सोमवार, 8 अगस्त 2011
बुधवार, 3 अगस्त 2011
सोमवार, 25 जुलाई 2011
शुक्रवार, 1 जुलाई 2011
रैली निकाल किया पर्यावरण के प्रति जागरूक
यमुनानगर। पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए शुक्रवार को डीएवी गल्र्स कालेज की एनएसएस वालंटियर्स ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुनानगर के सहयोग से गांव परवालों में रैली निकाली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ भूपेंद्र कुमार ने हरी झंडी देकर रैली को रवाना किया। रैली गांव की विभिन्न गलियों से होती हुई मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
एनएसएस वालंटियर्स व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसडीओ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगाया गया है। बावजुद इसके कुछ लोग अभी भी पॉलीथिन का बैग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। जो कि गलत है।
उन्होंने कहा कि आसपास के राज्यों से प्रदेश में अवैध रुप से पॉलीथिन आ रहा है। उन्होंने बताया कि पॉलीथिन को जलाने पर उसमें से कार्बन मोनो ऑक्साइड, कॉर्बन डाई ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें निकलती है, जो कि पर्यावरण के लिए हानिकार है। अगर पॉलीथिन को नालियों में फैंक दिया जाए, तो उससे नालियों चौक हो जाती है। जिस कारण पानी निकासी अवरुद्ध हो जाती है और यही वजह है कि गांव व शहर में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। उन्होंने एनएसएस वालंटियर्स को शपथ दिलाई के वे पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करेंगी, इसके अलावा अपने आसपास के क्षेत्र में भी लोगों को पॉलीथिन से होने वाली हानियों के बारे में बताएंगी।
उन्होंने वालंटियर्स से आह्वान किया कि वे पानी बचाने के लिए अभियान चलाएं। अगर हम यूं ही पानी को बर्बाद करते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब हमें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ेगा। राजस्थान व अन्य राज्यों के लोगों को अभी से ही पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पानी का दोहन की वजह से हर साल चार से पांच फीट पानी नीचे चला जाता है। जो कि अच्छा नहीं है। कैंप को-ओडिनेटर डा. भावना व डा. गुरशरन कौर ने कहा कि आज देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व में पानी का मुद्दा सबसे बड़ा है। अगर हम समय रहते इस मामले में गंभीर नहीं हुए, तो वह दिन दूर नहीं, जब लोग पानी के लिए एक-दूसरे से लड़ते नजर आएंगे। इससे पूर्व एनएसएस की वालंटियर्स ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने तथा पानी बचाने का संदेश देने के उद्देश्य से गांव में रैली निकाली। जो कि गांव की विभिन्न गलियों से होती हुई, मंदिर परिसर में संपन्न हुई। वालंटियर्स ने पर्यावरण को बचाने वाले बैनर व पट्टियां उठाई। रैली को सफल बनाने में गांव के लोगों ने सहयोग दिया।
शनिवार, 25 जून 2011
यमुनानगर में गिराए धार्मि· स्थल
हाइेह्ले ·िनार बने शिेह्ल ेह्ल देेह्ली मंदिर ·ो गिराया
आज भी जारी रहेगी ·ार्रेह्लाई
लोगों ·ी भीड़ ·ो देखते हुए ेिह्लभाग ने अल सुबह ·ी ·ार्रेह्लाई
हाइेह्ले ·िनार अति·्रमण ·र बनाए गए धार्मि· स्थलों ·ो गिराने ·ा सिलसिला शनिेह्लार ·ो दूसर दिन भी जारी रहा। ेिह्लभाग ने शु·्रेह्लार ·ो जमा हुई लोगों ·ी भीड़ ·ो देखते हुए शनिेह्लार ·ो एनएचएआई ने सुबह छह बजे अपनी ·ार्रेह्लाई ·ो अंजाम दिया। सुबह ेिह्लभाग ने जेसीबी ·ी मदद से सहारनपुर रोड पर लाल ·ोठी ·े बाहर बने शिेह्ल मंदिर ेह्ल शुगर मिल ·े समीप स्थित देेह्ली मंदिर ·ो गिरा दिया गया। इस दौरान ·ुछ लोगों ने अपना ेिह्लरोध दर्ज ·िया, ले·िन भारी पुलिस बल होने ·े ·ारण ेह्लह लोग ·ुछ नहीं ·र पाए। ेिह्लभाग ·ी यह ·ार्रेह्लाई अभी आगे भी जारी रहेगी।
हाइेह्ले ·िनार अेह्लैध रूप से बनाए गए जिले ·े ·ुल १२ धार्मि· स्थलों ·ो गिराने ·े लिए चयनित ·िया गया था। शु·्रेह्लार ·ो ेिह्लभाग ·े अधि·ारियों ने पांच धार्मि· स्थलों ·ो गिराया था। शनिेह्लार ·ी सुबह नेशनल हाइेह्ले अथारिटी द्वारा सहारनपुर मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर ·े सामने बने ेह्लर्षो पुराने शिेह्ल शक्ति मंदिर ·ो गिराया गया। मंदिर ·ो गिराते समय ·ुछ लोगों द्वारा इस·ा ेिह्लरोध भी ·िया गया। मंदिर ·ो गिराने ·ा ेिह्लरोध ·रने ेह्लालों में सुमित गेरा, रमन ·ालडा, देेह्लेंद्र, सोनू गेरा, हरभजन, टे· चंद ेह्ल अन्य लोगों ने बताया ·ि मंदिर ·ो गिराते समय श्रद्धालुओं द्वारा ए· दिन ·ा समय मांगा गया था, ता·ि ेह्लह मंदिर में स्थापित मूर्तियों ·ो सुरक्षित र ा स·ें, ·िंतु ेिह्लभाग ने उन·ी नहीं मानी और सीधे मंदिर ·ो गिरा दिया। उन्होंने ·हा ·ि ेह्लैसे तो शनिेह्लार ·ो सभी ेिह्लभागीय अधि·ारी छूट्टी ·े ·ारण ·ोई ·ाम नहीं ·रते ेह्लहीं मंदिर ·ो गिराने हेतु सुबह-सुबह ही सभी अधि·ारी पहुंच गए। इसी प्र·ार सरसेह्लती शुगर मिल ·े पास स्थित ेह्लर्षो पुराने देेह्ली मंदिर ·ो भी जेसीबी मशीन ·े द्वारा गिराया गया। मंदिर ·े सेेह्ल· सुरश ने बताया ·ि इस·े लिए ·ल भी ेिह्लभाग ·ी ओर से ·ुछ लोग आए थे, ·िंतु श्रद्धालुओं ·ी भीड़ दे ा·र ेह्लह ेह्लापस लौट गए। ेह्लहीं आज सुबह छह बजे आ·र टीम ने मंदिर ·ो गिरा दिया। उसने बताया ·ि यह मंदिर १९५० से पहले ·ा बना है। लगभग ए· घंटे त· चली इस ·ार्रेह्लाई ·े दौरान पुलिस बल समेत नेशनल हाइेह्ले आथारिटी ·े अधि·ारी ेह्ल ·ई ·र्मचारी मौजूद थे।
नहीं दि ाा ट्र·ों ·ा अति·्रमण
ेिह्लभाग ·ी इस ·ार्रेह्लाई ·े दौरान ·ई दु·ानों ·े अति·्रमण ेह्ल धार्मि· स्थलों ·ो हटाया गया, ·िंतु ेिह्लभाग ·ो एनएच-७३ पर जोडिया ना·े से पांसरा मार्ग ·े बीच दोनों ओर ाड़े हजारों ट्र· दि ााई नहीं दिए। लोगों ·ा ·हना है ·ि ेिह्लभाग द्वारा लोगों ·ो निजात दिलाने ·े लिए चलाई जा रही इस ·ेह्लायद में धार्मि· स्थल ेह्ल अति·्रमण ·ो तो हटा दिया गया। ·िंतु यहां ाड़े ट्र·ों ·ो अनदे ाा ·र दिया गया। जब·ि सबसे अधि· आेह्लाजाही ·ी समस्या इनसे ही होती है।
फोटो सं या:-२०, २१ ेह्ल २२
सोमवार, 20 जून 2011
२१ जून का दिन है साल का सब से लंबा दिन Enjoy Summer Solstice on 21 jun 2011
२१ जून का दिन है साल का सब से लंबा दिन Enjoy Summer Solstice on 21 jun 2011
(चित्र गूगल से लिया गया है साभार)
अमर उजाला अखबार का बहुत धन्यवाद इस जानकारी को कुछ और लोगो तक पहुँचाने के लिए
यदि ऐसा हो कि आप शाम होने का इंतजार करते रहें लेकिन सूरज ढलने का नाम नहीं ले. आप बार बार घड़ी देखें और कोई फायदा ना हो क्योंकि २१ जून का दिन है साल का सब से लंबा दिन,जो साल में बस एक बार ही आता है.मंगलवार यानी २१ जून का दिन साल का ऐसा दिन होता है जिस दिन पृथ्वी की धुरी सूर्य की ओर झुक जाती है जिससे उत्तरी गोलार्ध में दिन लंबा और दक्षिणी गोलार्ध में रात सबसे लंबी हो जाती है। इस कारण से मंगलवार को सूर्योदय प्रातः५ बज कर २४ मिनट पर सूर्यास्त शाम ७ बज कर २२ मिनट पर होगा.यह दिन पूरे १४ घंटे का होगा और रात उसी अनुपात मे छोटी यानी कि १० घंटे की.
चित्र पर क्लिक कर के बड़ा कर कर देख सकते हैं.
इस खगोलीय घटना को ग्रीष्मकालीन अयनांत (समर साल्स्टिस) कहते हैं.साल्स्टिस लैटिन भाषा का शब्द है जिसको दो भागो मे बाँट कर देखा जाए तो सोल जिसका अर्थ है सूर्य और दुसरा भाग सिस्टटेरे जिस का अर्थ है जस का तस खड़ा होता है अर्थात यह वो दिन है जब धरती का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की और सब से अधिक झुका होता है.ग्रीष्मकालीन अयनांत तब होता है जब पृथ्वी की धुरिय झुकाव सबसे अधिक २३ डिग्री २६ मिनट उत्तर की अपनी अधिकतम सीमा पर हो.
![]() |
| सूर्य और पृथ्वी की स्तिथि को दर्शाता चित्र |
इस खगोलीय घटना को ग्रीष्मकालीन अयनांत (समर साल्स्टिस) कहते हैं.साल्स्टिस लैटिन भाषा का शब्द है जिसको दो भागो मे बाँट कर देखा जाए तो सोल जिसका अर्थ है सूर्य और दुसरा भाग सिस्टटेरे जिस का अर्थ है जस का तस खड़ा होता है अर्थात यह वो दिन है जब धरती का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की और सब से अधिक झुका होता है.ग्रीष्मकालीन अयनांत तब होता है जब पृथ्वी की धुरिय झुकाव सबसे अधिक २३ डिग्री २६ मिनट उत्तर की अपनी अधिकतम सीमा पर हो.
यदि हमें जानकारी हो तो हम इस दिन को आनन्दित महसूस कर सकते हैं इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आज यह बताया जा रहा है कि हम २१ जून को सबसे लंबे दिन का आनंद उठा सकें.उडीसा के कोणार्क सूर्य मंदिर मे सूर्य की मूर्ति इस प्रकार स्थापित की गयी थी इन अवसरों सूर्य की किरणे सीधे मूर्ति को अवलोकित करें.
इंगलैंड के स्टोनहेंज नामक स्थान पर सदियों पूर्व विशाल पत्थर खड़े किये गएँ थे उन्हें इस तरह खड़ा किया गया है कि उनसे वर्ष के सबसे लंबे दिन (उत्तर अयनांत) और सबसे छोटे दिन (दक्षिण अयनांत) को होने वाले सूर्योदय और सूर्यास्त का पता लग सके. विश्व के कुछ प्राचीन स्मारकों का निर्माण इस तरह किया गया है कि उनमें विषुव या अयनांत के दिन सूर्य की किरणें भीतर किसी विशेष स्थान पर पहुंच जाएं.
ये चलचित्र देखें जरा ..
दर्शन लाल बवेजा विज्ञान अध्यापक हरियाणाइंगलैंड के स्टोनहेंज नामक स्थान पर सदियों पूर्व विशाल पत्थर खड़े किये गएँ थे उन्हें इस तरह खड़ा किया गया है कि उनसे वर्ष के सबसे लंबे दिन (उत्तर अयनांत) और सबसे छोटे दिन (दक्षिण अयनांत) को होने वाले सूर्योदय और सूर्यास्त का पता लग सके. विश्व के कुछ प्राचीन स्मारकों का निर्माण इस तरह किया गया है कि उनमें विषुव या अयनांत के दिन सूर्य की किरणें भीतर किसी विशेष स्थान पर पहुंच जाएं.
ये चलचित्र देखें जरा ..
(चित्र गूगल से लिया गया है साभार)
अमर उजाला अखबार का बहुत धन्यवाद इस जानकारी को कुछ और लोगो तक पहुँचाने के लिए
सदस्यता लें
संदेश (Atom)




















