सोमवार, 31 अक्टूबर 2011

हिन्‍दू गर्ल्‍ज कॉलेज जगाधरी में यूथ फैस्‍ट, दूसरा दिन

-प्रतिभा को निखारने के लिए मंच जरुरी- शिव रमन गौड़-
-दूसरे दिन सिर चढक़र बोला वेस्टर्न आइट्मस का जादू-

जगाधरी। युवा महोत्सव एक ऐसा मंच है, जिसके जरिए प्रतिभावान विद्यार्थी स्वयं को बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं। लेकिन इसके लिए समपर्ण की भावना का होना बेहद जरुरी है। उक्त शब्द मुख्यमंत्री हरियाणा के मुख्य सचिव एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक शिव रमन गौड़ ने हिंदू गल्र्स कालेज में चल रहे क्षेत्रीय युवा महोत्सव के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालेज प्रिंसिपल डा. उज्ज्वल शर्मा ने की। दूसरे दिन जहां वेस्टर्न आइट्मस की धूम रही, वहीं वन एक्ट प्ले, इंडियन ऑके्रस्ट्रा व फोक सांग के जरिए प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। गौड़ ने कहा कि युवा महोत्वस बहुत बड़ा मंच है, जो कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को साल-दर-साल निखार रहा है। प्रदेश में ऐसे बहुत सारे कलाकार हैं, जिन्होंने इस मंच के जरिए देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी अपनी अगल पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि वर्ष भर के पाठ्यक्रम की थकान ऐसे स्वास्थ मनोरंजन के द्वारा ही दूर हो सकती है। युवा महोत्सव के द्वारा ही विद्यार्थी मेल मिलाप व अनुशासन को कायम रखते हुए प्रतिस्पर्धा के मैदान में उतरते हैं। जीवन में आगे बढऩे के लिए ऐसी भावना का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उसे बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा विद्यार्थियों को हर संभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है।
कालेज प्रिंसिपल डा. उज्ज्वल शर्मा ने कहा कि कालेज में छात्राओं को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। यही वजह है कि आज कालेज की छात्राएं शिक्षा के अलावा खेलकूद, सांस्कृतिक क्षेत्र में भी अग्रणीय है। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव के जरिए कालेज को नई पहचान मिली है। जिस वजह से कालेज का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान विशिष्ठ अतिथि महेंद्र शर्मा ने कालेज की होनहार व जरुरतमंद छात्राओं को ३१ हजार रुपए की छात्रवृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि आगे भी कालेज की होनहार छात्राओं को उनकी तरफ से इस प्रकार की सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
कार्यक्रम के दूसरे दिन वन एक्ट प्ले के दौरान डीएवी गल्र्स कालेज की छात्राओं ने सूरज की अंतिम किरण से सूरज की पहली किरण तक पर अपनी प्रस्तुति दी। जिसकी सभी ने सराहना की। जीएनजी कालेज की छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के जरिए बताया कि स्त्री के मनोभावों को समझने की परख पुरुष में नहीं होती। जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। हिंदू गल्र्स कालेज की टीम नारी की प्रसव पीड़ा, पुरुष के समक्ष फीकी है, इसके जरिए सामाजिक संदेश दिया। लोकगायन के दौरान डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने उड़दा वे जावी कावा गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजकीय महाविद्यालय छछरौली की टीम ने बूहे बारिया गीत प्रस्तुत कर सभी की आंखें नम कर दी। जिसकी सभी ने सराहना की। लाइट वोकल के दौरान हिंदू गल्र्स कालेज की टीम ने परदेसी-परदेसी दिल तोड़ गया की प्रस्तुति दी। जिस पर सभागार में बैठे दर्शक काफी देर तक तालियां बजाते रहे। वन एक्ट प्ले के दौरान हिंदू गल्र्स कालेज की कुमारी मेघा को बेस्ट एक्टर्स घोषित किया गया।
वेस्टर्न में सिर चढक़र बोला शकीरा का जादू- युवा महोत्सव के दूसरे दिन वेस्टर्न आइट्मस का जादू सिर चढ़ कर बोला। वेस्टर्न ग्रुप सांग की प्रस्तुति के लिए जब डीएवी गल्र्स कालेज की छात्राएं स्टेज पर पहुंची, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। डीएवी की छात्रा सवि, मल्लिका, कृति, तरुण, दिशा व रिचा ने ऑब्जेक्शन शकीरा प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने हिट मी बेबी वन मोर टाइम, इफ यू हैड माई लव आई हैव गोट सिक्रेट प्रस्तुत कर खूब तालियां बटौरी। वहीं गुरु नानक खालासा कालेज की छात्राओं ने स्टोरी सैक्सी आईज़ की प्रस्तुति दी। वेस्टर्न सोलो के दौरान डीएवी गल्र्स कालेज की छात्रा सवि ने वेन अवर, वेयर अवर देयर ओवर हेयर अंडर गीत प्रस्तुत किया। जिसके उपरांत सभागार में काफी देर तक तालियों की गडग़ड़ाहट गुंजती रही। गुरु नानक खालसा कालेज की शिखा ने स्टोरी ऑफ माई लाइफ सर्चिंग फार द राइट की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवा महोत्सव के दूसरे दिन वेस्टर्न वोकल सोलो, वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंटल सोलो, वेस्टर्न ग्रुप सांग की प्रस्तुतियां दी गई।
जींस पर कुर्ती ने जमाया रंग-
मैं छैल ग्लैया जांगी, बाजण दे मेरा नाडा, मैं छैल ग्लैया जांगी...हरियाणवी पॉप सांग के दौरान जब यह गीत इंद्रधनुष वैन्यु में बजा, तो पूरा हॉल तालियां से गुंज उठा। इस दौरान कोई सिटी बजाता नजर आया, तो किसी का चेहरा खुशी के मारे दमक गया। हरियाणवी पॉप के दौरान जींस पर कुर्ती का जादू दर्शकों के ही नहीं, अपितु निर्णायक मंडल सदस्यों के सिर पर भी चढक़र बोला। कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियां देखकर हर कोई वंस मोर कह उठा। प्रतिभागियों का उत्साह वर्धन करने के लिए पूरा हाल तालियों से गुंजता रहा। वहीं स्टेज पर परफोरमेंस के लिए कलाकारों ने भी अपनी बेहतर प्रस्तुति देने का प्रयास किया। श्रोताओं का कहना है कि हरियाणवी पॉप के दौरान हरियाणवी धूनों को वेस्टर्न स्टाइल में प्रस्तुत करना तथा उस पर डांस करना गजब होता है। यहीं वजह है कि पिछले कुछ सालों के दौरान यह आइटम बहुत ज्यादा पापुलर हो गया है।
इस प्रकार रहा दूसरे दिन का परिणाम-
हरियाणवी डांस में डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा कालेज तथा जीएनजी कालेज की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। पुरुष वर्ग में एमएलएन कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा कालेज तथा आईजीएन कालेज लाडवा की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। हरियाणवी पॉप सांग में डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड तथा एमएलएन कालेज यमुनानगर तथा डीएवी कालेज साढौरा की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। हरियाणवी स्किट में एमएलएन कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। सांग में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड रही। हरियाणवी फोक सांग मे एमएलएन कालेज रिकमेंडिड तथा डीएवी कालेज साढौरा तथा गुरु नानक खालसा कालेज यमुनानगर की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। हरियाणवी फोक इंस्ट्रूमेंटल सोलो में राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ की टीम रिकमेंडिड तथा डीएवी गल्र्स कालेज की टीम कमेंडिड रही। हरियाणवी गज़ल में एमएलएन कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा डीएवी गल्र्स कालेज व गुरु नानक खालसा कालेज की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। वन एक्ट प्ले में डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा कालेज यमुनानगर तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। मिमिक्री में गुरु नानक खालसा कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा एमएलएन कालेज की टीम कमेंडिड रही। इंडियन ऑके्रस्ट्रा में हिंदू गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा जीएनजी कालेज व डीएवी गल्र्स कालेज की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। हरियाणवी ऑक्रेस्ट्रा में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा कालेज व राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। लाइट वोकल में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा एमएलएन कालेज व डीएवी कालेज साढौरा की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। फोक सांग जनरल में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा जीएनजी कालेज व राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही।





read more "हिन्‍दू गर्ल्‍ज कॉलेज जगाधरी में यूथ फैस्‍ट, दूसरा दिन"

हिन्‍दू गर्ल्‍ज कॉलेज जगाधरी में यूथ फैस्‍ट, पहला दिन

-युवा महोत्सव में पहले दिन छाई हरियाणवी संस्कृति-
-४० से ज्यादा कालेजिज के प्रतिभागी देगें अपनी प्रस्तुति-

जगाधरी। युवा शक्ति देश का भविष्य है और युवा महोत्सव ऐसा मंच है, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करता है। उक्त शब्द एसपी मितेश जैन ने हिंदू गल्र्स कालेज में रविवार से शुरू हुए ३४वें क्षेत्रीय युवा समारोह के दौरान उद्घाटन अवसर पर कहे। समारोह की अध्यक्षता कालेज प्रिंसिपल डा. उज्ज्वल शर्मा ने की। यह समारोह तीन दिनों तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें ४० से ज्यादा कालेजिज के सैंकड़ोंं प्रतिभागी २८ से ज्यादा विद्याओं में अपनी प्रस्तुति देकर कला का प्रदर्शन करेंगे।
जैन ने कहा कि युवा महोत्सव ऐसा मंच है, जहां पर युवा अपनी प्रतिभा को बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं। कला व संस्कृति के बल पर हम देश में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अंदर की शक्ति को पहचाने और उसका सही दिशा में इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि देश का युवा ऊर्जा से भरपूर है। बस जरुरत है, तो उस ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने की।
कालेज प्र्रिंसिपल डा. उज्ज्वला शर्मा ने कहा कि युवा महोत्सव को सफल बनाने के लिए कालेज  परिसर में तीन स्टेज बनाए गए हैं। जिसमें इंद्रधनुष, झंकार व सरगम शामिल है। उन्होंने बताया कि पहले दिन क्लासिकल डांस सोलो, ग्रुप डांस जनरल, ग्रुप सांग हरियाणवी, ग्रुप सांग जनरल, क्लासिकल वोकल सोलो, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो नान परकसन, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो परकसन, हरियाणवी डांस, हरियाणवी पॉप सांग, हरियाणवी स्किट, सांग, हरियाणवी फोक सांग, हरियाणवी फोक सांग इंस्ट्रूमेंटल सोलो व हरियाणवी गजल की प्रस्तुति दी गई।
उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति मानव ह्रदय को समृद्ध करते हैं। वर्तमान में युवाओं का संस्कृति से भटकाव विशेष रुप से चिंतनीय है, ऐसे में युवा महोत्सव नई पीढ़ी को कला संस्कृति से जोडक़र उन्हें नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव में होने वाली नाट्य कलाएं युवाओं की विचार दृष्टि को सही दिशा देकर उनकी सोच को समाज सापेक्ष बनाती है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का युवा कल्याण एवं सांस्कृतिक विभाग पिछले कई दशकों से इस उद्देश्य के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवा महोत्सव के पहले दिन हरियाणवी सांग में डीएवी गल्र्स कालेज की छात्राओं ने झुलण चाल्यो री सखी बागों में झूले पड़ गए गीत प्रस्तुत कर खुब तालियां बटौरी। ग्रुप सांग जनरल में डीएवी कालेज साढौरा की टीम ने ये कदम बढ़ाते रहे, तो जिंदगी है, गर रूक गए तो फिर यहां कुछ नहीं गीत प्रस्तुत सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। गुरु नानक खालसा कालेज की टीम ने वंदे मातरम, वंदे मातरम दिल है वतन हमारा, आवाज का सितारा गीत प्रस्तुत किया। जिसकी सभी ने सराहना की। डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने उज्ज्वल पावन देश हमारा गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटौरी। शास्त्रीय गायन में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने विलंबित ख्याल, दरूत ख्याल तराना प्रस्तुत किया। जबकि जनरल डांस में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम ने राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
हरियाणवी संस्कृति से रू-ब-रू हुए श्रोता-
यह हरियाणवी संस्कृति ही है, जो पूरे प्रदेश को एकसूत्र में बांधे हुए हैं। युवा महोत्सव के पहले दिन श्रोताओं को हरियाणवी संस्कृति से रू-ब -रू होने का अवसर मिला। कालेज परिसर मेें बनाए गए तीनों स्टेजों पर हरियाणवी विद्याएं छाई रही। विभिन्न कालेजिज के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों को देखकर हर किसी ने दांतों तले उंगलियां दबा ली। इंद्रधनुष वैन्यु तो श्रोताओं से इतना खचाखच भरा हुआ था कि वहां पर पांव रखने की भी जगह नहीं मिली। श्रोताओं ने दिल खोलकर कलाकारों का उत्साह वर्धन किया। घंटों तक इंद्रधनुष वैन्यू तालियों की गडग़ड़ाहट से गुंंजता रहा। पहले दिन जहां हरियाणवी डांस की धूम रही, वहीं कलाकारों ने ग्रुप सांग हरियाणवी के जरिए भी अपने जलवे बिखेरे। पहले दिन हरियाणवी डांस सोलो पुरुष व महिला, हरियाणवी पॉप सांग, हरियाणवी फोक सांग, हरियाणवी फोक इंस्ट्रूमेंट्रूमेंट सोलो, हरियाणवी गजल, हरियाणवी स्किट, ग्रुप सांग हरियाणवी की प्रस्तुति दी गई। श्रोता प्रमोद कुमार, सुमन, आर्यन, अभिनव व आकाश का कहना है कि युवा महोत्सव ऐसा मंच है, जहां पर उन्हें अपनी संस्कृति के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने का अवसर मिलता है। यहीं वजह है कि हर कोई इस समारोह की ओर खुद-ब-खुद खिंचा चला आता है। श्रोता विक्रम, अनुभूति व कार्तिक का कहना है कि हरियाणवी संस्कृति ने अपने दम पर दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। एक समय वह भी था, जब हरियाणा की संस्कृति लुप्त हो रही थी, लेकिन आज प्रदेश के कलाकारों की देश ही नहीं दुनिया में अगल पहचान है। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव के जरिए हम जहां अपनी संस्कृति से रू-ब-रू होते हैं, वहीं हम ऐसे कलाकारों के संपर्क में आते हैं, जो प्रदेश के लिए ही नहीं, अपितु देश के लिए काम कर रहे हैं।
इस प्रकार रहा परिणाम-क्लासिकल डांस सोलो में डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड, ग्रुप डांस जनरल में एमएलएन कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा खालसा कालेज यमुनानगर व डीएवी गल्र्स कालेज की टीम सयुक्त रुप से कमेंडिड रही। ग्रुप सांग हरियाणवी में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी तथा एमएलएन कालेज यमुनानगर की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। ग्रुप सांग जनरल में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा एमएलएन कालेज तथा डीएवी कालेज साढौरा की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। क्लासिकल वोकल सोलो में डीएवी गल्र्स कालेज की टीम रिकमेंडिड, जीएनजी कालेज तथा गुरु नानक खालसा कालेज की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो नान परकसन में जीएनजी कालेज की टीम रिकमेंडिड तथा हिंदू गल्र्स कालेज जगाधरी तथा डीएवी गल्र्स कालेज यमुनानगर की टीम संयुक्त रुप से कमेंडिड रही। क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल सोलो परकसन में एमएलएन कालेज यमुनानगर की टीम रिकमेंडिड तथा गुरु नानक खालसा कालेज की टीम कमेंडिड रही।

read more "हिन्‍दू गर्ल्‍ज कॉलेज जगाधरी में यूथ फैस्‍ट, पहला दिन"

शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

34th Zonal Youth Festival 2011

Hindu Girls College, Jagadhri (Yamuna Nagar) has been privileged by Kurukshetra University to organize the 34th Zonal Youth Festival 2011 to be held on 30, 31 October & 01 November 2011 from 10.00 a.m. in the college campus.
read more "34th Zonal Youth Festival 2011"

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

लिगेसी इण्डिया मैगजीन में यमुनानगर के ब्लॉगर श्रीश बेंजवाल ‘ई-पण्डित’ की चर्चा

लिगेसी इण्डिया  पत्रिका के ताजा अंक में यमुनानगर के तकनीकी लेखक एवं चिट्ठाकार श्रीश बेंजवाल शर्मा की चर्चा हुयी है। श्रीश हिन्दी ब्लॉगजगत में  ई-पण्डित के नाम से प्रसिद्ध हैं। हिन्दी कम्प्यूटिंग एवं ब्लॉगिंग पर कई लेख लिखने के अतिरिक्त हिन्दी सम्बन्धी कई सॉफ्टवेयर टूल बना चुके हैं।

Legacy_India_ePandit_Article_Oct_2011

(चित्र को स्पष्ट देखने के लिये उस पर क्लिक करें)

» ई-पण्डित पर सम्बन्धित लेख

read more "लिगेसी इण्डिया मैगजीन में यमुनानगर के ब्लॉगर श्रीश बेंजवाल ‘ई-पण्डित’ की चर्चा"

सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

फिल्में बेचने के लिए महिलाओं का हो रहा इस्तेमाल: गोविंद ठुकराल

यमुनानगर। सिनेमा में महिलाओं को ज्यादातर कमोडिटी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। सिर्फ २५ फीसदी फिल्मों में ही महिलाओं को ही सही तरीके से दिखाया जाता है। जबकि बाकी ७५  फीसदी सिनेमा में महिलाओं का इस्तेमाल सिनेमा को बेचने के लिए किया जाता है। यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार गोविंद ठुकराल का। ठुकराल चौथे हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समरोह में महिला समाज और सिनेमा विषय पर आयोजित विशेष सेमिनार में  बतौर मु य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने की। 
ठुकराल ने कहा कि बंगाली, मराठी इत्यादि फिल्मों में महिलाओं के किरदारों को बड़ी संजीदगी से पेश किया जाता है। यही वजह है कि वहां क्षेत्रीय फिल्मों में महिलाओं की भूमिका उभर कर सामने आती है। लेकिन हिंदी फिल्मों में इसके विपरित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज फिल्मों में महिलाओं को लेकर फुहड़ता ज्यादा दिखाई जा रही है। जो कि गलत है। इस मामले में दर्शकों की जि ोदारी बढ़ जाती है। जब तक वे महिलाओं को सिर्फ इस्तेमाल की वस्तु साबित करने वाली फिल्मों को नहीं नकारेंगे, तब तक समाज में लोगों का महिलाहओं के प्रति नजरिया नहीं बदलेगा। उन्होंने मदर इंडिया, दो बीघा जमीन, मिर्च मसाला, पाथेर पांचाली का जिक्र करते हुए कहा कि इन फिल्मों में महिलाओं के किरदारों को पूरी दुनिया ने सराहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाओं के सशक्त किरदार वाली फिल्मों में कमर्शियल वैल्यु कम होती है, यही वजह है कि वे फिल्में चल नहीं पाती। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं की खुद की पहचान है। जबकि पहले वे अपने पति, पिता व दादा के नाम से जानी जाती थी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को महिलाओं से संबंधित मुद्दों की विशेष जानकारी होनी चाहिए।
फिल्म मेकर गजेंद्र एस सोत्रिया ने क्षेत्रीय सिनेमा में महिलओं के किरदारों को किस प्रकार से प्रस्तुत किया है। इसके बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महिलाओं का सिनेमा व सामाज में जो योगदान है, वह अतुल्नीय है। इसलिए हमारी जि मेदारी बनती है कि हम महिलाओं को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करें। ताकि वे देश के विकास में अपनी भागेदारी निभा सकें।
कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने कहा कि महिला-समाज और सिनेमा विषय पर आयोजित सेमिनार का मु य उद्देश्य कालेज की छात्राओं को फिल्मों व समाज में महिला की भूमिका से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि युवा देश का ाविष्य है और जब तक युवा पीढ़ी को इस प्रकार की चीजों के बारे में नहीं बताया जाएगा, तब तक देश के विकास में अपनी भागेदारी सुनिश्चित नहीं कर सकते। इसके अलावा उन्होंने आज के संदर्भ में बन रही फिल्मों व उनमें महिलाओं के किरदारों के बारे में विस्तार से चर्चा की। सेमिनार के दौरान मु य अतिथि ने विद्यर्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का बड़ी संजीदगी से जवाब दिया। कार्यक्रम के दौरा मंच संचालक डा. भावना सेठी ने किया। मौके पर हिंदी विभाग की अध्यक्षा डा. विश्वप्रभा, डा. गुरशरन कौर, डा. दीपिका घई उपस्थित रही।


-फिल्म मेकिंग के लिए संजीदा होना जरुरी: संजीव शर्मा-
यमुनानगर। फिल्म मेकिंग के लिए संजीदा होना बेहद जरुरी है। क्योंकि फिल्म मेकर की समाज क प्रति बहुत बड़ी जवाबदेही बनती है। उक्त शब्द मुंबई से आए एक्टर एंड डायरेक्टर संजीव शर्मा ने डीएवी गल्र्स कालेज में चौथे हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के दौरान चलाए जा रहे फिल्म एप्रीशिएशन कोर्स के दौरान बाहर से आए विद्याथियों से रू-ब-रू होते हुए कहे।
संजीव ने कहा कि फिल्म मेकिंग में डायरेक्शन के लिए सबसे पहले स्क्रिप्ट की समझ होनी चाहिए। फिल्म बनाने में कितना पैसा खर्च किया जाएगा, इसका पता होना बेहद जरुरी है। इसके अलावा स्क्रिप्ट के हिसाब से करेक्टर की कास्टिंग जरुरी है। उन्होंने कहा कि अगर सही से करेक्टर का चयन हो जाता है, तो फिल्म मेकिंग का २५ प्रतिशत काम पूरा हो जाता है। इसके बाद टेक्निकली स्टाफ व लोकेशन की समझ होना भी बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता के लिए उसकी मार्केटिंग जरुरी है। संजीव ने बताया कि फिल्म रूपी जहाज में डायरेक्टर कैप्टन होता है। उन्होंने बताया कि एप्रीशिएशन कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को ईरानी फिल्म द लाइफ फार ड्रंकन हॉर्मिज दिखाई गई। इस फिल्म से संबंधित स्क्रिप्ट, सिनेमेटोग्राफी, एडिटिंग व डायरेक्शन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा विद्यार्थियों को फिल्म मेकिंग के लिए एप्टीट्यूड डवलेप कैसे किया जाए, इसके बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज का युवाओं के लिए फिल्म मेकिंग, सिनेमेटोग्राफी, एडिटिंग में कैरियर बनाने की अपार संभावाए हैं। कालेज में जो कोर्स चलाया जा रहा है, उसका मु य उद्देश्य विद्यार्थियों में फिल्म मेकिंग की स्किल्स डवलेप करना है। ताकि वे इस क्षेत्र में बुलंदियों को छू सकें। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों का बड़ी संजीदगी से जवाब दिया।
वहीं दूसरी ओर चल रहे इसी कोर्स में सिनेमेटोग्राफर वीके मलिक ने विद्यार्थियों को बताया कि सिनेमेटोग्राफी में उन्हें कंपोजिशन, मुड लाइट, कैमरा के मुवमेंट स्टोरी के हिसाब से कैसे होना चाहिए, इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा लोकेशन को किस ढ़ंग से खिंचना (शूट करना) है, ताकि उसकी खुबसूरती पर्दे पर नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर लोकेशन ठीक प्रकार से नहीं खिंची जाएगी, तो सारी मेहतन पर पानी फिरना लाजमी है। इसके अलावा उन्होंने कैमरा हंडलिंग, कैमरा के टाइप्स तथा सिनेमेटोग्राफी की लेटेस्ट तकनीक क्या है। इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। 
कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने बताया कि इस बारे उत्तरी भारत की वि िान्न विश्वविद्यालयों व कालेजिज से २५० विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। जिन्हें सिनेमेटोग्राफी की बारिकियों से अवगत कराया जा रहा है।

read more "फिल्में बेचने के लिए महिलाओं का हो रहा इस्तेमाल: गोविंद ठुकराल"

चौथे हरियाणा अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समोराह का तीसरा दिन








read more "चौथे हरियाणा अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समोराह का तीसरा दिन"