Tuesday, October 31, 2017

कैमरे की नज़र से कपाल मोचन मेला


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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपाल मोचन में लगने वाले धार्मिक मेले में लाखों की संख्या में श्रदालु स्नान कर मोक्ष की कामना करते है। साधु समाज एकता मंडल के तत्वाधान में साधुओं ने कपाल मोचन के पवित्र सरोवरों में स्नान किया। साधुओं के स्नान के बाद सरोवरों में स्नान करने के लिए सरोवरों में श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
भारत रक्षा संत समिति द्वारा षट साधु समाज एकता मंडल के तत्वाधान में साधुओं ने कपाल मोचन के पवित्र सरोवरों में स्नान किया। साधुओं के स्नान के बाद सरोवरों में स्नान करने के लिए श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ पडा। श्री शट दर्शन साधु समाज एकता मंडल के प्रधान महंत अमर नाथ तपस्वी की अध्यक्षता में सबसे पहले आज सुबह खेड़ा मंदिर बिलासपुर पर चल रहे रामायण पाठ समापन किया गया। उसके पश्चात हवन यज्ञ किया गया । जिसमें साधु संतों सहित कस्बे के गणमान्य लोगों ने पूर्ण आहुति डाली। खेड़ा मंदिर कमेटी सदस्य शिव धमीजा, अनिल कंकड़, राकेश बेदी, रविन्द्र, गोपाल धीमान, मा. रवि भूषण, सहित क्षेत्र केे गणमान्य लोगों ने फूल मालाएं पहना कर साधु संतो महात्ताओं का स्वागत किया। शाही यात्रा बैंड बाजों के खेड़ा मंदिर से शुरू होकर मेन बाजार छोटा बस स्टैंड, से होते हुए पालकी को उठाए साधु संत कपाल मोचन के कपालमोचन सरोवर में पहुंचे। यहां पर साधुओं ने सबसे पहले कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर पर स्नान किया। समिति द्वारा पिछले लग भग दस साल से इसी तरह शाही स्नान के साथ कपाल मोचन मेले की शुरुआत की जा रही है। महंत अमर दास तपस्वी ने बताया कि जिस तरह से कुंभ मेले की शुरुआत साधुओं के स्नान के बाद होती है उसी तरह कपालमोचन मेले का शु्रभारं साधु प्रवेश शाही स्नान के साथ किया जाता है। संत अकादशी पर पहला स्नान इसलिए करते हैं क्योंकि साधु अपनी जिंदगी में जो तप करते हैं, स्नान करने से उस तप की शक्तियां सरोवरों के पानी में मिल जाती हैं। इससे इन सरोवरों में स्नान करने का महत्व ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि कपालमोचन का न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश में अपना अलग महत्व है। कपालमोचन ऋषि मुनि व तपस्वियों की धरती रही हैं। साधु संतों के अलावा भगवान शिव, श्रीराम, पांडवों व गुरु गोबिंद सिंह जी के अलावा गुरु नानक देव जी ने यहां पर कदम रख कर इस धरती को पवित्र किया है। शाही स्नान करने वालों में बह्रमचारी राम स्वरूप, प्रबंधक बलजीन्द्र दास, बाबा राम बालक दास, राममुनि, दर्शन दास, राजीन्द्र दास, यशम सुदंर दास, बाबा गुरमुख दास, मंहत गोपाल दास, महंत कर्मदास, महंत सीता दास, महंत ज्ञानदास, महंत चरणजीत दास, श्रेष्ठ मुनि दास, प्रतीम दास, स्वर्ण दास, बाबा कमल दास सहित अनेक श्रद्वालु उपस्थित रहे। PC: Pankaj Batra #PBatraBilaspur #YamunanagarHulchul