Monday, August 29, 2016

प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक श्री कपाल मोचन एवं श्री आदिबद्री मेला 2016

प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक श्री कपाल मोचन एवं श्री आदिबद्री मेला 2016 के आयोजन के प्रबंधों बारे जिला सचिवालय के सभाकक्ष में उपायुक्त एवं श्री कपाल मोचन व श्री आदिबद्री श्राईन बोर्ड के मुख्य प्रशासक डा.एस.एस.फूलिया की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मेला प्रशासक नवीन आहूजा ने की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मेले में किए जाने वाले प्रबंधों एवं कार्यों बारे संबंधित अधिकारियों को जिम्मेवारियां सौंपी गई तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 
बैठक में उपायुक्त डा. फूलिया ने बताया कि महर्षि वेद व्यास की कर्मस्थली बिलासपुर में हर वर्ष आयोजित होने वाले प्रसिद्व एवं ऐतिहासिक कपाल मेले का आयोजन इस वर्ष 11 नवम्बर से 14 नवम्बर 2016 तक होगा। कपाल मोचन मेले का मुख्य स्नान कार्तिक पूर्णिमा एवं गुरू नानक जंयती के अवसर पर 14 नवम्बर को होगा। इस स्नान के बाद विभिन्न राज्यों से आए श्रद्वालू एवं यात्री लौटना शुरू कर देगें और उसके बाद लोकल मेला शुरू हो जाएगा जो 15 नवम्बर तक चलेगा। इसलिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेला डयूटी 15 नवम्बर तक रहेगी। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मेला के आयोजन संबंधी सभी प्रकार की तैयारियां अभी से शुरू कर दें तथा सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि मेला आयोजन से पूर्व की जाने वाली तैयारियों एवं प्रबंधों व मेला के दौरान किसी भी प्रकार की तैयारियों में कोताही एवं डयूटी में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई अधिकारी/कर्मचारी अपनी डयूटी में लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला के दिनों में किसी प्रकार की कोई अनहोनी घटना न हो इसके लिए सभी अधिकारी पूरी तरह से सतर्क रहेंगे और जब तक मेला पूरी तरह सम्पन्न न हो तब तक कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी डयूटी में कोताही नहीं बरतेगा, इसीलिए सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी जिनकी डयूटियां भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए मेला क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों में रहेगी उनकी डयूटियां 15 नवम्बर 2016 तक रहेगी। 

उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि मेला के दिनों में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखे और अभी से ही मेला क्षेत्र में स्थित तीनों पवित्र सरोवरों यानि कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर व सूरजकुण्ड सरोवर की सफाई करवाना शुरू करवा दें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र की ओर आने वाले रास्तों एवं सडक़ों की मुरम्मत आदि का कार्य भी समय रहते पूर्ण करवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकार की तैयारियां अच्छी तरह और समय से पहले होनी चाहिए ताकि मेला के दिनों में यात्रियों एवं श्रद्वालुओं को किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मेला प्रबंधों व मेला के दौरान आपसी तालमेल से कार्य करें ताकि गत वर्षों के मुकाबले में इस वर्ष आयोजित होने वाला मेला भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो सके। उपायुक्त डा.एस.एस.फूलिया ने बताया कि इस वर्ष कपाल मोचन मेला में खच्चर मंडी मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा और मेले में गघों, घोडों और खच्चरों की खरीद फरोक्त नहीं होगी क्योंकि घोडों, गघों व खच्चरों में गलैंडर नामक बीमारी फैली हुई है और इसलिए बाहर से कपाल मोचन मेला में गघों, घोडों और खच्चरों आदि के आने पर पांबदी लगाई गई है। 



बिलासपुर के उपमण्डलाधीश एवं मेला कपाल मोचन प्रशासक नवीन आहूजा ने उपायुक्त को विश्वास दिलाया कि मेला कपाल मोचन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और समय से पहले सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि कपाल मोचन मेला क्षेत्र में स्थाई शौचालयों के साथ-साथ अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी करवाया जाएगा और समय रहते तीनों सरोवरों की सही ढंग से सफाई करके उनमें स्वच्छ जल भरा जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. शालीन, नगर निगम के आयुक्त गिरीश अरोड़ा, नगराधीश भारत भूषण कौशिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी गगनदीप सिंह, बिलासपुर के उप पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी जश्नजीत सिंह, बिलासपुर के खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी एवं कपाल मोचन मेला अधिकारी राकेश संधू सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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