सोमवार, 18 अप्रैल 2011
गुरुवार, 14 अप्रैल 2011
सोमवार, 11 अप्रैल 2011
हिन्दी ब्लॉगिंग संबंधी पुस्तकों की अग्रिम बुकिंग से कमाई : मौका मत चूकें
(१) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नयी क्रान्ति
यह पुस्तक अविनाश वाचस्पति और रवीन्द्र प्रभात के द्वारा संपादित है
मूल्य : 495/- ( डाक खर्च अलग से )
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
(२) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास
लेखक का नाम : रवीन्द्र प्रभात
मूल्य : 250 /-( डाक खर्च अलग से)
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
यह पुस्तक अविनाश वाचस्पति और रवीन्द्र प्रभात के द्वारा संपादित है
मूल्य : 495/- ( डाक खर्च अलग से )
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
(२) पुस्तक का नाम : हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास
लेखक का नाम : रवीन्द्र प्रभात
मूल्य : 250 /-( डाक खर्च अलग से)
प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701
विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्लॉगरों के नाम, ब्लॉग पते और ई मेल पते पुस्तक में बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे।
रुपये 450/- केवल भेजने के लिए आप अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित तीन विकल्पों में किसी एक का चयन कर सकते हैं
1. आप मनीआर्डर से सीधे हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के पते पर राशि भेज सकते हैं परंतु मनीआर्डर के पीछे संदेश में अपना पूरा पता, फोन नंबर ई मेल आई डी के साथ अवश्य लिखें।
2. तकनीक का लाभ उठाते हुए आप बैंक ऑफ बड़ौदा, बिजनौर के नाम हिन्दी साहित्य निकेतन के खाता संख्या 27090100001455 में नकद जमा करवा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के बाद जमा पर्ची का स्कैन चित्र मेल पर अपनी पूरी जानकारी के साथ अवश्य भिजवायें।
3. आप यह राशि हिन्दी साहित्य निकेतन के नाम ड्राफ्ट के द्वारा भी डाक अथवा कूरियर के जरिए भेज सकते हैं। चैक सिर्फ सी बी एस शाखाओं के ही स्वीकार्य होंगे।
आप जिस भी विकल्प का चयन करें, उसका उपयोग करने के बाद इन ई मेल पर सूचना भी अवश्य भेजने का कष्ट कीजिएगा
giriraj3100@gmail.com, ravindra.prabhat@gmail.com & nukkadh@gmail.com पर जरूर भेजिएगा।
ज्ञातव्य हो कि उपरोक्त दोनों पुस्तकों का सम्मिलित मूल्य है रुपये. 745/- किन्तु लोकार्पण से पूर्व यानी दिनांक २५.०४.२०११ तक संयुक्त रूप से दोनों पुस्तकों की खरीद पर डाक खर्च सहित रू. 450/- ही देने होंगे !
ऑर्डर सीधे प्रकाशक : हिंदी साहित्य निकेतन, 16, साहित्य विहार, बिजनौर (ऊ.प्र.) 246701 के नाम भेजना है !
किसी प्रकार की शंका होने पर ई मेल भेजने अथवा फोन से बात करने पर हिचकिचाएं मत।
विशेष सूचना : 12 अप्रैल 2011 तक बुकिंग करवाने वाले ब्लॉगरों के नाम, ब्लॉग पते और ई मेल पते पुस्तक में बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के शामिल/ प्रकाशित किए जायेंगे।
शनिवार, 9 अप्रैल 2011
गुरुवार, 7 अप्रैल 2011
जय पौलिटेक्निक में वार्षिक उत्सव
जय पौलिटेक्निक में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 100 विद्यार्थीयो को बोर्ड परीक्षा में विषिष्ट स्थान प्राप्त करने पर नकद पुरस्कार राषि व ट्राफियो द्वारा सम्मानित किया गया। श्री अजीत मोहन शरण वित्त एवं तकनीकी विभाग हरियाणा को इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के चैयरमैन डा0 के0 एल0 जौहर (पूर्व उप कुलपति गुरू जम्बेषवर विष्वविद्यालय हिसार) ने की।
इस अवसर पर संस्था कि प्रबंधन कमेटी के अन्य सदस्य श्री डी0 आर0 जौहर श्री विक्रम जौहर व श्री विवेक जौहर के साथ आस पास के सरकारी व गैरसरकारी स्कुलो के प्राचार्य तथा नजदिकी गांव से सरपंच व पंच भी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की ज्योति प्रज्जवलित करके किया गया। इसके पश्चात संस्था के वाईस चेयरमैन श्री डी0 आर0 जौहर ने मुख्य अतिथि व विषिष्ट अतिथियो का कार्यक्रम में पधारने पर हार्दिक धन्यवाद किया। मुख्य अतिथि ने अपने भाषण में सम्बोधित करते हुए कहा कि जहां हरियाणा में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत उन्नति हुई है वहां गुणवत्ता का होना भी अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थीयो में शैक्षणिक विकास के साथ-साथ नेतत्व के गुण आत्मविश्वास एंव व्यक्तित्व के विकास का आज के स्पर्धा पुर्वक युग में होना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर विद्यार्थीयो द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करके आए हुए विष्ष्टि अतिथियो व अन्य लोगो का मन मोह लिया। इस अवसर पर विधालय के विद्यार्थीयो सुनील ई0सी0ई0 तृतीय वर्ष व नेहा छात्रा द्वितीय वर्ष को गत वर्ष बोर्ड परिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 5100 रू की नकद राषि व ट्राफी प्रदान करके सम्मानित किया गया।
इसी श्रृंखला में एकता कालडा को 3100 रू राहिल छाबडा को 2100 रू तथा अन्य 94 विद्यार्थीयो को बोर्ड परीक्षा में मैरिट प्राप्त करने पर नकद राषि व ट्राफी प्रदान दे कर सम्मानित किया गया। संस्थान के प्रचार्य श्री अरूण कपिल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि चाहे बोर्ड परीक्षा हो या कोई सांस्कृतिक गतिविधि या फिर कोई खेल प्रतियोगिता संस्थान के विद्यार्थीयो का प्रदर्षन हमेषा उत्कृष्ट ही रहा है। संस्थान के जनरल सैक्रट्री श्री विक्रम जौहर ने अपने भाषण में कहा कि इस संस्था के बहुत अधिक सख्या में विद्यार्थी उतर व दक्षिण भारत की कई कम्पनियो में चयनित हो चुके हैं इस के अलावा और कम्पनियों से भी संपर्क साधे जा रहे है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी डिप्लोमा पुरा करने पर नौकरी प्राप्त कर सके। कार्यक्रम के समापन पर संस्था के चेयरमैन ने मुख्य अतिथि व आए हुए सभी विशिष् ट अतिथियो का धन्यवाद किया।
बुधवार, 6 अप्रैल 2011
सर्दियों में मुहँ से सांस के साथ धुंआ निकलता है वो क्या है? Why Breath Visible in Winter?
ऐसा क्यूँ होता है?
ये मुहँ से निकलने वाला धुंआ क्या होता है? जब हमारी सांस लेने की क्रिया में वायु फेफड़ों द्वारा बहार निकाली जाती है तो उस में जो जलवाष्पे water vapours होती है | आओ पहले ये जाने कि ये जल वाष्पे सांस में कहाँ से आती है
श्वशन क्रिया के दौरान शरीर में CO2 कार्बनडाईऑक्साइड और पानी H2O बनते है यही पानी जलवाष्प के रूप में फेफड़ों द्वारा वाष्पन के द्वारा मुहँ या नाक से बहार निकाल दी जाती है श्वशन/पाचन के दौरान बनने वाला जल और हमारे द्वारा पीया गया जल भी मूत्र,पसीना,वाष्पीकरण द्वारा ही बाहर आता है|
अब देखें इसकी रासायनिक समीकरण,
Glucose + Oxygen = Carbon Dioxide + Water + Energy
C6H12O6+ 6O2=6CO2+ 6H2O + Energy
आओ अब जाने आगे
सर्दियों में शरीर से बहार यानी कि वायु मंडल का तापमान बहुत कम होता है जैसे ही यह जलवाष्प सांस के साथ बाहर आती है तुरंत ही संघनित Condense कर पानी की छोटी छोटी बूंदों Water Dropletes में बदल जाती है और दिखाई देने लगती है जिसे धुंआ सा कहा जाता है| यह क्रिया हर समय हर मौसम में चलती है तो फिर गर्मियों में क्यूँ नहीं दिखाई देती है यह धुंआ? गर्मियों में बहार का तापमान अधिक होने के कारण ये जलवाष्प संघनित Condense नहीं होने पाती है और जल्दी से पुन्ह वाष्पीकरण हो जाता है | छोटे बच्चे अक्सर गावं में मजाक करते है देखो मै बीडी पी रहा हूँ इस धुवें को दिखा कर |
शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011
जुल्फों को सवांरने के लिए हुई कार्यशाला
यमुनानगर। ये रेशमी जुल्फें, सरबती आंखें, इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी। इस गीत को सुनने के बाद किसी के भी जहन में जुल्फों की तस्वीर खुद-ब-खुद उभर कर सामने आ सकती है। लेकिन दिन प्रतिदिन बढ़ रहे प्रदूषण के कारण रेशमी जुल्फें प्रभावित हो रही हैं। डीएवी गल्र्स कालेज में कॉस्मोटोलॉजी विभाग की ओर से हेयर रिबोंडिंग (कैमिकल जॉब) विषय कार्यशाला का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान छात्राओं को जुल्फों सवारंने के लिए प्रैक्टिकल करवाया गया। इसमें मैट्रिक्स हेयर एकेडमी की नार्थ जोन की सीनियर टेक्निकल अंजू बाला ने छात्राओं को हेयर रिबोंडिंग के बारे में बताया। अंजू बाला ने सबसे पहले बालों की सरंचना के बारे में जानकारी दी। कई लोगों के बालों में रूखापन होता है, तो किसी के बाल ऑयली (स्टै्रट) तथा सामान्य होते हैं। ऑयली हेयर में रिबोंडिंग नहीं हो होती। रूखे बालों में भी रिबोंडिंग करने से पूर्व हॉट ऑयल थैरेपी की जरुरत होती है। इसके अलावा बालों में स्पा कर सकते हैं। रूखे बालों को देखभाल के लिए बढिय़ा प्रकार के शैंपू व कंडीशनर का इस्तेमाल करना बेहद जरुरी है।
ये है रिबोंडिंग-
रिबोंडिंग के बारे में जानकारी देते हुए अंजु ने बताया कि बाल तीन तरह के बाउंड से बने होते हैं। जिसमें बायो सल्फर, स्लाइन व हाइड्रोजन शामिल है। इनमें से कोई भी एक बाउंड कम है, तो हेयर रिबोंडिंग नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बालों में लगी धूल मिट्टी व तेल को निकालने के लिए रिबोंडिंग से पूर्व उन्हें बढिय़ा शैंपू से धो लें। इसके उपरांत बालों को ८० प्रतिशत सूखाकर उन्हें प्रेसिंग कर लें। बालों के प्रकार के मुताबिक उनमें कैमिकल लगाया जाना चाहिए। इसके बाद ३० मिनट तक बालों को रैप (ढकना) कर दिया जाता है। अंजू ने बताया कि ३० मिनट से अधिक समय तक बालों पर कैमिलक लगाना हानिकाकर है। निर्धारित समय के बाद बालों को गुनगुने पानी से धो लेें। बालों को तब तक धोए, जब तक कैमिकल पूरी तरह से साफ न हो जाए। इसके बाद फिर से बालों को ८० प्रतिशत ड्राई करें और उन्हें प्रैस करने के बाद उन पर न्यूटीलाइजर लगाएं। बालों को १० मिनट तक छोड़ दें। फिर से बालों को धो लें। बालों को सूखाकर प्रैस करके सिरम (एक प्रकार का तेल) लगा लें।
उन्होंने बताया कि रिबोंडिंग के बाद बालों को तीन दिन तक धोना वर्जित है। किसी भी प्रकार से बालों को मोडऩा नहीं है। इतना ही नहीं सोते समय भी बालों को सीधा रखना है। तीन दिन के बाद बालों को कैमिकल से धोना चाहिए। इसके बाद बालों को स्पा दिया जाएगा। मौके पर विभाग के मनिंद्र शर्मा, रितू शर्मा, उवर्शी, हितेश, लवप्रीत, सिल्की, रोहिनी व हरजोत कौर उपस्थित रहें।
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