बुधवार, 3 अप्रैल 2013

‘रणवीर हुड्डा के नाम से खुलेगा टेक्रालोजी संस्थान’

‘रणवीर हुड्डा के नाम से खुलेगा टेक्रालोजी संस्थान’

Posted On April - 2 - 2013
यमुनानगर के मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करते हरियाणा तकनीकी विभाग के प्रिंसीपल सेके्रटरी एवं आयुक्त धनपत सिंह। - हप्र
यमुनानगर, 2 अप्रैल (हप्र)। हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता एवं स्वतंत्रता सेनानी रणबीर सिंह हुड्डा के नाम से यमुनानगर में अति शीघ्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्रोलॉजी खोला जाएगा, जिसको लेकर जमीन फाईनल कर दी गई है। उक्त जानकारी हरियाणा तकनीकि विभाग के प्रिंसीपल सैके्रटरी एवं आयुक्त धनपत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि आने वाला युग तकनीकि शिक्षाओं पर आधारित है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भर में 643 तकनीकि, पोलिटैक्निक, मैनेजमेंट एवं एमबीए के संस्थान कार्यरत हैं, जिनमें 60 केवल यमुनानगर में हैं। उन्होंने कहा कि यमुनानगर तकनीकि शिक्षा को लेकर प्रदेश भर में अग्रिम श्रेणी में गिना जाता है और अब जल्द ही यहां इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खुलने से जिलावासियों को और लाभ होगा। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से तकनीकि शिक्षा के क्षेत्र में जुडऩे का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में युवाओं को व्यापक विकल्प प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक सरकारी तकनीकि संस्थान खोला जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस शिक्षा को प्राप्त कर लाभ उठा सके।  इससे पहले मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में धनपत सिंह ने बच्चों को डिग्रियां वितरित की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन किसी भी युवा के जीवन में अति महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन वह अपनी शिक्षा पूर्ण कर किसी रोजगार की तलाश में जीवन के अन्य चरण में प्रवेश करता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षण संस्थान के चेयरमैन अशोक कुमार ने मुख्यातिथि का धन्यवाद करते हुए नये डिग्री धारकों को बधाई दी। समारोह में 715 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने के अलावा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर मैरिट लिस्ट में आने वाले पुनीत पसरीचा, दीपिका, गुरकरण कौर, प्रीति साहनी, प्रीति, विदूषी तरेजा, गरिमा रवाल, कमलप्रीत कौर, कृतिका गोयल को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के सदस्य डा. केएल जौहर, नंदलाल गर्ग, डा. अनिल अग्रवाल, मनीषा खन्ना मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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ज्ञापन देने बंद, अब उतरेंगे सड़कों पर : दिलबाग सिंह

ज्ञापन देने बंद, अब उतरेंगे सड़कों पर : दिलबाग सिंह

Posted On April - 3 - 2013
यमुनानगर जिला सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त से सड़कों की समस्याओं को लेकर बातचीत करते यमुनानगर एवं रादौर के विधायक। छाया : हप्र
यमुनानगर, 2 अप्रैल (हप्र)। विपक्षी विधायक अब उपायुक्त व अन्य अधिकारियों के पास जनता की समस्याओं को हल करवाने के लिए नहीं जाएंगे बल्कि संघर्ष का रास्ता अपना कर खुद बैठेंगे और न प्रशासन को बैठने देंगे। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। यह कहना है यमुनानगर से इनेलो विधायक दिलबाग सिंह का, जो अतिरिक्त उपायुक्त को समस्याओं संबंधित ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं विधायक डा. बीएल सैनी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, पूर्व विधायक रामजी लाल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि न तो विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है और न ही जिला प्रशासन विकास कार्यों को करवा रहा है। जिस कारण जिले की जनता का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि बार-बार उपायुक्त से समय लेने के बावजूद उपायुक्त कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह ज्ञापन देने बंद कर लोगों के सहयोग से सड़कों पर आकर प्रदर्शन करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी को सौंपे ज्ञापन में विधायक ने रोष जताते हुए कहा कि सड़कों की हालत इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार होने से आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों में उपस्थित पार्षदों ने नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है और लगभग हर वार्ड में कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी ने प्रदर्शकारियों को आश्वासन दिया कि सड़क और सफाई व्यवस्था जल्द ही सुधर जाएगी।इस अवसर पर दुर्गा प्रसाद मिश्रा, बीके मेहता, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, दलमीरा राम सैनी, सुरेश शर्मा, गुरप्रीत चावला मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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शनिवार, 30 मार्च 2013

सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत

सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत

Posted On March - 30 - 2013
यमुनानगर, 29 मार्र्च (हप्र)। अलग-अलग हादसों में एक महिला सहित तीन की मौत हो गई। जानकारी अनुसार खिजराबाद निवासी कुंती देवी अपने पति के साथ बाइक से सवार होकर यमुनानगर दवाई लेने के लिए आई हुई थी। जैसे ही वह बीएसएनएल एक्सचेंज के नजदीक पहुंचे, तो पास से गुजर रहे नगर कीर्तन के एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे पत्नी ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गई व पति दूसरी ओर गिर गया। पति तो बाल-बाल बच गया, लेकिन महिला की टायर के नीचे आने से मौत हो गई। राहगीरों की मदद से ट्रक चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। देखते ही देखते रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।
वहीं, अंबाला-जगाधरी हाईवे मार्ग पर स्थित चावला पेट्रोल पंप के सामने सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।  जानकारी अनुसार सुध निवासी रघुबीर वीरवार को किसी काम से गया था। शाम के समय वापस घर लौट रहा था। रास्ते में अंबाला मार्ग पर चावला पेट्रोल पंप के नजदीक अज्ञात बाइक चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह नीचे गिर गया। हादसे में रघुबीर की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। जेब से मिले दस्तावेजों पर पुलिस ने शिनाख्त की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया। जहां से पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
उधर, गांव रामपुर कंबोयान में वन विभाग की नर्सरी के सामने देर रात सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सीएचसी बिलासपुर ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी अनुसार रामपुर जट्टान निवासी ऋषिपाल आदर्श विद्या मंदिर रामपुर जट्टान में अध्यापक था। बृहस्पतिवार रात वह अपनी बाइक पर बाजार से घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान जब वह रामपुर कंबोयान के निकट वन विभाग की नर्सरी के सामने पहुंचा, तो उसकी बाइक ट्राली के पीछे टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, चालक ट्रैक्टर ट्राली मौके पर छोड़ कर फरार हो गया।
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अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या

अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या

Posted On March - 30 - 2013
घटनास्थल पर हत्याकांड की जांच करते पुलिस कर्मी।
यमुनानग। हरियाणा के यमुनानगर के गांव मानकपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की अवैध संबंधों के शक में कुल्हाडी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हत्या आरोपी पति अभी फरार बताया गया है।
पुलिस व ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जगाधरी पांवटा साहिब हाईवे पर स्थित गांव मानकपुर निवासी कर्मचंद अकसर शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। कर्मचंद को शक था कि उसकी पत्नी निर्मला चरित्रहीन है और उसके किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध हैं। जब दोनों के बीच आपस में इस शक को लेकर झगड़ा काफी बढऩे लगा तो वह अपने मायके में जाकर रहने लगी। लेकिन कर्मचंद के दिमाग में अपनी पत्नी के प्रति नफरत बढ़ गई। इस बीच उसकी पत्नी यह सोचकर अपने मायके सेे वापस आ गई कि अब कर्मचंद में कुछ सुधार आ गया होगा। लेकिन शुक्रवार सुबह जब निर्मला घर से बाहर खेतों में शौच के लिए गई तो कर्मचंद भी कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे चला गया। सुनसान जगह देखकर कर्मचंद ने कुल्हाड़ी से उस पर इतने वार किए कि उसकी तुरंत मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी दुष्चरित्र नहीं थी। जब वह हत्या कर रहा था तो उसने उसे देख लिया और मौके से तुरंत फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही यमुनानगर से आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे व घटनास्थल की जांच की।
डीएसपी अशोक सभरवाल का कहना है कि कर्मचंद ने अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से सात वार किए हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर कुल्हाड़ी मिल गई है। वह उसे वहीं फेंक कर चला गया था। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का खुलासा कर्मचंद की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा। उसे गिर तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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शुक्रवार, 22 मार्च 2013

मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा

मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा

Posted On March - 21 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर के गांव मंडौली में संजय दत्त को सुप्रीमकोर्ट द्वारा सजा सुनाए के बाद मायूस बैठे चाचा-चाची। -हप्र
यमुनानगर, 21 मार्च। मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त उर्फ मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा सुनाए जाने पर उनके पैतृक गांव मंडौली में दिन भर चूल्हा नहीं जला। फैसला सुनाए जाने से पहले ग्रामीणों ने मंदिरों और मस्जिद में जाकर उनकी रिहाई की दुआएं मांगी। लेकिन ग्रामीणों की दुआएं भी काम नहीं आई और उन्हें सजा हो गई। जिसके बाद मंडौली गमजदा हो गया। संजय दत्त के चाचा-चाची का कहना है कि यह सजा संजय दत्त को नहीं बल्कि पूरे दत्त परिवार को मिली है, जिससे उभर पाना बहुत मुश्किल है।
बृहस्पतिवार सुबह होते ही मंडौली के ग्रामीण अपने प्रिय अभिनेता एवं नेता स्वर्गीय सुनील दत्त उर्फ बल्लु फौजी के लाडले बेटे की अदालत से रिहाई के लिए मंदिरों व मस्जिदों में जाकर दुआ मांगने लगे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी दुआ रंग  लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोपहर होते ही अदालत से जैसे ही मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा का आदेश हुआ तो मंडौली गांव में मातम छा गया। लोगों के घरों के चूल्हों में सुलग रही आग शांत हो गई और ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी छा गई। ग्रामीण तुरंत मुन्ना भाई के मंडौली में रह रहे चाचा सोमदत्त के घर की और सांत्वना देने दौड़े। सांत्वना देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शूगर की मरीज एवं पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे चाचा सोमदत्त की जुबान मन की पीड़ा बयान करने के लिए भी उनका साथ नहीं दे रही थी और चाची का तो कहना था कि यह दत्त परिवार के लिए सबसे दुख की घड़ी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले चाचा सोमदत्त गांव के ही मंदिर में थे और चाची घर में ही बने मंदिर में हाथ जोड़कर भगवान से संजय दत्त के लिए राहत की प्रार्थना कर रही थी। लेकिन जैसे ही टीवी पर फैसला आया दोनों निराशा के अंधकार में डूब गये।
संजय दत्त के चाचा सोमदत्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों को देखते हुए मुन्ना भाई को सजा में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुजुर्गों के लाडले और युवाओं के सबल एवं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पिता बलराज उर्फ बल्लु फौजी (सुनील दत्त) का परिवार देश के बंटवारे के बाद मंडौली में आकर बसा था। इस गांव में सरकार ने सुनील दत्त के परिवार को 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी। मंडौली में बस जाने के बाद सुनील दत्त ने सेना की नौकरी छोड़ दी और आकाशवाणी सिलोन में बतौर उद्घोषक की नौकरी कर ली। लेकिन कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई खींच ले गई। वर्ष 1955 में संजय दत्त के पिता स्व. सुनील दत्त को पहली बार रेलवे प्लेटफार्म नामक फिल्म में काम मिला। इसके बाद बॉलीवुड में वह बेताज बादशाह बन गए। उन्होंने मुंबई जाने के बाद फिल्म अभिनेत्री नरगिस से शादी कर ली और संतान के रूप में संजय दत्त और प्रिया दत्त का जन्म हुआ। इसके बाद संजय दत्त के भी बॉलीवुड में छा जाने के बाद मंडौली गांव को देश भर में पहचान मिल गई। सुनील दत्त ने बालीवुड में पहचान बनाये जाने के बावजूद यमुनानगर को नहीं छोड़ा और वह बार-बार यहां आते रहते थे।

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