शुक्रवार, 30 सितंबर 2011
गुरुवार, 29 सितंबर 2011
4th Haryana International Film Festival from Sept. 30 to Oct. 7, 2011
यमुनानगर,
२९
सितंबर (जनसत्ता) चतुर्थ हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह
एवं फिल्म एप्रीशिएशन कोर्स ३० सितंबर से ७ अक्टूबर तक डीएवी गल्र्स
कालेज यमुनानगर आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश विदेश के सुप्रसिद्ध
कलाकार, फिल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक,
समीक्षक
एवं कलाकार भाग
ले रहे हैं। हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के निदेशक अजित राय तथा
डीएवी गल्र्स कालेज प्रिंसिपल सुषमा आर्य ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन
में यह जानकारी दी।
विश्व
की जानीमानी ब्रिटिश फिल्मकार लेसली उडविन शनिवार एक अक्टूबर की सुबह
१० बजे फिल्म समारोह का उद्घाटन करेंगी। उनकी नई फिल्म वेस्ट इज वेस्ट
से फिल्म समारोह का शुभारंभ होगा। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने
वाले सुप्रसिद्ध अभिनेता ओमपुरी इस अवसर पर दर्शकों से संवाद करेंगे।
कुंदन शाह, सतीश कौशिक, राजेंद्र गुप्ता, गौतम
घोष और ऐंटरटेनमेंट
सोसायटी ऑफ गोवा के सीईओ मनोज श्रीवास्तव समारोह में विशिष्ट अतिथि
होंगे। कांगे्रस के महासचिव और राज्य सभा सांसद चौधरी बिरेंद्र सिंह
इसी दिन शाम चार बजे ग्रांड हरियाणा प्रीमियर सेक्शन का शुभारंभ करेंगे।
इसमें देश विदेश की १० ऐसी फिल्में दिखाई जा रही है, जो व्यावसायिक
रूप से सिनेमा घरों में रिलीज नहीं हुई है। सुप्रसिद्ध
फिल्म निर्माता कुंदन शाह की नई फिल्म थ्री सिस्टर्स से हरियाणा
प्रीमियर सेक्शन का शुभारंभ होगा। फिल्मोत्वस में उनकी कालजेयी फिल्म
जाने भी दो यारो का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। दो
अक्टूबर को मौहल्ला लाइव एक विशेष प्रोग्राम पेश कर रहा है-मेकिंग ऑफ एन
एक्टर, मनोज बाजपेयी। इसमें अभिनेता मनोज बाजपेयी से अविनाश और
दर्शकों का संवाद दो अक्टूबर को दिन में दो बजे से चार बजे के बीच आयोजित किया जा रहा है। इसी दिन शाम को हरियाणा से जुड़े सुप्रसिद्ध अभिनेता फिल्मकार सतीश कौशिक अपनी ब्रिटिश फिल्म ब्रिक लेन प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार ३० सितंबर की शाम पांच बजे हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रधान सचिव शिव रमन गौड चौथे फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स का शुभारंभ करेंगे। वरिष्ठ फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज, सुरेश शर्मा, विनोद भारद्वाज, अतुल तिवारी आदि विशिष्ट अतिथि होंगे। कोर्स के निदेशक सुप्रसिद्ध फिल्मकार संजय सहाय हैं।
हरियाणा फिल्म समारोह के निदेशक अजित राय ने बताया कि इस बार क्षेत्रीय सिनेमा खंड में भोजपुरी सिनेमा पर सात अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसमें भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज तिवारी और फिल्म निर्माता काशाीनाथ मिश्रा शिरकत कर रहे हैं। समापन समारोह में सुप्रसिद्ध सीरियल चाणक्य एवं पिंजर फिल्म के निर्माता निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी मुख्य अतिथि होंगे।
दर्शकों का संवाद दो अक्टूबर को दिन में दो बजे से चार बजे के बीच आयोजित किया जा रहा है। इसी दिन शाम को हरियाणा से जुड़े सुप्रसिद्ध अभिनेता फिल्मकार सतीश कौशिक अपनी ब्रिटिश फिल्म ब्रिक लेन प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार ३० सितंबर की शाम पांच बजे हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रधान सचिव शिव रमन गौड चौथे फिल्म एप्रिशिएशन कोर्स का शुभारंभ करेंगे। वरिष्ठ फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज, सुरेश शर्मा, विनोद भारद्वाज, अतुल तिवारी आदि विशिष्ट अतिथि होंगे। कोर्स के निदेशक सुप्रसिद्ध फिल्मकार संजय सहाय हैं।
हरियाणा फिल्म समारोह के निदेशक अजित राय ने बताया कि इस बार क्षेत्रीय सिनेमा खंड में भोजपुरी सिनेमा पर सात अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसमें भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज तिवारी और फिल्म निर्माता काशाीनाथ मिश्रा शिरकत कर रहे हैं। समापन समारोह में सुप्रसिद्ध सीरियल चाणक्य एवं पिंजर फिल्म के निर्माता निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी मुख्य अतिथि होंगे।
उन्होंने
बताया कि फिल्म समारोह में हाल ही में दिवंगत हुए विश्व प्रसिद्ध
फिल्मकार मणि कौल और सदबहार अभिनेता शम्मी कपूर को श्रद्धांजलि दी
जा रही है। जनसत्ता के कार्यकारी संपादक ओम थानवी मणि कौल की फिल्म नौकर
की कमीज (५ अक्टूबर) प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले एक अक्टूबर को सुरेश
शर्मा की फिल्म शम्मी कपूर-द किंग ऑफ रोमांस दिखाई जाएगी। अजित
राय ने बताया कि विश्व सिनेमा खंड में इस समय की पांच सर्वश्रेष्ठ चर्चित
फिल्में दिखाई जाएगी। जिसमें रोमन पोलंसकी की द घोस्ट राइटर, अब्बास
किरोसतामी की स्टीफाइड कॉपी, पीटर चांग की वॉर लॉट्स, समीरा मखमलबॉफ
की ब्लैक बोर्ड, बिलेऑगस्ट की गुड बॉय बाफना, पेडरो
अलमोडोर की वॉल्वर
आदि प्रमुख है। ईरान का विद्रोही सिनेमा फेस्टीवल का मुख्य आकर्षण होगा।
उन्होंने बताया कि बाल फिल्मोत्सव का शुभारंभ नील माधव पांडा की बहुचर्चित फिल्म आई एम कलाम से होगा। डीएवी गल्र्स कालेज की प्र्रिंसिपल सुषमा आर्य ने बताया कि चौथे वर्ष में हरियाणा फिल्म समारोह सच्चे अर्थ में अंतर्राष्ट्रीय हो चुका है। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की नई छवि विकसित हुई है और डीएवी कालेज का नाम दुनियाभर में लोग जानने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि बाल फिल्मोत्सव का शुभारंभ नील माधव पांडा की बहुचर्चित फिल्म आई एम कलाम से होगा। डीएवी गल्र्स कालेज की प्र्रिंसिपल सुषमा आर्य ने बताया कि चौथे वर्ष में हरियाणा फिल्म समारोह सच्चे अर्थ में अंतर्राष्ट्रीय हो चुका है। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की नई छवि विकसित हुई है और डीएवी कालेज का नाम दुनियाभर में लोग जानने लगे हैं।
सोमवार, 26 सितंबर 2011
शुक्रवार, 23 सितंबर 2011
मंगलवार, 20 सितंबर 2011
शुक्रवार, 16 सितंबर 2011
राजकीय उच्च विद्यालय तेजली में ऍनसीसी द्वारा पौधारोपण
शहीद प्रमिन्द्र सिंह राजकीय उच्च विद्यालय तेजली, यमुनानगर में १५ सितम्बर को १४ हरियाणा बटालियन ऍनसीसी की ओर से कमांडिग ऑफीसर कर्नल ताराचन्द जी के मार्गदर्शन में सूबेदार राकेश कुमार, नायक सलिन्द्र सिंह जी तथा हवलदार जोगेन्द्र सिंह जी ने ऍनसीसी के कैडेट लेकर स्कूल एवं गाँव में लगभग ३०० पौधे लगवाए।

स्कूल के ऍनसीसी ऑफीसर श्री उमेश प्रताप वत्स ने बताया कि स्कूल की ऍनसीसी यूनिट की ओर से स्कूल प्रांगण में मुख्याध्यापक श्री जगमोहन जी ने आंवले का, सूबेदार राकेश कुमार ने अर्जुन का तथा सरपंज मोहनलाल ने ने नीम का पौधा लगाकर पौधारोपण की शुरुआत की। मुख्याध्यापक जी ने कहा कि ऍनसीसी में रहकर विद्यार्थी अनुशासन सीखते है तथा देश के लिए हर समय तैयार रहना भी सीखते है। ऍनसीसी में कैडेट का सर्वांगीण विकास होता है। लैफ्टीनेंट कर्नल जमीर अहमद खान ने सन्देश दिया कि आज पूरे विश्व में ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता प्रकट हो रही है, यदि हम इस ग्लोबल वार्मिंग से बचना चाहते है तो हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने पड़ेंगे।

गणित अध्यापक श्रीश बेंजवाल ने कहा कि ऍनसीसी बच्चों में देशभक्ति की भावना के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर भाग लेती है तथा बच्चों के अन्दर अच्छे संस्कारों का निर्माण भी करती है। श्री उमेश प्रताप ने बताया कि स्कूल के लगभग ४०० बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा सभी स्टाफ सदस्य सर्वश्री बृजपाल राणा, बृजभूषण शास्त्री, सतीश कुमार, अशोक कुमार, हरिन्द्र सिंह, जीतेन्द्र सिंह, पूनम गुप्ता, पूनम गुलाटी, अंजू शर्मा, सीमा तंवर, शशि बाला, रमा एवं कैडेटों ने भी अपने-अपने हाथों से पौधे लगाए। अन्त में मुख्याध्यापक ने कहा कि हमें अपने घरों तथा गाँव में भी अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए।
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स्कूल के ऍनसीसी ऑफीसर श्री उमेश प्रताप वत्स ने बताया कि स्कूल की ऍनसीसी यूनिट की ओर से स्कूल प्रांगण में मुख्याध्यापक श्री जगमोहन जी ने आंवले का, सूबेदार राकेश कुमार ने अर्जुन का तथा सरपंज मोहनलाल ने ने नीम का पौधा लगाकर पौधारोपण की शुरुआत की। मुख्याध्यापक जी ने कहा कि ऍनसीसी में रहकर विद्यार्थी अनुशासन सीखते है तथा देश के लिए हर समय तैयार रहना भी सीखते है। ऍनसीसी में कैडेट का सर्वांगीण विकास होता है। लैफ्टीनेंट कर्नल जमीर अहमद खान ने सन्देश दिया कि आज पूरे विश्व में ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता प्रकट हो रही है, यदि हम इस ग्लोबल वार्मिंग से बचना चाहते है तो हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने पड़ेंगे।
गणित अध्यापक श्रीश बेंजवाल ने कहा कि ऍनसीसी बच्चों में देशभक्ति की भावना के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर भाग लेती है तथा बच्चों के अन्दर अच्छे संस्कारों का निर्माण भी करती है। श्री उमेश प्रताप ने बताया कि स्कूल के लगभग ४०० बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा सभी स्टाफ सदस्य सर्वश्री बृजपाल राणा, बृजभूषण शास्त्री, सतीश कुमार, अशोक कुमार, हरिन्द्र सिंह, जीतेन्द्र सिंह, पूनम गुप्ता, पूनम गुलाटी, अंजू शर्मा, सीमा तंवर, शशि बाला, रमा एवं कैडेटों ने भी अपने-अपने हाथों से पौधे लगाए। अन्त में मुख्याध्यापक ने कहा कि हमें अपने घरों तथा गाँव में भी अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए।
मंगलवार, 13 सितंबर 2011
DAV College for Girls, Yamuna Nagar
- बिना द्रोण के ही हो रहे अर्जुन तैयार-
- गरिमा मलिक स्कवॉयड शिविर में लेगी भाग-
- सोनिया प्री नेशनल शिविर का बनेगी हिस्सा-
यमुनानगर। डीएवी गल्र्स कालेज में बिना द्रोण के अर्जुन तैयार हो रहे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि शुटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं की उपलब्ध्यिां यह बयां कर रही है। कालेज की छात्रा गरिमा मलिक (पिस्टल शुटर) २८ सितंबर से छह अक्टूबर तक पुणे में आयोजित स्कवॉयड शिविर (इंटरनेशन में जाने से पहले की ट्रायल) में भाग लेने जा रही है। जबकि सोनिया राजपूत (राइफल शुटर) अहमदाबाद में ११ से २१ अक्टूबर तक आयोजित प्री नेशनल शिविर का हिस्सा बनेगी। तीनों खिलाडिय़ों की मानें तो इस गेम में आगे बढऩे के लिए उन्होंने बिना द्रोण के ही बुलंदियों को छूआ है। उन्हें उम्मीद है कि डीएवी गल्र्स कालेज में १४ व १५ सितंबर को आयोजित इंटर कालेज शुटिंग चैंपियनशिप में बेस्ट परफोर्म करेंगी।
बी-कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा गरिमा ने बताया कि उसने वर्ष २०१० में फरीदाबाद में आयोजित इंटर स्कूल नेशनल शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, नवंबर २०१० में गवाहटी में आयोजित जीवी मावलंकर शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, अक्टूबर २०१० में फरीदाबाद में आयोजित स्टेट शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। गरिमा की मानें तो शुरू में तो उसने शौक के तौर पर शुटिंग करनी शुरू की थी। लेकिन जब उसका इस खेल में रूचि बढ़ गई, तो उसने ज्यादा से ज्यादा समय इस खेल को देना शुरू कर दिया। गरिमा ने बताया कि स्कूल लेवल पर थोड़ा बहुत सीखाया गया है।
बीए-प्रथम वर्ष की छात्रा सोनिया राजपूत ने बताया कि अगस्त २०११ में दिल्ली में आयोजित हरियाणा स्टेट शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता है। स्कूल लेवल पर स्टेट में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने बताया कि वह शुरू से ही शूटर बनाना चाहती थी। यही वजह है कि वह रोजाना ६ से ७ घंटे प्रैक्टिस करती है। उसे उम्मीद है कि वह अहमदाबाद में आयोजित शिवर में बेस्ट परफोरमेंस देगी और नेशनल में चयनित होकर लौटेगी।
बहुत महंगा है गेम-
शूटिंग में कैरियर बनाना इतना आसान नहीं है, जितना की लोग समझते है। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि खेल बहुत महंगा है। क्योंकि इस खेल के लिए शुटिंग रेंज का होना बेहद जरुरी है। इसके अलावा प्रैक्टिस के लिए रोजना वैपन, टारगेट और पैलेट्स (गोलियां) की जरुरत होती है। यही वजह है कि आम घरों के बच्चें इस खेल में कैरियर बनाने से कतरा हैं। डीएवी गल्र्स कालेज के खेल विभाग की अध्यक्षा विभा गुप्ता ने बताया कि कालेज में शूटिंग की प्रेक्टिस करने वाली खिलाडिय़ों को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि १० मीटर एयर राइफल के लिए एक विशेष प्रकार की डे्रस की जरुरत पड़ती है। जिसे कालेज ने किराए पर लेकर खिलाडिय़ों को मुहैया करवाया है।
सरकार दें ध्यान-
सारिका, नवनीत, सोनिया, सुजाता, गरिमा, सोनिया राजपूत, पारुल का कहना है कि सरकार को इस खेल की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। ताकि छात्राएं इस क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकें। अगर इस खेल के जिला स्तर पर कोचिज उपलब्ध होंगे, तो उन्हें सिखने में ज्यादा मदद मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस खेल की शूटिंग रेंज का भी प्रदेश में अभाव है। प्रदेश में तीन-चार जिलों में ही शूटिंग रेंज है। यह भी वजह है कि इस खेल को ज्यादा बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
- गरिमा मलिक स्कवॉयड शिविर में लेगी भाग-
- सोनिया प्री नेशनल शिविर का बनेगी हिस्सा-
यमुनानगर। डीएवी गल्र्स कालेज में बिना द्रोण के अर्जुन तैयार हो रहे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि शुटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं की उपलब्ध्यिां यह बयां कर रही है। कालेज की छात्रा गरिमा मलिक (पिस्टल शुटर) २८ सितंबर से छह अक्टूबर तक पुणे में आयोजित स्कवॉयड शिविर (इंटरनेशन में जाने से पहले की ट्रायल) में भाग लेने जा रही है। जबकि सोनिया राजपूत (राइफल शुटर) अहमदाबाद में ११ से २१ अक्टूबर तक आयोजित प्री नेशनल शिविर का हिस्सा बनेगी। तीनों खिलाडिय़ों की मानें तो इस गेम में आगे बढऩे के लिए उन्होंने बिना द्रोण के ही बुलंदियों को छूआ है। उन्हें उम्मीद है कि डीएवी गल्र्स कालेज में १४ व १५ सितंबर को आयोजित इंटर कालेज शुटिंग चैंपियनशिप में बेस्ट परफोर्म करेंगी।
बी-कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा गरिमा ने बताया कि उसने वर्ष २०१० में फरीदाबाद में आयोजित इंटर स्कूल नेशनल शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, नवंबर २०१० में गवाहटी में आयोजित जीवी मावलंकर शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड, अक्टूबर २०१० में फरीदाबाद में आयोजित स्टेट शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। गरिमा की मानें तो शुरू में तो उसने शौक के तौर पर शुटिंग करनी शुरू की थी। लेकिन जब उसका इस खेल में रूचि बढ़ गई, तो उसने ज्यादा से ज्यादा समय इस खेल को देना शुरू कर दिया। गरिमा ने बताया कि स्कूल लेवल पर थोड़ा बहुत सीखाया गया है।
बीए-प्रथम वर्ष की छात्रा सोनिया राजपूत ने बताया कि अगस्त २०११ में दिल्ली में आयोजित हरियाणा स्टेट शुटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता है। स्कूल लेवल पर स्टेट में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने बताया कि वह शुरू से ही शूटर बनाना चाहती थी। यही वजह है कि वह रोजाना ६ से ७ घंटे प्रैक्टिस करती है। उसे उम्मीद है कि वह अहमदाबाद में आयोजित शिवर में बेस्ट परफोरमेंस देगी और नेशनल में चयनित होकर लौटेगी।
बहुत महंगा है गेम-
शूटिंग में कैरियर बनाना इतना आसान नहीं है, जितना की लोग समझते है। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि खेल बहुत महंगा है। क्योंकि इस खेल के लिए शुटिंग रेंज का होना बेहद जरुरी है। इसके अलावा प्रैक्टिस के लिए रोजना वैपन, टारगेट और पैलेट्स (गोलियां) की जरुरत होती है। यही वजह है कि आम घरों के बच्चें इस खेल में कैरियर बनाने से कतरा हैं। डीएवी गल्र्स कालेज के खेल विभाग की अध्यक्षा विभा गुप्ता ने बताया कि कालेज में शूटिंग की प्रेक्टिस करने वाली खिलाडिय़ों को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि १० मीटर एयर राइफल के लिए एक विशेष प्रकार की डे्रस की जरुरत पड़ती है। जिसे कालेज ने किराए पर लेकर खिलाडिय़ों को मुहैया करवाया है।
सरकार दें ध्यान-
सारिका, नवनीत, सोनिया, सुजाता, गरिमा, सोनिया राजपूत, पारुल का कहना है कि सरकार को इस खेल की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। ताकि छात्राएं इस क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकें। अगर इस खेल के जिला स्तर पर कोचिज उपलब्ध होंगे, तो उन्हें सिखने में ज्यादा मदद मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस खेल की शूटिंग रेंज का भी प्रदेश में अभाव है। प्रदेश में तीन-चार जिलों में ही शूटिंग रेंज है। यह भी वजह है कि इस खेल को ज्यादा बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
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