 2014
आखिर ये किसके वंशज है यही सवाल तलाशें मैं निकला पड़ा इन के पीछे पर हाथ फिर इक सवाल आया क्या यही हमारा राईट तो एजुकेशन है क्योंकि जिसका हाथ खली सब से बड़ा मवाली......
आखिर ये किसके वंशज है यही सवाल तलाशें मैं निकला पड़ा इन के पीछे पर हाथ फिर इक सवाल
आया क्या यही हमारा राईट तो एजुकेशन है क्योंकि जिसका हाथ खली सब से बड़ा मवाली......
read more "आखिर ये किसके वंशज है यही सवाल तलाशें मैं निकला पड़ा इन के पीछे पर हाथ फिर इक सवाल आया क्या यही हमारा राईट तो एजुकेशन है क्योंकि जिसका हाथ खली सब से बड़ा मवाली......"
बुधवार, 5 फ़रवरी 2014
Patjhad savan basant bahar Patjhad savan basant bahar Ek baras ke mausam char Mausam char mausam char Panchva mausam pyar ka intezar ka
Patjhad savan basant bahar
Patjhad savan basant bahar
Ek baras ke mausam char
Mausam char mausam char
Panchva mausam pyar ka intezar ka
read more "Patjhad savan basant bahar Patjhad savan basant bahar Ek baras ke mausam char Mausam char mausam char Panchva mausam pyar ka intezar ka"
मंगलवार, 31 दिसंबर 2013
सोमवार, 18 नवंबर 2013
शुक्रवार, 30 अगस्त 2013
शनिवार, 27 जुलाई 2013
गुरुवार, 18 जुलाई 2013
ओवरलोडिड’ कार ट्रक से टकरायी, 4 मरे
‘ओवरलोडिड’ कार ट्रक से टकरायी, 4 मरे
यमुनानगर, 17 जुलाई (हप्र)। मंगलवार देर रात आल्टो कार व रेत से भरे ट्रक के बीच जबरदस्त टक्कर होने से कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। आल्टो में महिलाओं व चार बच्चों समेत दस लोग सवार थे। हादसे के बाद ट्रक का ड्राईवर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार चालक ने शराब पी हुई थी एवं ट्रक तेज़ गति में था।
जानकारी के अनुसार ईएसआई अस्पताल केपीछे बसे गुरुनानक पुरा कालोनी निवासी प्रिंस की मंगलवार को शादी हुई थी। रात को गीता भवन में विवाह केबाद पार्टी का आयोजन किया गया था। विवाह पार्टी में परिवार व रिश्तेदार शामिल हुए। देर रात को पार्टी केबाद प्रिंस की मां नीलम, चंडीगढ़ सेक्टर 20 निवासी मौसी बचनी देवी उर्फ आशा रानी, मौसी का बेटा श्याम कुमार, जीजा जालंधर निवासी राकेश कुमार, जीजा बसंत नगर निवासी लवनीश, बहन सोनिया, अंबाला कैंट निवासी कमल, बहन के दोनों बच्चे शिवम, युवराज चंडीगढ़ निवासी निहारिका कार से वापस रात्रि साढ़े बारह बजे गुरुनानक पुरा कालोनी में घर पर लौट रहे थे।
इस दौरान मधु चौक यमुनानगर पर उनकी कार की रेत से भरे ट्रक के साथ जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीसरे ने अस्पताल जाते हुए दम तोड़ दिया, जबकि चौथे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतकों के रिश्तेदार प्रिंस ने बताया कि कार में सवार दस लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। मरने वालों में नीलम, बचनी देवी, शामू व एक इस परिवार का दामाद शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार ईएसआई अस्पताल केपीछे बसे गुरुनानक पुरा कालोनी निवासी प्रिंस की मंगलवार को शादी हुई थी। रात को गीता भवन में विवाह केबाद पार्टी का आयोजन किया गया था। विवाह पार्टी में परिवार व रिश्तेदार शामिल हुए। देर रात को पार्टी केबाद प्रिंस की मां नीलम, चंडीगढ़ सेक्टर 20 निवासी मौसी बचनी देवी उर्फ आशा रानी, मौसी का बेटा श्याम कुमार, जीजा जालंधर निवासी राकेश कुमार, जीजा बसंत नगर निवासी लवनीश, बहन सोनिया, अंबाला कैंट निवासी कमल, बहन के दोनों बच्चे शिवम, युवराज चंडीगढ़ निवासी निहारिका कार से वापस रात्रि साढ़े बारह बजे गुरुनानक पुरा कालोनी में घर पर लौट रहे थे।
इस दौरान मधु चौक यमुनानगर पर उनकी कार की रेत से भरे ट्रक के साथ जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीसरे ने अस्पताल जाते हुए दम तोड़ दिया, जबकि चौथे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतकों के रिश्तेदार प्रिंस ने बताया कि कार में सवार दस लोग शादी समारोह से लौट रहे थे। मरने वालों में नीलम, बचनी देवी, शामू व एक इस परिवार का दामाद शामिल हैं।
ड्रंकन ड्राइविंग या कुछ और?
जांच अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि रेत बजरी वाले ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार ड्राइवर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पार्टी भेजी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार चालक ने शराब पी हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि चालक शराब के नशे में था या नहीं।
वहीं हरजीत, प्रीतम व संदीप का कहना है कि शहर में रात के समय गुजरने वाले रेत व बजरी के ये ट्रक अकसर शहर में दुर्घटनाओं का सबब बनते हैं।
लेकिन पुलिस इन पर लगाम लगाने में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि खनन माफिया के लोग रात के समय अवैध खनन करते हैं। पुलिस व अधिकारियों के हाथों पकड़े जाने के भय से ये वाहनों को अंधाधुंध बेपरवाह दौड़ाते हैं। इन्हीं में से एक ट्रक गत रात शहर के बीचों बीच मधु चौक पर दौड़ कर निकल रहा था कि सामने से आ रही आल्टो कार के साथ जा टकराया।
जांच अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि रेत बजरी वाले ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार ड्राइवर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पार्टी भेजी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार चालक ने शराब पी हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि चालक शराब के नशे में था या नहीं।
वहीं हरजीत, प्रीतम व संदीप का कहना है कि शहर में रात के समय गुजरने वाले रेत व बजरी के ये ट्रक अकसर शहर में दुर्घटनाओं का सबब बनते हैं।
लेकिन पुलिस इन पर लगाम लगाने में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि खनन माफिया के लोग रात के समय अवैध खनन करते हैं। पुलिस व अधिकारियों के हाथों पकड़े जाने के भय से ये वाहनों को अंधाधुंध बेपरवाह दौड़ाते हैं। इन्हीं में से एक ट्रक गत रात शहर के बीचों बीच मधु चौक पर दौड़ कर निकल रहा था कि सामने से आ रही आल्टो कार के साथ जा टकराया।
सोमवार, 15 जुलाई 2013
यमुनानगर के शर्मा परिवार ने फिल्मों में जमाया सिक्का
यमुनानगर के शर्मा परिवार ने फिल्मों में जमाया सिक्का
Posted On July - 15 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 14 जुलाई। देश व विदेश में धूम मचाने वाली चर्चित फिल्म भाग मिल्खा भाग व बीए पास में यमुनानगर के कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। यही नहीं यहां रहने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्य फिल्मों में काम कर यहां का नाम रोशन कर रहे हैं। भाग मिल्खा भाग में जहां यहां के बेटे व मां ने किरदार निभाया है वहीं बीए पास में मां महत्वपूर्ण भूमिका में है।
स्थानीय माडल कालोनी में रहने वाले राजिंद्र शर्मा, उनकी पत्नी गीता शर्मा व बेटा चिन्मय शर्मा आज किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं। चिन्मय शर्मा को तो चिल्लर पार्टी फिल्म में अच्छा अभिनय करने पर सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार भी मिल चुका है। अब यह परिवार फिल्म भाग मिल्खा भाग व बीए पास को लेकर चर्चा में है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए गीता शर्मा व राजेंद्र शर्मा ने बताया कि भाग मिल्खा भाग फिल्म जिसे कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा जिन्होंने दिल्ली-6 व रंग दे बसंती जैसी बड़ी फिल्में दी हैं, द्वारा ही बनाई गई है। इस फिल्म में उनके बेटे चिन्मय बचपन केमिल्खा के दोस्त समप्रीत का किरदार निभा रहे हैं। इसी फिल्म में गीता शर्मा खुद मिल्खा की मां का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि उनका किरदार इस फिल्म में चाहे थोड़ा है लेकिन है महत्वपूर्ण। इस फिल्म में दिखाया गया है कि चिन्मय किस प्रकार मिल्खा केसाथ अपना बचपन गुजारता है। उसी केसाथ ही स्कूल जाता है और हर प्रकार की मस्ती भी करता है। इसी केसाथ ही गीता शर्मा की एक अन्य फिल्म बी.ए. पास में भी उनका महत्वपूर्ण रोल है और वे फिल्म के हीरो की बुआ का मुख्य किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म भी दर्शकों को खूब पसंद आएगी। इसके अतिरिक्त चिन्मय एक टी.वी. चैनल पर आने वाले कार्यक्रम मास्टर सैफ जूनियर के प्रोमों में भी काम कर रहे हैं। जल्द ही चिन्मय की अगली फिल्म क्वीन जो कि कंगना राणावत के साथ है, जल्द ही दर्शकों को देखने को मिलेगी। इस फिल्म में चिन्मय कंगना के भाई का किरदार निभा रहा है। राजेंद्र शर्मा उर्फ नानू की प्रतिभा भी पहले कई बड़े फिल्मी स्टारों के साथ दिख चुकी है। जल्द ही उनकी अगली फिल्म बजाते रहो रिलीज होने वाली है। नानू ने कहा कि इस फिल्म में उनका नेगेटिव किरदार है। इस फिल्म में वे अपने बहनोई के साथ मिलकर मिलावटी धंधा करते हुए दिखाई देंगे। इससे पहले भी दर्जनों फिल्मों में राजेंद्र काम कर चुके हैं और थियेटर की दुनिया में राजेंद्र शर्मा एक जानामाना नाम है और न जाने कितने अवार्डों से राजेंद्र शर्मा को सम्मानित किया जा चुका है।
जिले का बाल कलाकार चिन्मय प्रदेश का एकमात्र ऐसा बाल कलाकार है जिसे पिछले वर्ष उप राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में सम्मानित किया गया था। चिन्मय ने अपनी पहली फिल्म चिल्लर पार्टी जो कि सलमान खान द्वारा निर्मित थी, में पनौती की भूमिका निभाते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। चिन्मय की माता गीता शर्मा इन दिनों लाइफ ओके टी.वी. पर दिखाए जाने वाले धारावाहिक कैसा है ये इश्क में भी मुख्य भूमिका निभा रही हैं।
स्थानीय माडल कालोनी में रहने वाले राजिंद्र शर्मा, उनकी पत्नी गीता शर्मा व बेटा चिन्मय शर्मा आज किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं। चिन्मय शर्मा को तो चिल्लर पार्टी फिल्म में अच्छा अभिनय करने पर सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार भी मिल चुका है। अब यह परिवार फिल्म भाग मिल्खा भाग व बीए पास को लेकर चर्चा में है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए गीता शर्मा व राजेंद्र शर्मा ने बताया कि भाग मिल्खा भाग फिल्म जिसे कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा जिन्होंने दिल्ली-6 व रंग दे बसंती जैसी बड़ी फिल्में दी हैं, द्वारा ही बनाई गई है। इस फिल्म में उनके बेटे चिन्मय बचपन केमिल्खा के दोस्त समप्रीत का किरदार निभा रहे हैं। इसी फिल्म में गीता शर्मा खुद मिल्खा की मां का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि उनका किरदार इस फिल्म में चाहे थोड़ा है लेकिन है महत्वपूर्ण। इस फिल्म में दिखाया गया है कि चिन्मय किस प्रकार मिल्खा केसाथ अपना बचपन गुजारता है। उसी केसाथ ही स्कूल जाता है और हर प्रकार की मस्ती भी करता है। इसी केसाथ ही गीता शर्मा की एक अन्य फिल्म बी.ए. पास में भी उनका महत्वपूर्ण रोल है और वे फिल्म के हीरो की बुआ का मुख्य किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म भी दर्शकों को खूब पसंद आएगी। इसके अतिरिक्त चिन्मय एक टी.वी. चैनल पर आने वाले कार्यक्रम मास्टर सैफ जूनियर के प्रोमों में भी काम कर रहे हैं। जल्द ही चिन्मय की अगली फिल्म क्वीन जो कि कंगना राणावत के साथ है, जल्द ही दर्शकों को देखने को मिलेगी। इस फिल्म में चिन्मय कंगना के भाई का किरदार निभा रहा है। राजेंद्र शर्मा उर्फ नानू की प्रतिभा भी पहले कई बड़े फिल्मी स्टारों के साथ दिख चुकी है। जल्द ही उनकी अगली फिल्म बजाते रहो रिलीज होने वाली है। नानू ने कहा कि इस फिल्म में उनका नेगेटिव किरदार है। इस फिल्म में वे अपने बहनोई के साथ मिलकर मिलावटी धंधा करते हुए दिखाई देंगे। इससे पहले भी दर्जनों फिल्मों में राजेंद्र काम कर चुके हैं और थियेटर की दुनिया में राजेंद्र शर्मा एक जानामाना नाम है और न जाने कितने अवार्डों से राजेंद्र शर्मा को सम्मानित किया जा चुका है।
जिले का बाल कलाकार चिन्मय प्रदेश का एकमात्र ऐसा बाल कलाकार है जिसे पिछले वर्ष उप राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में सम्मानित किया गया था। चिन्मय ने अपनी पहली फिल्म चिल्लर पार्टी जो कि सलमान खान द्वारा निर्मित थी, में पनौती की भूमिका निभाते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। चिन्मय की माता गीता शर्मा इन दिनों लाइफ ओके टी.वी. पर दिखाए जाने वाले धारावाहिक कैसा है ये इश्क में भी मुख्य भूमिका निभा रही हैं।
रविवार, 14 जुलाई 2013
कोख में ही बच्चे का सौदा!
कोख में ही बच्चे का सौदा!
Posted On July - 13 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 13 जुलाई। यमुनानगर के गांव बूडिय़ा में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में खुद को ‘मजबूर’ बताने वाली मां ने अपने अजन्मे बच्चे का कोख में ही सौदा कर डाला। उसने 8 मास के अपने अजन्मे बच्चे को बेचने के लिए विभिन्न साधनों से प्रचार किया। मामला उपायुक्त के दरबार पहुंचा तो उन्होंने जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक इस मामले की हर पहलू से जांच करेंगे।
यह मामला यमुनानगर के गांव बूडिय़ा का है। वहां की एक महिला अपने को ‘मज़बूर’ बताते हुए अपनी कोख का ‘सौदा’ कर रही है। उसने 8 मास के अजन्मे बच्चे की विभिन्न साधनों से प्रचार करके ‘नीलामी’ शुरू कर दी है। महिला का कहना है कि उसने अपने मां-बाप व भाइयों से कर्ज लिया था। वह बुरी तरह से कर्ज के तले दब चुकी है और किराए के मकान में रहती है। घरों में बर्तन साफ करने का काम कर रही यह महिला इस संबंध में तर्क दे रही है कि उसके पास तीन लड़के हैं, उनका पालन-पोषण वह नहीं कर पा रही है। अपनी अजन्मी चौथी संतान को बेचकर वह अपना व अपने तीन बच्चों का भविष्य सुखद करना चाहती है।
वह चाहती है कि उसे इतना रुपया मिल जाए कि वह कर्ज उतारने के बाद अपना मकान बनाकर अपने तीन लड़कों को ठीक तरीके से पाल सके। अखबारों में छपे विज्ञापन के माध्यम से उसके पास कई फोन कॉल भी आई हैं। उसका कुछ लोगों से ‘सौदा’ इसलिए टूटने लगा कि कीमत कम मिल रही है। उसे मालूम हो गया है कि बे-औलाद किसी भी कीमत पर औलाद पाना चाहते हैं। इस महिला का पंजाब के बठिंडा में एक व्यक्ति से 6 लाख में सौदा तय हो गया था, लेकिन बाद में बठिंडा निवासी इस व्यक्ति ने संदेह जताते हुए पुलिस में शिकायत कर दी।पुलिस में शिकायत होने के बाद महिला कैमरे के सामने भी आई है और उसने कहा है कि उसे सौदा होने के बाद आशा की एक किरण नजर आई थी। लेकिन मामला पुलिस प्रशासन में जाने से वह हताश है।
महिला का कहना है कि अभी तक उम्मीद है कि किसी न किसी के साथ उसका यह सौदा ज़रूर हो जाएगा। उसका कहना है कि वह कोई अपराध नहीं कर रही। अपनी कोख पर उसका अधिकार है और वह उसे बेच रही है।
यह मामला यमुनानगर के गांव बूडिय़ा का है। वहां की एक महिला अपने को ‘मज़बूर’ बताते हुए अपनी कोख का ‘सौदा’ कर रही है। उसने 8 मास के अजन्मे बच्चे की विभिन्न साधनों से प्रचार करके ‘नीलामी’ शुरू कर दी है। महिला का कहना है कि उसने अपने मां-बाप व भाइयों से कर्ज लिया था। वह बुरी तरह से कर्ज के तले दब चुकी है और किराए के मकान में रहती है। घरों में बर्तन साफ करने का काम कर रही यह महिला इस संबंध में तर्क दे रही है कि उसके पास तीन लड़के हैं, उनका पालन-पोषण वह नहीं कर पा रही है। अपनी अजन्मी चौथी संतान को बेचकर वह अपना व अपने तीन बच्चों का भविष्य सुखद करना चाहती है।
वह चाहती है कि उसे इतना रुपया मिल जाए कि वह कर्ज उतारने के बाद अपना मकान बनाकर अपने तीन लड़कों को ठीक तरीके से पाल सके। अखबारों में छपे विज्ञापन के माध्यम से उसके पास कई फोन कॉल भी आई हैं। उसका कुछ लोगों से ‘सौदा’ इसलिए टूटने लगा कि कीमत कम मिल रही है। उसे मालूम हो गया है कि बे-औलाद किसी भी कीमत पर औलाद पाना चाहते हैं। इस महिला का पंजाब के बठिंडा में एक व्यक्ति से 6 लाख में सौदा तय हो गया था, लेकिन बाद में बठिंडा निवासी इस व्यक्ति ने संदेह जताते हुए पुलिस में शिकायत कर दी।पुलिस में शिकायत होने के बाद महिला कैमरे के सामने भी आई है और उसने कहा है कि उसे सौदा होने के बाद आशा की एक किरण नजर आई थी। लेकिन मामला पुलिस प्रशासन में जाने से वह हताश है।
महिला का कहना है कि अभी तक उम्मीद है कि किसी न किसी के साथ उसका यह सौदा ज़रूर हो जाएगा। उसका कहना है कि वह कोई अपराध नहीं कर रही। अपनी कोख पर उसका अधिकार है और वह उसे बेच रही है।
सोमवार, 8 जुलाई 2013
डेढ़ साल से वेतन के लिए भटक रहे 4000 लैब सहायक
डेढ़ साल से वेतन के लिए भटक रहे 4000 लैब सहायक
Posted On July - 7 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 7 जुलाई। सरकार द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को नंबर वन की शिक्षा दिए जाने के दावे खोखले साबित हो रहे है। प्रदेश के 10वीं व 12वीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों में बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए लगाए गए कंप्यूटर शिक्षक हटा दिए गए हैं। इतना ही नहीं बच्चों को साइंस प्रयोगशाला में रसायनिक क्रियाओं की जानकारी देने के लिए लगाए गए लैब सहायकों को भी पिछले डेढ़ साल से वेतन नहीं मिला है। ऐसा नहीं है कि इन लोगों ने अपने अधिकार के लिए संघर्ष न किया हो। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक से मिलने के बाद भी इनकों आज तक इनका हक नहीं मिल पाया है। कुछ ऐसा ही हाल हटाए गए कंप्यूटर शिक्षकों का है। हटाने से पहले उन्हें भी छह माह का वेतन नहीं दिया गया था। एकाएक हटाए जाने के कारण उन्हें अपने लिए नए स्थान पर काम तलाश करने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे में अब इन लोगों के साथ जुड़े इनके पारिवारिक सदस्यों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए एनआईसीटी केयर कंपनी इंदौर से एक समझौता किया था। समझौते के तहत प्रदेश के 10वीं व 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक व लैब सहायक कंपनी द्वारा नियुक्त किए जाने थे। इसकी एवज में सरकार द्वारा कंपनी को एकमुश्त रकम अदा की जानी थी। कंपनी उस रकम में से अपने हिसाब से आगे स्कूलों में रखे अध्यापकों को उनका वेतन तय कर देती। कुछ समय तक हुआ भी ऐसा ही। कंपनी ने कुछ माह तक सभी शिक्षकों को उनसे तय किया गया वेतन निर्धारित तारीख तक दिया। आरोप है कि उसके बाद कंपनी ने उनका वेतन देना बंद कर दिया। अपना हक पाने के लिए यदि किसी ने आवाज उठानी चाही तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि कंपनी ने कंप्यूटर शिक्षकों को तीन साल के अनुबंध तथा लैब सहायकों को पांच साल के अनुबंध पर रखा था, लेकिन मार्च 2013 में कंपनी ने कथित रूप से एकाएक बिना कोई नोटिस दिए सभी स्कूलों में लगे कंप्यूटर शिक्षकों को हटा दिया। इतना ही नहीं कंपनी ने उन्हें हटाने से पहले उनका छह माह का वेतन भी नहीं दिया। इसी प्रकार से कंपनी ने 31 मार्च 2012 के बाद से किसी भी लैब सहायक का वेतन नहीं दिया। लगातार कई माह से वेतन न मिलने के कारण इन शिक्षकों व लैब सहायकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कई शिक्षक तो ऐसे हैं, जो खुद शिक्षक होने के बावजूद अपने बच्चों को पैसे के अभाव में स्कूल में नहीं पढ़ा पा रहे हैं। ऐसे में सरकार का सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने तथा सब पढ़े सब बढ़े के नारे देने के दावे खोखले ही साबित होंगे।
हरियाणा राजकीय कंप्यूटर अध्यापक व लैब सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र पाल व जिला प्रधान मनीष सैनी का कहना है कि उन्होंने अपना हक पाने के लिए कई धरने व प्रदर्शन किए, लेकिन आज तक उनकी किसी ने नहीं सुनी। बीते साल दो नवंबर को खुद मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनका वेतन न देने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही कंप्यूटर शिक्षकों व लैब सहायकों को उनका वेतन दिलाया जाएगा, लेकिन आज तक इस बारे में कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार डीसी व सीएम को भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि अब 16 जुलाई को वह लोग पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव कर वहां ताला बंदी करेंगी तथा साथ ही एनआईसीटी कंपनी को भी ताला लगा देंगे।
यमुनानगर, 7 जुलाई। सरकार द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को नंबर वन की शिक्षा दिए जाने के दावे खोखले साबित हो रहे है। प्रदेश के 10वीं व 12वीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों में बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए लगाए गए कंप्यूटर शिक्षक हटा दिए गए हैं। इतना ही नहीं बच्चों को साइंस प्रयोगशाला में रसायनिक क्रियाओं की जानकारी देने के लिए लगाए गए लैब सहायकों को भी पिछले डेढ़ साल से वेतन नहीं मिला है। ऐसा नहीं है कि इन लोगों ने अपने अधिकार के लिए संघर्ष न किया हो। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक से मिलने के बाद भी इनकों आज तक इनका हक नहीं मिल पाया है। कुछ ऐसा ही हाल हटाए गए कंप्यूटर शिक्षकों का है। हटाने से पहले उन्हें भी छह माह का वेतन नहीं दिया गया था। एकाएक हटाए जाने के कारण उन्हें अपने लिए नए स्थान पर काम तलाश करने में भी परेशानी हो रही है। ऐसे में अब इन लोगों के साथ जुड़े इनके पारिवारिक सदस्यों के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए एनआईसीटी केयर कंपनी इंदौर से एक समझौता किया था। समझौते के तहत प्रदेश के 10वीं व 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक व लैब सहायक कंपनी द्वारा नियुक्त किए जाने थे। इसकी एवज में सरकार द्वारा कंपनी को एकमुश्त रकम अदा की जानी थी। कंपनी उस रकम में से अपने हिसाब से आगे स्कूलों में रखे अध्यापकों को उनका वेतन तय कर देती। कुछ समय तक हुआ भी ऐसा ही। कंपनी ने कुछ माह तक सभी शिक्षकों को उनसे तय किया गया वेतन निर्धारित तारीख तक दिया। आरोप है कि उसके बाद कंपनी ने उनका वेतन देना बंद कर दिया। अपना हक पाने के लिए यदि किसी ने आवाज उठानी चाही तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि कंपनी ने कंप्यूटर शिक्षकों को तीन साल के अनुबंध तथा लैब सहायकों को पांच साल के अनुबंध पर रखा था, लेकिन मार्च 2013 में कंपनी ने कथित रूप से एकाएक बिना कोई नोटिस दिए सभी स्कूलों में लगे कंप्यूटर शिक्षकों को हटा दिया। इतना ही नहीं कंपनी ने उन्हें हटाने से पहले उनका छह माह का वेतन भी नहीं दिया। इसी प्रकार से कंपनी ने 31 मार्च 2012 के बाद से किसी भी लैब सहायक का वेतन नहीं दिया। लगातार कई माह से वेतन न मिलने के कारण इन शिक्षकों व लैब सहायकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कई शिक्षक तो ऐसे हैं, जो खुद शिक्षक होने के बावजूद अपने बच्चों को पैसे के अभाव में स्कूल में नहीं पढ़ा पा रहे हैं। ऐसे में सरकार का सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने तथा सब पढ़े सब बढ़े के नारे देने के दावे खोखले ही साबित होंगे।
हरियाणा राजकीय कंप्यूटर अध्यापक व लैब सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र पाल व जिला प्रधान मनीष सैनी का कहना है कि उन्होंने अपना हक पाने के लिए कई धरने व प्रदर्शन किए, लेकिन आज तक उनकी किसी ने नहीं सुनी। बीते साल दो नवंबर को खुद मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनका वेतन न देने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही कंप्यूटर शिक्षकों व लैब सहायकों को उनका वेतन दिलाया जाएगा, लेकिन आज तक इस बारे में कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार डीसी व सीएम को भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि अब 16 जुलाई को वह लोग पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव कर वहां ताला बंदी करेंगी तथा साथ ही एनआईसीटी कंपनी को भी ताला लगा देंगे।
जिन कर्मचारियों का वेतन रुका हुआ है, उनकी हाजरी मंगवाई गई है। जल्द ही उन्हें वेतन दे दिया जाएगा। निकाले गए कंप्यूटर शिक्षकों के बारे में तो उच्चाधिकारी ही कुछ कर सकते हैं। फिलहाल 11 जुलाई को पंचकूला मीटिंग में इस बारे में कोई फैसला लिये जाने की उम्मीद है।
-जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर
शुक्रवार, 5 जुलाई 2013
गुरुवार, 13 जून 2013
स्कूल में प्रार्थना से पहले मलेरिया से ‘बचाव’ सीखेंगे नौनिहाल
स्कूल में प्रार्थना से पहले मलेरिया से ‘बचाव’ सीखेंगे नौनिहाल
Posted On June - 12 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 12 जून। प्रदेश में मलेरिया को नियंत्रित रखने में अब शिक्षा विभाग की भूमिका भी अहम रहेगी। स्कूलों में नौनिहाल ईश्वर का नाम लेने से पहले मलेरिया से बचाव के उपाय सीखेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इस दिशा में जानकारी दे दी है। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
मलेरिया का सीजन आने वाला है जिसका खौफ न केवल यमुनानगर बल्कि पूरे प्रदेश में खूब देखा जाता है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग बचाव अभियान चलाए जाते हैं वहीं आम जनमानस को जागरूक करने के लिए भी प्रयास किए जाते हैं। हर वर्ष लोगों को अलग-अलग माध्यमों से जागरूक करने के लिए काफी दौड़ धूप की जाती है, लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को भी बचाव अभियान का हिस्सा बनाया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बच्चों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार के प्रति जागरूक करने को कहा, ताकि बच्चे घर पर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें और खुद भी बीमारियों से बच सकें। विभागीय जानकारी के मुताबिक विद्यार्थियों को सुबह के समय प्रार्थना से पहले संबंधित बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इस दौरान बच्चों को बीमारियों के कारण, बचाव व लक्षणों पर प्रकाश डाला जाएगा। हाल ही में हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
चिकित्सा अधिकारियों का मानना है कि ऐसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता निहायत आवश्यक है। यदि स्कूली बच्चों को इस प्रकार की बीमारियों के बारे में ज्ञान होगा तो वे बेहतर तरीके से अपने अभिभावकों को भी इस बारे अवगत करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्कूलों में हॉडिंग व बैनर लगाकर विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक करने का काम किया जाएगा।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि न केवल अभियान की गतिविधियों पर नजर रखेंगे बल्कि दवाइयों के छिड़काव व आवश्यक रोकथाम के लिए भी कदम उठाएंगे। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि दवाइयों के छिड़काव की तकनीकी व समय-समय पर स्थिति का जायजा लेते रहेंगे और यदि कहीं बीमारी के फैलने की संभावना है तो इसकी सूचना विभाग को भी देंगे।
यमुनानगर के डिप्टी सी.एम.ओ. डा. विजय अतरेजा का कहना है कि मलेरिया बचाव अभियान को और भी प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग व पंचायती राज संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस बारे पत्र भेजकर सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
यमुनानगर की जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर का कहना है कि इस संदर्भ में सभी ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। स्कूलों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पानी की टंकियों को विशेष रूप से साफ रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बच्चों को विभिन्न बीमारियों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
यमुनानगर, 12 जून। प्रदेश में मलेरिया को नियंत्रित रखने में अब शिक्षा विभाग की भूमिका भी अहम रहेगी। स्कूलों में नौनिहाल ईश्वर का नाम लेने से पहले मलेरिया से बचाव के उपाय सीखेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इस दिशा में जानकारी दे दी है। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
मलेरिया का सीजन आने वाला है जिसका खौफ न केवल यमुनानगर बल्कि पूरे प्रदेश में खूब देखा जाता है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जहां स्वास्थ्य विभाग बचाव अभियान चलाए जाते हैं वहीं आम जनमानस को जागरूक करने के लिए भी प्रयास किए जाते हैं। हर वर्ष लोगों को अलग-अलग माध्यमों से जागरूक करने के लिए काफी दौड़ धूप की जाती है, लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को भी बचाव अभियान का हिस्सा बनाया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बच्चों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व जापानी बुखार के प्रति जागरूक करने को कहा, ताकि बच्चे घर पर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें और खुद भी बीमारियों से बच सकें। विभागीय जानकारी के मुताबिक विद्यार्थियों को सुबह के समय प्रार्थना से पहले संबंधित बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इस दौरान बच्चों को बीमारियों के कारण, बचाव व लक्षणों पर प्रकाश डाला जाएगा। हाल ही में हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
चिकित्सा अधिकारियों का मानना है कि ऐसी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता निहायत आवश्यक है। यदि स्कूली बच्चों को इस प्रकार की बीमारियों के बारे में ज्ञान होगा तो वे बेहतर तरीके से अपने अभिभावकों को भी इस बारे अवगत करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्कूलों में हॉडिंग व बैनर लगाकर विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक करने का काम किया जाएगा।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि न केवल अभियान की गतिविधियों पर नजर रखेंगे बल्कि दवाइयों के छिड़काव व आवश्यक रोकथाम के लिए भी कदम उठाएंगे। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि दवाइयों के छिड़काव की तकनीकी व समय-समय पर स्थिति का जायजा लेते रहेंगे और यदि कहीं बीमारी के फैलने की संभावना है तो इसकी सूचना विभाग को भी देंगे।
यमुनानगर के डिप्टी सी.एम.ओ. डा. विजय अतरेजा का कहना है कि मलेरिया बचाव अभियान को और भी प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग व पंचायती राज संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस बारे पत्र भेजकर सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
यमुनानगर की जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर का कहना है कि इस संदर्भ में सभी ब्लाक शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। स्कूलों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ पानी की टंकियों को विशेष रूप से साफ रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बच्चों को विभिन्न बीमारियों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
शनिवार, 8 जून 2013
भाजपा ने ठोका मेयर का दावा
भाजपा ने ठोका मेयर का दावा
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 6 जून। यमुनानगर नगर निगम के मेयर पद की ताजपोशी को लेकर जहां भाजपा ने बड़ी पार्टी होने के नाते दावा पेश करने का निर्णय लिया है वहीं इस कुर्सी पर बैठने के लिए पार्टी की चुनी गई तीनों पार्षद हर संभव जोड़तोड़ का प्रयास कर रही हैं। तीनों महिला पार्षदों में से एक ही पार्षद ऐसी है जो पहले चुनाव लड़ चुकी है जबकि बाकी दोनों महिला पार्षदों ने पहली बार चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की।
निगम के छह नंबर वार्ड से चुनाव मैदान में उतरी प्रीती जौहर अन्य प्रत्याशियों से उम्र में छोटी हैं। 2002 में वह शैलेंद्र जौहर के साथ परिणय सूत्र में बंधी और अब उनके पास दो बच्चे हैं। बीए, बीएड और फैशन डिजाइनर का कोर्स करने वाली प्रीती इस समय घरेलु महिला है। वह पहली बार चुनाव मैदान में उतरी और 2476 मत प्राप्त कर इनेलो प्रत्याशी संगीता अग्रवाल को 460 मतों के अंतर से हराया। प्रीती का कहना है कि वह कॉलेज समय में भी छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ी और न ही उनकी कभी रूचि रही है। अब वह पार्षद बनकर कुछ ऐसा करना चाहती है जिससे वह दोबारा भी घर बैठे पार्षद चुनी जाएं। पार्षद के पति ने भी कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वह केबल टीवी का काम करते हैं।
सात नंबर वार्ड से पहली बार चुनाव लडऩे वाली कुसुम त्यागी को 3125 मत मिले और उन्होंने आजाद प्रत्याशी अल्का रानी से 927 मतों से जीत हासिल की। बारहवीं पास कुसुम घरेलु महिला है और दो बच्चों की मां हैं। एक बच्चे ने डाक्टरी और दूसरे ने एलएलबी कर ली है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी कुसुम त्यागी के पति राकेश त्यागी पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा श्री त्यागी लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं और इस समय वह प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रामविलास शर्मा के साथ उनके नजदीकी संबंध है। पेशे से किसान राकेश त्यागी इस समय प्रापर्टी डिलिंग का काम भी करते हैं। पार्षद कुसुम त्यागी का कहना है कि अगर उन्हें मेयर बना दिया जाता है तो वह यमुनानगर की सड़कों एवं गलियों को चंडीगढ़ की तर्ज पर बनवाएंगी और जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम करेंगी।
आठ नंबर वार्ड से विजयी संगीता सिंघल को 2659 मत मिले और उन्होंने भाजपा के बागी की पत्नी सुमन मरवाह को 661 मतों से हराया। पहले भी पार्षद रह चुकी संगीता कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ जुड़ी हुई हैं और इस समय वह पार्टी की महिला मोर्चा की प्रांतीय पदाधिकारी हैं। संगीता का कहना है कि मेयर बनने पर वह सरकार की उपेक्षा की शिकार रही स्थानीय जनता को राहत पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह जनता की समस्याओं को भली भांति जानती हैं और उनका समाधान करवाने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 6 जून। यमुनानगर नगर निगम के मेयर पद की ताजपोशी को लेकर जहां भाजपा ने बड़ी पार्टी होने के नाते दावा पेश करने का निर्णय लिया है वहीं इस कुर्सी पर बैठने के लिए पार्टी की चुनी गई तीनों पार्षद हर संभव जोड़तोड़ का प्रयास कर रही हैं। तीनों महिला पार्षदों में से एक ही पार्षद ऐसी है जो पहले चुनाव लड़ चुकी है जबकि बाकी दोनों महिला पार्षदों ने पहली बार चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की।
निगम के छह नंबर वार्ड से चुनाव मैदान में उतरी प्रीती जौहर अन्य प्रत्याशियों से उम्र में छोटी हैं। 2002 में वह शैलेंद्र जौहर के साथ परिणय सूत्र में बंधी और अब उनके पास दो बच्चे हैं। बीए, बीएड और फैशन डिजाइनर का कोर्स करने वाली प्रीती इस समय घरेलु महिला है। वह पहली बार चुनाव मैदान में उतरी और 2476 मत प्राप्त कर इनेलो प्रत्याशी संगीता अग्रवाल को 460 मतों के अंतर से हराया। प्रीती का कहना है कि वह कॉलेज समय में भी छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ी और न ही उनकी कभी रूचि रही है। अब वह पार्षद बनकर कुछ ऐसा करना चाहती है जिससे वह दोबारा भी घर बैठे पार्षद चुनी जाएं। पार्षद के पति ने भी कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वह केबल टीवी का काम करते हैं।
सात नंबर वार्ड से पहली बार चुनाव लडऩे वाली कुसुम त्यागी को 3125 मत मिले और उन्होंने आजाद प्रत्याशी अल्का रानी से 927 मतों से जीत हासिल की। बारहवीं पास कुसुम घरेलु महिला है और दो बच्चों की मां हैं। एक बच्चे ने डाक्टरी और दूसरे ने एलएलबी कर ली है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी कुसुम त्यागी के पति राकेश त्यागी पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा श्री त्यागी लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं और इस समय वह प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रामविलास शर्मा के साथ उनके नजदीकी संबंध है। पेशे से किसान राकेश त्यागी इस समय प्रापर्टी डिलिंग का काम भी करते हैं। पार्षद कुसुम त्यागी का कहना है कि अगर उन्हें मेयर बना दिया जाता है तो वह यमुनानगर की सड़कों एवं गलियों को चंडीगढ़ की तर्ज पर बनवाएंगी और जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम करेंगी।
आठ नंबर वार्ड से विजयी संगीता सिंघल को 2659 मत मिले और उन्होंने भाजपा के बागी की पत्नी सुमन मरवाह को 661 मतों से हराया। पहले भी पार्षद रह चुकी संगीता कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ जुड़ी हुई हैं और इस समय वह पार्टी की महिला मोर्चा की प्रांतीय पदाधिकारी हैं। संगीता का कहना है कि मेयर बनने पर वह सरकार की उपेक्षा की शिकार रही स्थानीय जनता को राहत पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह जनता की समस्याओं को भली भांति जानती हैं और उनका समाधान करवाने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
निगम के छह नंबर वार्ड से चुनाव मैदान में उतरी प्रीती जौहर अन्य प्रत्याशियों से उम्र में छोटी हैं। 2002 में वह शैलेंद्र जौहर के साथ परिणय सूत्र में बंधी और अब उनके पास दो बच्चे हैं। बीए, बीएड और फैशन डिजाइनर का कोर्स करने वाली प्रीती इस समय घरेलु महिला है। वह पहली बार चुनाव मैदान में उतरी और 2476 मत प्राप्त कर इनेलो प्रत्याशी संगीता अग्रवाल को 460 मतों के अंतर से हराया। प्रीती का कहना है कि वह कॉलेज समय में भी छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ी और न ही उनकी कभी रूचि रही है। अब वह पार्षद बनकर कुछ ऐसा करना चाहती है जिससे वह दोबारा भी घर बैठे पार्षद चुनी जाएं। पार्षद के पति ने भी कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वह केबल टीवी का काम करते हैं।
सात नंबर वार्ड से पहली बार चुनाव लडऩे वाली कुसुम त्यागी को 3125 मत मिले और उन्होंने आजाद प्रत्याशी अल्का रानी से 927 मतों से जीत हासिल की। बारहवीं पास कुसुम घरेलु महिला है और दो बच्चों की मां हैं। एक बच्चे ने डाक्टरी और दूसरे ने एलएलबी कर ली है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी कुसुम त्यागी के पति राकेश त्यागी पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा श्री त्यागी लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं और इस समय वह प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रामविलास शर्मा के साथ उनके नजदीकी संबंध है। पेशे से किसान राकेश त्यागी इस समय प्रापर्टी डिलिंग का काम भी करते हैं। पार्षद कुसुम त्यागी का कहना है कि अगर उन्हें मेयर बना दिया जाता है तो वह यमुनानगर की सड़कों एवं गलियों को चंडीगढ़ की तर्ज पर बनवाएंगी और जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम करेंगी।
आठ नंबर वार्ड से विजयी संगीता सिंघल को 2659 मत मिले और उन्होंने भाजपा के बागी की पत्नी सुमन मरवाह को 661 मतों से हराया। पहले भी पार्षद रह चुकी संगीता कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ जुड़ी हुई हैं और इस समय वह पार्टी की महिला मोर्चा की प्रांतीय पदाधिकारी हैं। संगीता का कहना है कि मेयर बनने पर वह सरकार की उपेक्षा की शिकार रही स्थानीय जनता को राहत पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वह जनता की समस्याओं को भली भांति जानती हैं और उनका समाधान करवाने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
पानीपत में चल सकता है ‘शाह’ का ‘खेल’
सुरेंद्र सांगवान/ट्रिब्यून न्यूज सॢवस
पानीपत, 7 जून। यहां मेयर पद का ताज किसके सिर बंधेगा यह तो अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन इस समय पार्षद सुनील वर्मा, भूपेंद्र सिंह और सुरेश वर्मा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यदि भाजपा निर्दलियों को जोड़कर 13 के आंकड़े को छू सकी तो दुष्यंत भट और सतीश सैनी की लाटरी खुल सकती है।
वार्ड 17 से मात्र 17 वोटों के अंतर से चुनाव जीतने वाले सुनील वर्मा को विधायक बलबीर पाल शाह का आशीर्वाद है। वर्मा पेशे से कोरियर कंपनी चलते हैं और स्नातकोत्तर तक शिक्षा हासिल की है। उन्होंने इस चुनाव में बलराम को शिकस्त दी है। शाह का प्रयास रहेगा कि सुनील को मेयर पद पर बैठाया जाये।
दूसरे प्रमुख दावेदार हैं वार्ड 11 से बतौर निर्दलीय जीतने वाले भूपेंद्र सिंह। सिंह टिकट न मिलने पर इनेलो छोड़कर बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और भाजपा के रवींद्र भाटिया को हराकर 727 मतों से चुनाव जीता। तीन बच्चों के पिता 43 वर्षीय श्री सिंह नौवीं पास और बिल्ंिडग कांट्रेक्टर हैं। उनका यह पहला चुनाव था। कई साल से वे इनेलो से जुड़े हुये थे।
तीसरे दावेदार वार्ड सात से चुनाव जीतने वाले सुरेश वर्मा हैं। श्री वर्मा दसवीं पास हैं और उनका प्रोपर्टी और डिपो का व्यवसाय है। उन्हें पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रसन्नी देवी का खास माना जाता है। सुरेश कुमार ने रामकुमार को 1241 वोटों से हराकर यह चुनाव जीता है।
भाजपा यदि निर्दलियों को जोड़कर तेरह का आंकड़ा जुटा लेती है तो मेयर के दावेदारों में वार्ड 12 से सतीश सैनी और वार्ड 24 से दुष्यंत भट्टï का नाम और शामिल हो सकता। नित नये बनते समीकरणों के चलते अभी यह कहना कठिन है कि सहमति किस नाम पर बनेगी।
सुरेंद्र सांगवान/ट्रिब्यून न्यूज सॢवस
पानीपत, 7 जून। यहां मेयर पद का ताज किसके सिर बंधेगा यह तो अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन इस समय पार्षद सुनील वर्मा, भूपेंद्र सिंह और सुरेश वर्मा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यदि भाजपा निर्दलियों को जोड़कर 13 के आंकड़े को छू सकी तो दुष्यंत भट और सतीश सैनी की लाटरी खुल सकती है।
वार्ड 17 से मात्र 17 वोटों के अंतर से चुनाव जीतने वाले सुनील वर्मा को विधायक बलबीर पाल शाह का आशीर्वाद है। वर्मा पेशे से कोरियर कंपनी चलते हैं और स्नातकोत्तर तक शिक्षा हासिल की है। उन्होंने इस चुनाव में बलराम को शिकस्त दी है। शाह का प्रयास रहेगा कि सुनील को मेयर पद पर बैठाया जाये।
दूसरे प्रमुख दावेदार हैं वार्ड 11 से बतौर निर्दलीय जीतने वाले भूपेंद्र सिंह। सिंह टिकट न मिलने पर इनेलो छोड़कर बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और भाजपा के रवींद्र भाटिया को हराकर 727 मतों से चुनाव जीता। तीन बच्चों के पिता 43 वर्षीय श्री सिंह नौवीं पास और बिल्ंिडग कांट्रेक्टर हैं। उनका यह पहला चुनाव था। कई साल से वे इनेलो से जुड़े हुये थे।
तीसरे दावेदार वार्ड सात से चुनाव जीतने वाले सुरेश वर्मा हैं। श्री वर्मा दसवीं पास हैं और उनका प्रोपर्टी और डिपो का व्यवसाय है। उन्हें पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रसन्नी देवी का खास माना जाता है। सुरेश कुमार ने रामकुमार को 1241 वोटों से हराकर यह चुनाव जीता है।
भाजपा यदि निर्दलियों को जोड़कर तेरह का आंकड़ा जुटा लेती है तो मेयर के दावेदारों में वार्ड 12 से सतीश सैनी और वार्ड 24 से दुष्यंत भट्टï का नाम और शामिल हो सकता। नित नये बनते समीकरणों के चलते अभी यह कहना कठिन है कि सहमति किस नाम पर बनेगी।
वार्ड 17 से मात्र 17 वोटों के अंतर से चुनाव जीतने वाले सुनील वर्मा को विधायक बलबीर पाल शाह का आशीर्वाद है। वर्मा पेशे से कोरियर कंपनी चलते हैं और स्नातकोत्तर तक शिक्षा हासिल की है। उन्होंने इस चुनाव में बलराम को शिकस्त दी है। शाह का प्रयास रहेगा कि सुनील को मेयर पद पर बैठाया जाये।
दूसरे प्रमुख दावेदार हैं वार्ड 11 से बतौर निर्दलीय जीतने वाले भूपेंद्र सिंह। सिंह टिकट न मिलने पर इनेलो छोड़कर बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे और भाजपा के रवींद्र भाटिया को हराकर 727 मतों से चुनाव जीता। तीन बच्चों के पिता 43 वर्षीय श्री सिंह नौवीं पास और बिल्ंिडग कांट्रेक्टर हैं। उनका यह पहला चुनाव था। कई साल से वे इनेलो से जुड़े हुये थे।
तीसरे दावेदार वार्ड सात से चुनाव जीतने वाले सुरेश वर्मा हैं। श्री वर्मा दसवीं पास हैं और उनका प्रोपर्टी और डिपो का व्यवसाय है। उन्हें पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रसन्नी देवी का खास माना जाता है। सुरेश कुमार ने रामकुमार को 1241 वोटों से हराकर यह चुनाव जीता है।
भाजपा यदि निर्दलियों को जोड़कर तेरह का आंकड़ा जुटा लेती है तो मेयर के दावेदारों में वार्ड 12 से सतीश सैनी और वार्ड 24 से दुष्यंत भट्टï का नाम और शामिल हो सकता। नित नये बनते समीकरणों के चलते अभी यह कहना कठिन है कि सहमति किस नाम पर बनेगी।
सीनियर डिप्टी व डिप्टी के लिए भी दौड़
रोचक बात यह है कि जो पार्षद मेयर बनने की दौड़ में शामिल है, उनमें से कई ऐसे हैं, जो मेयर नहीं बनने की सूरत में सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बनने की कोशिशों में जुटे हैं। यानीकि किसी भी सूरत में पद की चाह है। इन पदों की लड़ाई वहां अधिक है, जहां पर मेयर की कुर्सी आरक्षित हैं। यमुनानगर व हिसार में जहां महिला के लिए मेयर की कुर्सी आरक्षित है वहीं रोहतक में अनुसूचित जाति वर्ग की महिला मेयर बनेगी। इसी तरह से पानीपत में पिछड़ा वर्ग व अंबाला में अनुसूचित जाति का मेयर बनेगा। इस सूरत में इन जगहों पर दूसरे पदों के लिए भी जोड़-तोड़ चल रही है।
रोचक बात यह है कि जो पार्षद मेयर बनने की दौड़ में शामिल है, उनमें से कई ऐसे हैं, जो मेयर नहीं बनने की सूरत में सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर बनने की कोशिशों में जुटे हैं। यानीकि किसी भी सूरत में पद की चाह है। इन पदों की लड़ाई वहां अधिक है, जहां पर मेयर की कुर्सी आरक्षित हैं। यमुनानगर व हिसार में जहां महिला के लिए मेयर की कुर्सी आरक्षित है वहीं रोहतक में अनुसूचित जाति वर्ग की महिला मेयर बनेगी। इसी तरह से पानीपत में पिछड़ा वर्ग व अंबाला में अनुसूचित जाति का मेयर बनेगा। इस सूरत में इन जगहों पर दूसरे पदों के लिए भी जोड़-तोड़ चल रही है।
शुक्रवार, 10 मई 2013
किरण चौधरी ने किया हाथी पुनर्वास का दौरा
किरण चौधरी ने किया हाथी पुनर्वास का दौरा
Posted On May - 10 - 2013
यमुनानगर के गांव कोट कलसिया के पास बने चौ. सुरेन्द्र सिंह हाथी पुनर्वास केन्द्र बनसंतौर का दौरा करती केबिनेट मंत्री किरण चौधरी। -हप्र
यमुनानगर/छछरौली, 9 मई (हप्र/निस)। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, आबकारी एवं कराधान मंत्री किरण चौधरी ने गांव कोट कलसिया के पास बनसंतौर में बने चौ. सुरेन्द्र सिंह हाथी पुनर्वास केन्द्र का दौरा कर हाथियों के इलाज, रहने-खाने व उनके स्वास्थ्य बारे जानकारी ली। बाद में अधिकारियों से बातचीत करते हुए लोगों की समस्याएं भी सुनी।
वन अधिकारी एमपी शर्मा ने बताया कि कोट के पास बनाए गए हाथी पुनर्वास केन्द्र में हाथियों के रहने के लिए 11 पक्के शैड बनाए गए हैं और हाथियों के नहाने के लिए तालाब, उनके खाने व पीने के पानी का स्थायी इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 साल से निर्माणाधीन बन संतोर के सैकड़ों एकड़ में फैले जंगल में हाथी पुनर्वास केन्द्र का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में जंगल में घायल होने वाले हाथियों का इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि हाथियों को सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाने के लिए सरकार की तरफ से पूर्व प्रयास किए जा रहे है। सरकार की तरफ करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए हाथी पुनर्वास केन्द्र में रखे गए हाथियों के इलाज व उनके खाने -पीने के इंतजाम सही तरीके से कराने के लिए यहां पर कर्मचारियों व डाक्टरों की स्थायी ड्यूटियां लगाई गई हैं। जिन लोगों की यहां पर ड्यूटियां लगाई गई हैं वे लोग हर समय यही पर मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त पीएस मोर, डीटीसी सेल टैक्स शिवकुमार, उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर विजेन्द्र सिंह, डीएफओ एमपी शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता प्रेम सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठï एवं पंजाबी नेता यश अरोड़ा, मांगे राम कांबोज, पूर्व चेयरमैन इस्लाम गुर्जर, प्रवीण कांबोज, केसर सिंह संधू, प्रितीलाल, फूलचंद नेहरा, जय सिंह ढिल्लों मुख्य रूप से उपस्थित थे।
वन अधिकारी एमपी शर्मा ने बताया कि कोट के पास बनाए गए हाथी पुनर्वास केन्द्र में हाथियों के रहने के लिए 11 पक्के शैड बनाए गए हैं और हाथियों के नहाने के लिए तालाब, उनके खाने व पीने के पानी का स्थायी इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 3 साल से निर्माणाधीन बन संतोर के सैकड़ों एकड़ में फैले जंगल में हाथी पुनर्वास केन्द्र का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में जंगल में घायल होने वाले हाथियों का इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि हाथियों को सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाने के लिए सरकार की तरफ से पूर्व प्रयास किए जा रहे है। सरकार की तरफ करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए हाथी पुनर्वास केन्द्र में रखे गए हाथियों के इलाज व उनके खाने -पीने के इंतजाम सही तरीके से कराने के लिए यहां पर कर्मचारियों व डाक्टरों की स्थायी ड्यूटियां लगाई गई हैं। जिन लोगों की यहां पर ड्यूटियां लगाई गई हैं वे लोग हर समय यही पर मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त पीएस मोर, डीटीसी सेल टैक्स शिवकुमार, उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर विजेन्द्र सिंह, डीएफओ एमपी शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता प्रेम सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठï एवं पंजाबी नेता यश अरोड़ा, मांगे राम कांबोज, पूर्व चेयरमैन इस्लाम गुर्जर, प्रवीण कांबोज, केसर सिंह संधू, प्रितीलाल, फूलचंद नेहरा, जय सिंह ढिल्लों मुख्य रूप से उपस्थित थे।
सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करेगा इनेलो : अभय चौटाला
सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करेगा इनेलो : अभय चौटाला
Posted On May - 10 - 2013
हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर में जिला स्तरीय युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते इनेलो के वरिष्ठï नेता एवं विधायक अभय सिंह चौटाला व उपस्थित कार्यकर्ता। - हप्र
यमुनानगर, 9 मई। हरियाणा के सात नगर निगमों में 2 जून को होने वाले चुनाव को लेकर इनेलो की 11 सदस्यीय कमेटी दस मई से सभी नगर निगमों का दौरा कर पार्टी के संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करेगी और सभी राजनीतिक दलों में से सबसे पहले इनेलो ही अपने प्रत्याशी घोषित करेगी। गठबंधन को लेकर अगर कोई दल समर्थन मांगने आता है तो उसे स्वीकार किया जायेगा अन्यथा इनेलो किसी दल के पास गठजोड़ करने के लिए नहीं जायेगी।
यह कहना है इनेलो के वरिष्ठï नेता एवं विधायक अभय सिंह चौटाला का, जो करण पैलेस पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौटाला युवा इनेलो के जिलाध्यक्ष गुरविंद्र तेजली द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने आये थे। श्री चौटाला ने कहा कि इनेलो चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनावों को लेकर भारी उत्साह है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 11 सदस्यीय संसदीय कमेटी का गठन किया हुआ है। यह कमेटी दस मई से ही नगर निगमों के चुनाव को लेकर दौरा आरंभ कर देगी और संभावित प्रत्याशियों की सूची जल्द ही तैयार कर उसकी घोषणा कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो जहां चुनावों के लिए तैयार है वहीं उन्हें आशंका भी है कि इन चुनावों को टाल दिया जायेगा क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी चुनाव करवाने के लिए तैयार नहीं है उन्हें पता है कि जब भी किसी भी स्तर के चुनाव होंगे कांगेे्रस को मुंह की खानी पड़ेगी।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री चौटाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डïा को चेतावनी देते हुए कहा कि वह हरियाणा नं. 1 का अलाप लगाते फिरते हैं, अगर उन्हें इतना ही विश्वास है तो वह निगम चुनावों को पार्टी चिन्ह पर लड़ें, उन्हें पार्टी की हैसियत का पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि इनेलो तो चाहती है निगम चुनावों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के चुनाव भी हो जाएं ताकि कांग्रेस को पूरे देश में पार्टी की हालत का पता चल जाए। भाजपा से गठजोड़ बारे पूछे गये सवाल के जवाब में श्री चौटाला ने कहा कि इनेलो के पास अगर कोई गठजोड़ करने आयेगा तो उसका स्वागत किया जाएगा अन्यथा इनेलो किसी भी दल के पास गठजोड़ करने नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नगर निगमों पर इनेलो का कब्जा होगा।
इससे पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री चौटाला ने कहा कि आने वाला कल इनेलो का है इसलिए कार्यकर्ताओं को अभी से ही चुनाव मैदान में कूदकर जनजन के पास पार्टी की नीतियों को पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इनेलो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसके पास कार्यकर्ताओं की लाखों की फौज है।
पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री को कैबिनेट का दर्जा दिये जाने का जो प्रस्ताव पारित किया है उससे साफ है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डïा अपना कल सुरक्षित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो की सरकार बनने पर सबसे पहले इस प्रस्ताव को खारिज कर इस राशि को जनता के हितार्थ खर्च करने की योजना बनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी निगम चुनावों को अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी।
इनेलो युवा प्रांतीय प्रधान प्रदीप गिल व प्रदेश प्रभारी बलदेव सिंह अलावलपुर ने पार्टी नेताओं को विश्वास दिलाया कि राज्य भर के युवा पार्टी नेताओं के हर दिशानिर्देश को मानते हुए पार्टी को सत्ता में लाने का काम करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा पुलिस के पूर्व महानिदेशक महेंद्र सिंह मलिक, पार्टी जिलाध्यक्ष एवं विधायक डा. बीएल सैनी, यमुनानगर विधायक दिलबाग सिंह, बराड़ा विधायक राजबीर, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका व पंकज चुघ मुख्य रूप से उपस्थित थे।
यह कहना है इनेलो के वरिष्ठï नेता एवं विधायक अभय सिंह चौटाला का, जो करण पैलेस पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौटाला युवा इनेलो के जिलाध्यक्ष गुरविंद्र तेजली द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने आये थे। श्री चौटाला ने कहा कि इनेलो चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनावों को लेकर भारी उत्साह है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने 11 सदस्यीय संसदीय कमेटी का गठन किया हुआ है। यह कमेटी दस मई से ही नगर निगमों के चुनाव को लेकर दौरा आरंभ कर देगी और संभावित प्रत्याशियों की सूची जल्द ही तैयार कर उसकी घोषणा कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि इनेलो जहां चुनावों के लिए तैयार है वहीं उन्हें आशंका भी है कि इन चुनावों को टाल दिया जायेगा क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी चुनाव करवाने के लिए तैयार नहीं है उन्हें पता है कि जब भी किसी भी स्तर के चुनाव होंगे कांगेे्रस को मुंह की खानी पड़ेगी।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री चौटाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डïा को चेतावनी देते हुए कहा कि वह हरियाणा नं. 1 का अलाप लगाते फिरते हैं, अगर उन्हें इतना ही विश्वास है तो वह निगम चुनावों को पार्टी चिन्ह पर लड़ें, उन्हें पार्टी की हैसियत का पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि इनेलो तो चाहती है निगम चुनावों के साथ ही विधानसभा और लोकसभा के चुनाव भी हो जाएं ताकि कांग्रेस को पूरे देश में पार्टी की हालत का पता चल जाए। भाजपा से गठजोड़ बारे पूछे गये सवाल के जवाब में श्री चौटाला ने कहा कि इनेलो के पास अगर कोई गठजोड़ करने आयेगा तो उसका स्वागत किया जाएगा अन्यथा इनेलो किसी भी दल के पास गठजोड़ करने नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी नगर निगमों पर इनेलो का कब्जा होगा।
इससे पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री चौटाला ने कहा कि आने वाला कल इनेलो का है इसलिए कार्यकर्ताओं को अभी से ही चुनाव मैदान में कूदकर जनजन के पास पार्टी की नीतियों को पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इनेलो ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसके पास कार्यकर्ताओं की लाखों की फौज है।
पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री को कैबिनेट का दर्जा दिये जाने का जो प्रस्ताव पारित किया है उससे साफ है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डïा अपना कल सुरक्षित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो की सरकार बनने पर सबसे पहले इस प्रस्ताव को खारिज कर इस राशि को जनता के हितार्थ खर्च करने की योजना बनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी निगम चुनावों को अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी।
इनेलो युवा प्रांतीय प्रधान प्रदीप गिल व प्रदेश प्रभारी बलदेव सिंह अलावलपुर ने पार्टी नेताओं को विश्वास दिलाया कि राज्य भर के युवा पार्टी नेताओं के हर दिशानिर्देश को मानते हुए पार्टी को सत्ता में लाने का काम करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा पुलिस के पूर्व महानिदेशक महेंद्र सिंह मलिक, पार्टी जिलाध्यक्ष एवं विधायक डा. बीएल सैनी, यमुनानगर विधायक दिलबाग सिंह, बराड़ा विधायक राजबीर, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर सिंह पलाका व पंकज चुघ मुख्य रूप से उपस्थित थे।
सोमवार, 6 मई 2013
12 मई को मनाई जायेगी अक्षय परशुराम तृतीया
हरियाणा ब्राह्मण परिसंघ एवं ऑल इंडिया यंग ब्राह्मण एसोसिएशन की संयुक्त बैठक शास्त्री पार्क स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर, मॉडल टाऊन में हुई। बैठक में 12 मई को मंदिर परिसर में मनाई जाने वाली अक्षय परशुराम तृतीया के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। पंडित श्याम शरण शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की।
मेजर गुलशन बक्शी ने बताया कि बलजीत शर्मा के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों से भगवान परशुराम जयंति की शोभायात्रा निकाली जा रही है, इसलिए समाज के लोग अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होकर भगवान परशुराम जी का आशीर्वाद लें। प्रैस सचिव रविंद्र पुंज ने बताया कि पिछले माह 21 अप्रैल को ब्राह्मण धर्मशाला जींद में आयोजित ब्राह्मण समाज की बैठक में परिसंघ के संस्थापक पुरुषोत्तम दास शर्मा ने भाग लिया था। बैठक में ब्राह्मण समाज के उत्थान और समन्वय को लेकर बातचीत हुई, ताकि समाज में भाईचारा बढ़े। श्री पुंज ने बताया कि बैठक बहुत सार्थक रही। दैवेज्ञ समाज के प्रधान पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बैठक में मंदिरा में पूजा-अर्चना में लगे पुजारियों की दशा बारे चर्चा करते हुए उनके आर्थिक विकास के लिए सहायता करने की बात की। विक्रंात शर्मा ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने का मुद्दा उठाया, जिसपर सभी सदस्यों ने कन्या भ्रूण हत्या न करने और ऐसा न होने देने की शपथ ली।
फोटो कैप्शन: यमुनानगर में आयोजित हरियाणा ब्राह्मण परिसंघ एवं ऑल इंडिया यंग ब्राह्मण एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में उपस्थित सदस्य।
रविवार, 28 अप्रैल 2013
सदस्यता लें
संदेश (Atom)


















