बुधवार, 24 अगस्त 2011
सोमवार, 22 अगस्त 2011
शुक्रवार, 19 अगस्त 2011
सोशल नेटवर्किंग के जरिए अन्ना को सपोट
जगाधरी। करप्शन के अंगेस्ट आवाज बुलंद करने वाले ७४ वर्षीय अन्ना हजारे को सपोट करने के लिए ट्विन सिटी का यूथ भी आगे आ रहा है। यूथ न केवल सडक़ों पर उतर कर समर्थन कर रहा है, बल्कि सोशल नेटवर्किंग साइट और मोबाइल मैसेजिंग के जरिए भी भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आवाज बुलंद कर रहा है। यूथ ने अपने लिंक में कहा है कि जब देशवासी अंग्रेजों के गुलाम थे, तो गांधी जी ने अपनी आवाज बुलंद कर आजादी दिलवाई थी। आज के समय लोग भ्रष्टाचार के गुलाम बन गए हैं, इसके लिए अन्ना आवाज उठा रहे हैं। देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करवाने के लिए लोग भारी संख्या में इस मुहिम में शामिल हो रहे हैं।
करप्शन को खतम करने के लिए शुरू हुई अन्ना हजारे की मुहिम को सफल बनाने के लिए युवाओं ने सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए अपने संदेश लोगों तक पहुंचाने शुरू कर दिए हैं। युवाओं को इन दिनों साइबर कैफों में अन्ना हजारे के सपोट में सोशल साइट्स पर लिखते हुए देखा जा सकता है। मॉडल टाउन निवासी विनित कुमार, अन्नया, सवि मगो, प्रीति चौहान, कृति शर्मा का कहना है कि उन्होंने अपने साइट पर अन्ना हजारे की सपोट में मैसेज लिखा हुआ है। जिसे पढक़र अधिकांश लोग अपने कमेंट्स दे रहे हैं। साथ ही लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। डीएवी गल्र्स कालेज की पूजा पांडे, हिना कपूर व रिचा ने बताया कि जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, तब तक भ्रष्टाचार को खतम नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई मुहिम में अपना सहयोग दें। उक्त छात्राओं ने अपनी सोशल साइट पर अन्ना हजारे के समर्थन में नोट्स लिखे हैं। एमएलएन कालेज की प्रियंका, सोनम, आकृति का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों तक मैसिज पहुंचने के लिए सोशल नेटवर्किंग सबसे बढिय़ा माध्यम है।
करप्शन को खतम करने के लिए शुरू हुई अन्ना हजारे की मुहिम को सफल बनाने के लिए युवाओं ने सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए अपने संदेश लोगों तक पहुंचाने शुरू कर दिए हैं। युवाओं को इन दिनों साइबर कैफों में अन्ना हजारे के सपोट में सोशल साइट्स पर लिखते हुए देखा जा सकता है। मॉडल टाउन निवासी विनित कुमार, अन्नया, सवि मगो, प्रीति चौहान, कृति शर्मा का कहना है कि उन्होंने अपने साइट पर अन्ना हजारे की सपोट में मैसेज लिखा हुआ है। जिसे पढक़र अधिकांश लोग अपने कमेंट्स दे रहे हैं। साथ ही लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। डीएवी गल्र्स कालेज की पूजा पांडे, हिना कपूर व रिचा ने बताया कि जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, तब तक भ्रष्टाचार को खतम नहीं किया जा सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई मुहिम में अपना सहयोग दें। उक्त छात्राओं ने अपनी सोशल साइट पर अन्ना हजारे के समर्थन में नोट्स लिखे हैं। एमएलएन कालेज की प्रियंका, सोनम, आकृति का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों तक मैसिज पहुंचने के लिए सोशल नेटवर्किंग सबसे बढिय़ा माध्यम है।
मोबाइल से मैसिजिंग-यूथ एक-दूसरे को मोबाइल मैसिजिंग के थ्रू भी अन्ना हजारे के सपोट में जुडऩे की बात रख रहे हैं। साथ ही यह भी एडवाइज कर रहे हैं कि इन मैसिजिज को अपने सभी पहचानवालों को फारवर्ड करो। जिससे अन्ना का समर्थन बढ़ता जाए। जगाधरी के महाराजा अग्रसेन कालेज के विद्यार्थी विवेक, सौरभ व अभिनव ने बताया कि जब से अन्ना ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है, तब से अभी तक उन्होंने ५०० से ज्यादा लोगों को मैसिज के जरिए इस मुहिम से जुडऩे का आह्वान किया है। एमएलएन कालेज की श्रुति, संध्या व अश्विनी का कहना है कि उन्होंने अपने मोबाइल में मैसिज फ्री पैक डलवाया हुआ है। जिसका फायदा अब मिल रहा है। वे अपने जानकारों को अधिक से अधिक मैसिज कर अन्ना हजारे की मुहिम से जुडऩे का अग्रह कर रही हैं।
गुरुवार, 11 अगस्त 2011
आर्ट ऑफ लिविंग पर वर्कशाप
यमुनानगर। डीएवी गल्र्स कालेज के सभागार में आर्ट ऑफ लिविंग पर वर्कशाप का आयोजन किया गया। जिसमें ट्रेनर अक्षत जोशी ने छात्राओं को यूथ इंपावरमेंट स्कील्स पर विस्तार से जानकारी दी। कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
जोशी ने छात्राओं को बताया कि वे काम में उत्साह और रूचि को किस प्रकार से बनाए रख सकती है। ताकि वे अपने आसपास के वातावरण को प्रभावित कर सकें। अपनी बुद्धि और मन को वर्तमान क्षण में कैसे केंद्रीत कर सकती हैं, ताकि वह आराम दायक स्थिति में आ जाए। अपनी क्षमाओं से शंकाओं पर कैसे उभरा जा सकता है। इसके अलावा अपने मन के नाकारात्मक भावों से कैसे मुक्ति पाई जा सकती है। अपनी सेल्फ इमेज के बैरियर को तोडक़र छुपी हुई प्रतिभाओं को कैसे निखारा जा सकता है। सोसायटी में प्यार तथा अपनेपन की भावना को कैसे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त बातों को अपनी लाइफ में प्रयोग कर हम अपनी स्किल्स को इंप्रुव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आर्ट आफ लिविंग के जरिए युवाओं को वे चीजें सीखाई जाती है, जिन पर इंस्टीट्यूटस में ध्यान नहीं दिया जाता। युवा कम समय में ज्यादा काम कैसे कर सकते हैं। इसके अलावा शारीरिक व मानसिक रुप से कैसे स्वस्थ रहा जा सकता है। इसके बारे में विस्तार से बताया जाता है। इसके अलावा भ्रूण हत्या, तनाव से मुक्ति, ह्ययूमन वैल्यु इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी जाती है। वर्कशाप के दौरान उन्होंने बतया कि दिमाग के दो पार्ट होते हैं। लेफ्ट बे्रन क्रेटिविटी पर ध्यान देता है, जबकि राइट से हम ज्यादा सोचते हैं। यूथ पावरफुल व एनर्जी से भरपुर होता है। कई बार हम खुद को कोंफिडेंट फील करते हैं। हिचकिचाहट की वजह से हम संदेह महसूस करते हैं। संदेह हमेशा सकारात्मक चीजों पर होता है। क्योंकि नकारात्मक चीजों के बारे में हमें पहले से ही पता होता है कि हम उसे नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से हम घर के कचरे को बाहर फैंक देते हैं, उसी प्रकार जीवन के कचरे को बाहर फैंकना जरुरी है। जीवन में अच्छा काम करने से कचरा नहीं आता। मन के कचरे को कैसे कम किया जाए, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम सभी ने खुद के बारे में एक इमेज बनाई हुई है। जीवन में हमें अनेक मौके मिलते हैं, लेकिन सेल्फ इमेज की वजह से हम उन्हें गवां देते हैं। उन्होने कहा कि सभी के अंदर छुपा हुआ टैलेंट होता है। सेल्फ इमेज की वजह है,हम उन्हें बाहर नहीं निकाल पाते। हमारे अंदर नाकारात्मक भावनाओं का संचार होता है, जो कि शरीर के लिए हानिकारक सिद्ध होती है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे हमेशा खुश रहे। कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए छात्राओं को अपनी स्किल्स इंप्रूव करने का अवसर मिलता है। आने वाले दिनों में भी इस प्रकार के आयोजन किए जाएंगे।
सोमवार, 8 अगस्त 2011
सदस्यता लें
संदेश (Atom)







